Isaiah · chapter 30 · verse 27
Isaiah 30:27 in Hindi
देखो, यहोवा दूर से चला आता है, उसका प्रकोप भड़क उठा है, और धूएं का बादल उठ रहा है; उसके होंठ क्रोध से भरे हुए और उसकी जीभ भस्म करनेवाली आग के समान है।
Dekho, yahovaa door se chalaa aataa hai, usakaa prakop bhadak uthaa hai, aur dhooem kaa baadal uth rahaa hai; usake honth krodh se bhare hue aur usakee jeebh bhasm karanevaalee aag ke samaan hai.
Isaiah 30:27 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, the name of the LORD cometh from far, burning [with] his anger, and the burden [thereof is] heavy: his lips are full of indignation, and his tongue as a devouring fire:
- World English Bible (WEB)
- Behold, the LORD’s name comes from far away, burning with his anger, and in thick rising smoke. His lips are full of indignation. His tongue is as a devouring fire.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, the name of Jehovah cometh from far, burning with his anger, and in thick rising smoke: his lips are full of indignation, and his tongue is as a devouring fire;
- Bible in Basic English (BBE)
- See, the name of the Lord is coming from far, burning with his wrath, with thick smoke going up: his lips are full of passion, and his tongue is like a burning fire:
- Darby Translation (DBY)
- Behold, the name of Jehovah cometh from far, burning [with] his anger — a grievous conflagration; his lips are full of indignation, and his tongue as a consuming fire;
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, the name of the LORD cometh from far, burning [with] his anger, and the burden [of it is] heavy: his lips are full of indignation, and his tongue as a devouring fire:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, the name of Jehovah is coming from far, Burning is His anger, and great the flame, His lips have been full of indignation, And His tongue [is] as a devouring fire.
Read in context
- 25और उस महासंहार के समय जब गुम्मट गिर पड़ेंगे, सब ऊंचे ऊंचे पहाड़ों और पहाड़ियों पर नालियां और सोते पाए जाएंगे।
- 26उस समय यहोवा अपनी प्रजा के लोगों का घाव बान्धेगा और उनकी चोट चंगा करेगा; तब चन्द्रमा का प्रकाश सूर्य का सा, और सूर्य का प्रकाश सातगुना होगा, अर्थात् अठवारे भर का प्रकाश एक दिन में होगा।।
- 27देखो, यहोवा दूर से चला आता है, उसका प्रकोप भड़क उठा है, और धूएं का बादल उठ रहा है; उसके होंठ क्रोध से भरे हुए और उसकी जीभ भस्म करनेवाली आग के समान है।
- 28उसकी सांस ऐसी उमण्डनेवाली नदी के समान है जो गले तक पहुंचती है; वह सब जातियों को नाश के सूप से फटकेगा, और देश देश के लोगों को भटकाने के लिये उनके जभड़ों में लगाम लगाएगा।।
- 29तब तुम पवित्रा पर्व की रात का सा गीत गाओगे, और जैसा लोग यहोवा के पर्वत की ओर उस से मिलने को, जो इस्राएल की चट्टान है, बांसुली बजाते हुए जाते हैं, वैसे ही तुम्हारे मन में भी आनन्द होगा।
Cross references
- Zephaniah 3:8 सपन्याह 3:8इस कारण यहोवा की यह वाणी है, कि जब तक मैं नाश करने को न उठूं, तब तक तुम मेरी बाट जोहते रहो। मैं ने यह ठाना है कि जाति- जाति के और राज्य- राज्य के लोगों को मैं इकट्ठा करूं, कि उन पर अपने क्रोध की आग पूरी रीति से भड़काऊं; क्योंकि सारी पृथ्वी मेरी जलन की आग से भस्म हो जाएगी।।
- 2 Thessalonians 2:8 2 थिस्सलुनीकियों 2:8तब वह अधर्मी प्रगट होगा, जिसे प्रभु यीशु अपने मुंह को फंूक से मार डालेगा, और अपने आगमन के तेज से भस्म करेगा।
- Isaiah 33:12 यशायाह 33:12देश देश के लोग फूंके हुए चूने के सामान हो जाएंगे, और कटे हुए कटीले पेड़ों की नाई आग में जलाए जाएंगे।।
- Psalm 18:7–9 भजन संहिता 18:7–9तब पृथ्वी हिल गई, और कांप उठी और पहाड़ों की नेवे कंपित होकर हिल गई क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था। उसके नथनों से धुआं निकला, और उसके मुंह से आग निकलकर भस्म करने लगी; जिस से कोएले दहक उठे। और वह स्वर्ग को नीचे झुकाकर उतर आया; और उसके पांवों तले घोर अन्धकार था।
- Isaiah 34:9 यशायाह 34:9और एदोम की नदियां राल से और उसकी मिट्टी गन्धक से बदल जाएगी; उसकी भूमि जलती हुई राल बन जाएगी।
- Isaiah 10:16–17 यशायाह 10:16–17इस कारण प्रभु अर्थात् सेनाओं का प्रभु उस राजा के हृष्टपुष्ट योद्धाओं को दुबला कर देगा, और उसके ऐश्वर्य के नीचे आग की सी जलन होगी। इस्राएल की ज्योति तो आग ठहरेगी, और इस्राएल का पवित्रा ज्वाला ठहरेगा; और वह उसके झाड़ झंखार को एक ही दीन में भस्म करेगा।
- Deuteronomy 33:2 व्यवस्थाविवरण 33:2उस ने कहा, यहोवा सीनै से आया, और सेईर से उनके लिये उदय हुआ; उस ने पारान पर्वत पर से अपना तेज दिखाया, और लाखों पवित्रों के मध्य में से आया, उसके दहिने हाथ से उनके लिये ज्वालामय विधियां निकलीं।।
- Psalm 79:5 भजन संहिता 79:5हे यहोवा, तू कब तक लगातार क्रोध करता रहेगा? तुझ में आग की सी जलन कब तक भड़कती रहेगी?
- Isaiah 59:19 यशायाह 59:19तब पश्चिम की ओर लोग यहोवा के नाम का, और पूर्व की ओर उसकी महिमा का भय मानेंगे; क्योंकि जब शत्रु महानद की नाईं चढ़ाई करेंगे तब यहोवा का आत्मा उसके विरूद्ध झण्डा खड़ा करेगा।।
- Isaiah 66:14 यशायाह 66:14तुम यह देखोगे और प्रफुल्लित होगे; तुम्हारी हड्डियां घास की नाईं हरी भरी होंगी; और यहोवा का हाथ उसके दासों के लिये प्रगट होगा, और, उसके शत्रुओं के ऊपर उसका क्रोध भड़केगा॥
- Hebrews 12:29 इब्रानियों 12:29क्योंकि हमारा परमेश्वर भस्म करनेवाली आग है।।
- Nahum 1:5–6 नहूम 1:5–6उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाड़ियां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहनेवालों समेत थरथरा उठता है।। उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
Original words (Hebrew)
- name · H8034שֵׁם shêm
- cometh · H935בּוֹא bôwʼ
- far · H4801מֶרְחָק merchâq
- burning · H1197בָּעַר bâʻar
- anger · H639אַף ʼaph
- burden · H4858מַשָּׂאָה massâʼâh
- heavy · H3514כֹּבֶד kôbed
- lips · H8193שָׂפָה sâphâh
- full · H4390מָלֵא mâlêʼ
- indignation · H2195זַעַם zaʻam
- tongue · H3956לָשׁוֹן lâshôwn
- devouring · H398אָכַל ʼâkal
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh