Psalms · chapter 18 · verse 7
Psalm 18:7 in Hindi
तब पृथ्वी हिल गई, और कांप उठी और पहाड़ों की नेवे कंपित होकर हिल गई क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।
Tab pruthvee hil gaee, aur kaamp uthee aur pahaadom kee neve kampit hokar hil gaee kyonki vah ati krodhit huaa thaa.
Psalm 18:7 in English
- King James Version (KJV)
- Then the earth shook and trembled; the foundations also of the hills moved and were shaken, because he was wroth.
- World English Bible (WEB)
- Then the earth shook and trembled. The foundations also of the mountains quaked and were shaken, because he was angry.
- American Standard Version (ASV)
- Then the earth shook and trembled; The foundations also of the mountains quaked And were shaken, because he was wroth.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then trouble and shock came on the earth; and the bases of the mountains were moved and shaking, because he was angry.
- Darby Translation (DBY)
- Then the earth shook and quaked, and the foundations of the mountains trembled and shook, because he was wroth.
- Webster's Bible (WBS)
- Then the earth shook and trembled; the foundations also of the hills moved and were shaken, because he was wroth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And shake and tremble doth the earth, And foundations of hills are troubled, And they shake — because He hath wrath.
Read in context
- 5पाताल की रस्सियां मेरे चारो ओर थीं, और मृत्यु के फन्दे मुझ पर आए थे।
- 6अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा; मैं ने अपने परमेश्वर को दोहाई दी। और उस ने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।।
- 7तब पृथ्वी हिल गई, और कांप उठी और पहाड़ों की नेवे कंपित होकर हिल गई क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।
- 8उसके नथनों से धुआं निकला, और उसके मुंह से आग निकलकर भस्म करने लगी; जिस से कोएले दहक उठे।
- 9और वह स्वर्ग को नीचे झुकाकर उतर आया; और उसके पांवों तले घोर अन्धकार था।
Cross references
- Acts 4:31 प्रेरितों के काम 4:31जब वे प्रार्थना कर चुके, तो वह स्थान जहां वे इकट्ठे थे हिल गया, और वे सब पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण हो गए, और परमेश्वर का वचन हियाव से सुनाते रहे।।
- Psalm 68:7–8 भजन संहिता 68:7–8हे परमेश्वर, जब तू अपनी प्रजा के आगे आगे चलता था, जब तू निर्जल भूमि में सेना समेत चला, तब पृथ्वी कांप उठी, और आकाश भी परमेश्वर के साम्हने टपकने लगा, उधर सीनै पर्वत परमेश्वर, हां इस्राएल के परमेश्वर के साम्हने कांप उठा।
- Ezekiel 38:19–20 यहेजकेल 38:19–20और मैं ने जलजलाहट और क्रोध की आग में कहा कि निेसन्देह उस दिन इस्राएल के देश में बड़ा भुईडोल होगा। और मेरे दर्शन से समुद्र की मछलियां और आकाश के पक्षी, मैदान के पशु और भूमि पर जितने जीवजन्तु रेंगते हैं, और भूमि के ऊपर जितने मनुष्य रहते हैं, सब कांप उठेंगे; और पहाड़ गिराए जाएंगे; और चढ़ाइयां नाश होंगी, और सब भीतें गिरकर मिट्टी में मिल जाएंगी।
- Acts 16:25–26 प्रेरितों के काम 16:25–26आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और बन्धुए उन की सुन रहे थे। कि इतने में एकाएक बड़ा भुईडोल हुआ, यहां तक कि बन्दीगृह की नेव हिल गईं, और तुरन्त सब द्वार खुल गए; और सब के बन्धन खुल पड़े।
- Jeremiah 4:24 यिर्मयाह 4:24मैं ने पहाड़ों को देखा, मे हिल रहे थे, और सब पहाड़ियों को कि वे डोल रही थीं।
- Deuteronomy 32:22 व्यवस्थाविवरण 32:22क्योंकि मेरे कोप की आग भड़क उठी है, जो पाताल की तह तक जलती जाएगी, और पृथ्वी अपनी उपज समेत भस्म हो जाएगी, और पहाड़ों की नेवों में भी आग लगा देगी।।
- Judges 5:4 न्यायियों 5:4हे यहोवा, जब तू सेईर से निकल चला, जब तू ने एदोम के देश से प्रस्थान किया, तब पृथ्वी डोल उठी, और आकाश टूट पड़ा, बादल से भी जल बरसने लगा।।
- 1 Corinthians 13:2 1 कुरिन्थियों 13:2और यदि मैं भविष्यद्वाणी कर सकूं, और सब भेदों और सब प्रकार के ज्ञान को समझूं, और मुझे यहां तक पूरा विश्वास हो, कि मैं पहाड़ों को हटा दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मैं कुछ भी नहीं।
- Matthew 28:2 मत्ती 28:2और देखो एक बड़ा भुईंडोल हुआ, क्योंकि प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया।
- Psalm 114:4–7 भजन संहिता 114:4–7पहाड़ मेढ़ों की नाईं उछलने लगे, और पहाड़ियां भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलने लगीं।। हे समुद्र, तुझे क्या हुआ, कि तू भागा? और हे यर्दन तुझे क्या हुआ, कि तू उलठी बही? हे पहाड़ों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़ों की नाईं, और हे पहाड़ियों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलीं? हे पृथ्वी प्रभु के साम्हने, हां याकूब के परमेश्वर के साम्हने थरथरा।
- Habakkuk 3:6 हबक्कूक 3:6वह खड़ा होकर पृथ्वी को नाप रहा था; उस ने देखा और जाति जाति के लोग घबरा गए; तब सनातन पर्वत चकनाचूर हो गए, और सनातन की पहाड़ियां झुक गई उसकी गति अनन्त काल से एक सी है।
- Zechariah 14:4 जकर्याह 14:4और उस समय वह जलपाई के पर्वत पर पांव धरेगा, जो पूरब ओर यरूशलेम के साम्हने है; तब जलपाई का पर्वत पूरब से लेकर पच्छिम तक बीचोबीच से फटकर बहुत बड़ा खड्ड हो जाएगा; तब आधा पर्वत उत्तर की ओर और आधा दक्खिन की ओर हट जाएगा।