Isaiah · chapter 32 · verse 16
Isaiah 32:16 in Hindi
तब उस जंगल में न्याय बसेगा, और उस फलदायक बारी में धर्म रहेगा।
Tab us jangal mem nyaay basegaa, aur us phaladaayak baaree mem dharm rahegaa.
Isaiah 32:16 in English
- King James Version (KJV)
- Then judgment shall dwell in the wilderness, and righteousness remain in the fruitful field.
- World English Bible (WEB)
- Then justice will dwell in the wilderness; and righteousness will remain in the fruitful field.
- American Standard Version (ASV)
- Then justice shall dwell in the wilderness; and righteousness shall abide in the fruitful field.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then in the waste land there will be an upright rule, and righteousness will have its place in the fertile field.
- Darby Translation (DBY)
- And judgment shall inhabit the wilderness, and righteousness dwell in the fruitful field.
- Webster's Bible (WBS)
- Then judgment shall dwell in the wilderness, and righteousness remain in the fruitful field.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And dwelt in the wilderness hath judgment, And righteousness in the fruitful field remaineth.
Read in context
- 14क्योंकि राजभवन त्यागा जाएगा, कोलाहल से भरा नगर सुनसान हो जाएगा और पहाड़ी और उन पर के पहरूओं के घर सदा के लिये मांदे और जंगली गदहों को विहारस्थान और घरैलू पशुओं की चराई उस समय तक बने रहेंगे
- 15जब तक आत्मा ऊपर से हम पर उण्डेला न जाए, और जंगल फलदायक बारी न बने, और फलदायक बारी फिर वन न गिनी जाए।
- 16तब उस जंगल में न्याय बसेगा, और उस फलदायक बारी में धर्म रहेगा।
- 17और धर्म का फल शांति और उसका परिणाम सदा का चैन और निश्चिन्त रहना होगा।
- 18मेरे लोग शान्ति के स्थानों में निश्चिन्त रहेंगे, और विश्राम के स्थानों में सुख से रहेंगे।
Cross references
- 1 Corinthians 6:9–11 1 कुरिन्थियों 6:9–11क्या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे? धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूत्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्चे, न पुरूषगामी। न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देनेवाले, न अन्धेर करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे। और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्रा हुए और धर्मी ठहरे।।
- Isaiah 56:6–8 यशायाह 56:6–8परदेशी भी जो यहोवा के साथ इस इच्छा से मिले हुए हैं कि उसकी सेवा टहल करें और यहोवा के नाम से प्रीति रखें और उसके दास हो जाएं, जितने विश्रामदिन को अपवित्रा करने से बचे रहते और मेरी वाचा को पालते हैं, उनको मैं अपने पवित्रा पर्वत पर ले आकर अपने प्रार्थना के भवन में आनन्दित करूंगा; उनके होमबलि और मेलबलि मेरी वेदी पर ग्रहण किए जाएंगे; क्योंकि मेरा भवन सब देशों के लोगों के लिये प्रार्थना का घर कहलाएगा। प्रभु यहोवा, जो निकाले हुए इस्राएलियों को इकट्ठे करनेवाला है, उसकी यह वाणी है कि जो इकट्ठे किए गए हैं उनके साथ मैं औरों को भी इकट्ठे करके मिला दूंगा।।
- Isaiah 60:21 यशायाह 60:21और तेरे लोग सब के सब धर्मी होंगे; वे सर्वदा देश के अधिकारी रहेंगे, वे मेरे लगाए हुए पौधे और मेरे हाथों का काम ठहरेंगे, जिस से मेरी महिमा प्रगट हो।
- 1 Peter 2:9–12 1 पतरस 2:9–12पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज- पदधारी, याजकों का समाज, और पवित्रा लोग, और ( परमेश्वर की ) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिस ने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।। हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जानकर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो। अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जानकर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देखकर; उन्हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।।
- Hosea 3:5 होशे 3:5उसके बाद वे अपने परमेश्वर यहोवा और अपने राजा दाऊद को फिर ढूंढ़ने लगेंगे, और अन्त के दिनों में यहोवा के पास, और उसी उत्तम वस्तुओं के लिये थरथराते हुए आएंगे।।
- Isaiah 42:4 यशायाह 42:4वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जाहेंगे।।
- Titus 2:11–12 तीतुस 2:11–12क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह प्रगट है, जो सब मनुष्यों के उद्धार का कारण है। और हमें चिताता है, कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं।
- Isaiah 35:8 यशायाह 35:8और वहां एक सड़क अर्थात् राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्रा मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे।
- 1 Peter 4:1–4 1 पतरस 4:1–4सो जब कि मसीह ने शरीर में होकर दुख उठाया तो तुम भी उस ही मनसा को धारण करके हथियार बान्ध लो क्योंकि जिस शरीर में दुख उठाया, वह पाप से छूट गया। ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं बरन परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो। क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ। इस से वे अचम्भा करते हैं, कि तुम ऐसे भारी लुचपन में उन का साथ नहीं देते, और इसलिये वे बुरा भला कहते हैं।
- Psalm 94:14–15 भजन संहिता 94:14–15क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा को न तजेगा, वह अपने निज भाग को न छोड़ेगा; परन्तु न्याय फिर धर्म के अनुसार किया जाएगा, और सारे सीधे मनवाले उसके पीछे पीछे हो लेंगे।।