Isaiah · chapter 32 · verse 14
Isaiah 32:14 in Hindi
क्योंकि राजभवन त्यागा जाएगा, कोलाहल से भरा नगर सुनसान हो जाएगा और पहाड़ी और उन पर के पहरूओं के घर सदा के लिये मांदे और जंगली गदहों को विहारस्थान और घरैलू पशुओं की चराई उस समय तक बने रहेंगे
Kyonki raajabhavan tyaagaa jaaegaa, kolaahal se bharaa nagar sunasaan ho jaaegaa aur pahaadee aur un par ke paharooom ke ghar sadaa ke liye maande aur jangalee gadahom ko vihaarasthaan aur gharailoo pashuom kee charaaee us samay tak bane rahenge
Isaiah 32:14 in English
- King James Version (KJV)
- Because the palaces shall be forsaken; the multitude of the city shall be left; the forts and towers shall be for dens for ever, a joy of wild asses, a pasture of flocks;
- World English Bible (WEB)
- For the palace will be forsaken. The populous city will be deserted. The hill and the watchtower will be for dens forever, a delight for wild donkeys, a pasture of flocks,
- American Standard Version (ASV)
- For the palace shall be forsaken; the populous city shall be deserted; the hill and the watch-tower shall be for dens for ever, a joy of wild asses, a pasture of flocks;
- Bible in Basic English (BBE)
- For the fair houses will have no man living in them; the town which was full of noise will become a waste; the hill and the watchtower will be unpeopled for ever, a joy for the asses of the woods, a place of food for the flocks;
- Darby Translation (DBY)
- For the palace shall be deserted, the multitude of the city shall be forsaken; hill and watchtower shall be caves for ever, a joy of wild asses, a pasture of flocks;
- Webster's Bible (WBS)
- Because the palaces shall be forsaken; the multitude of the city shall be left; the forts and towers shall be for dens for ever, a joy of wild asses, a pasture of flocks;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Surely the palace hath been left, The multitude of the city forsaken, Fort and watch-tower hath been for dens unto the age, A joy of wild asses — a pasture of herds;
Read in context
- 12वे मनभाऊ खेतों और फलवन्त दाखलताओं के लिये छाती पीटेंगी।
- 13मेरे लागों के वरन प्रसन्न नगर के सब हर्ष भरे घरों में भी भांति भांति के कटीले पेड़ उपजेंगे।
- 14क्योंकि राजभवन त्यागा जाएगा, कोलाहल से भरा नगर सुनसान हो जाएगा और पहाड़ी और उन पर के पहरूओं के घर सदा के लिये मांदे और जंगली गदहों को विहारस्थान और घरैलू पशुओं की चराई उस समय तक बने रहेंगे
- 15जब तक आत्मा ऊपर से हम पर उण्डेला न जाए, और जंगल फलदायक बारी न बने, और फलदायक बारी फिर वन न गिनी जाए।
- 16तब उस जंगल में न्याय बसेगा, और उस फलदायक बारी में धर्म रहेगा।
Cross references
- Isaiah 27:10 यशायाह 27:10क्योंकि गढ़वाला नगर निर्जन हुआ है, वह छोड़ी हुई बस्ती के समान निर्जन और जंगल हो गया है; वहां बछड़े चरेंगे और वहीं बैठेंगे, और पेड़ों की डालियों की फुनगी को खो लेंगे।
- Isaiah 25:2 यशायाह 25:2तू ने नगर को डीह, और उस गढ़वाले नगर को खण्डहर कर डाला है; तू ने परदेशियों की राजपुरी को ऐसा उजाड़ा कि वह नगर नहीं रहा; वह फिर कभी बसाया न जाएगा।
- Isaiah 24:10 यशायाह 24:10गड़बड़ी मचानेवाली नगरी नाश होगी, उसका हर एक घर ऐसा बन्द किया जाएगा कि कोई पैठ न सकेगा।
- Isaiah 24:12 यशायाह 24:12नगर उजाड़ ही उजाड़ रहेगा, और उसके फाटक तोड़कर नाश किए जाएंगे।
- 2 Kings 25:9 2 राजा 25:9और उस ने यहोवा के भवन और राजभवन और यरूशलेम के सब घरों को अर्थात् हर एक बड़े घर को आग लगाकर फूंक दिया।
- Psalm 104:11 भजन संहिता 104:11उन से मैदान के सब जीव- जन्तु जल पीते हैं; जंगली गदहे भी अपनी प्यास बुझा लेते हैं।
- Isaiah 5:9 यशायाह 5:9सेनाओं के यहोवा ने मेरे सुनते कहा है: निश्चय बहुत से घर सुनसान हो जाएंगे, और बड़ें बड़े और सुन्दर घर निर्जन हो जाएंगे।
- Isaiah 34:11–17 यशायाह 34:11–17उस में धनेशपक्षी और साही पाए जाएंगे और वह उल्लू और कौवे का बसेरा होगा। वह उस पर गड़बड़ की डोरी और सुनसानी का साहूल तानेगा। वहां न तो रईस होंगे और न ऐसा कोई होगा जो राज्य करने को ठहराया जाए; उसके सब हाकिमों का अन्त होगा।। उसके महलों में कटीले पेड़, गढ़ों में बिच्छू पौधे और झाड़ उगेंगे। वह गीदड़ों का वासस्थान और शुतुर्मुगों का आंगन हो जाएगा। वहां निर्जल देश के जन्तु सियारों के संग मिलकर बसेंगे और रोंआर जन्तु एक दूसरे को बुलाएंगे; वहां लीलीत नाम जन्तु वासस्थान पाकर चैन से रहेगा।। वहां उड़नेवाली सांपिन का बिल होगा; वे अण्डे देकर उन्हें सेवेंगी और अपनी छाया में बटोर लेंगी; वहां गिद्ध अपनी साथिन के साथ इकट्ठे रहेंगे। यहोवा की पुस्तक से ढूंढ़कर पढ़ो इन में से एक भी बात बिना पूरा हुए न रहेगी; कोई बिना जोड़ा न रहेगा। क्योंकि मैं ने अपने मुंह से यह आज्ञा दी है और उसी की आत्मा ने उन्हें इकट्ठा किया है। उसी ने उनके लिये चिट्ठी डाली, उसी ने अपने हाथ से डोरी डालकर उस दंश को उनके लिये बांट दिया है; वह सर्वदा उनका ही बना रहेगा और वे पीढ़ी से पीढ़ी तब उस में बसे रहेंगे।।
- Revelation 18:2–3 प्रकाशितवाक्य 18:2–3उस ने ऊंचे शबद से पुकारकर कहा, कि गिर गया बड़ा बाबुल गिर गया है: और दुष्टात्माओ का निवास, और हर एक अशुद्ध आत्मा का अड्डा, और एक अशुद्ध और घृणित पक्षी का अड्डा हो गया। क्योंकि उसके व्यभिचार के भयानक मदिरा के कारण सब जातियां गिर गई हैं, और पृथ्वी के राजाओं ने उसके साथ व्यभिचार किया है; और पृथ्वी के व्यापारी उसके सुख- विलास की बहुतायत के कारण धनवान हुए हैं।
- Luke 21:24 लूका 21:24वे तलवार के कौर हो जाएंगे, और सब देशों के लोगों में बन्धुए होकर पहुंचाए जाएंगे, और जब तक अन्य जातियों का समय पूरा न हो, तब तक यरूशलेम अन्य जातियों से रौंदा जाएगा।
- Isaiah 13:19–22 यशायाह 13:19–22और बाबुल जो सब राज्यों का शिरोमणि है, और जिसकी शोभा पर कसदी लोग फूलते हैं, वह ऐसा हो जाएगा जैसे सदोम और अमोरा, जब परमेश्वर ने उन्हें उलट दिया था। वह फिर कभी न बसेगा और युग युग उस में कोई वास न करेगा; अरबी लोग भी उस में डेरा खड़ा न करेंगे, और न चरवाहे उस में अपने पशु बैठाएंगे। वहां जंगली जन्तु बैठेंगे, और उल्लू उनके घरों में भरे रहेंगे; वहां शुतुर्मुर्ग बसेंगे, और छगलमानस वहां नाचेंगे। उस नगर के राज- भवनों में हुंडार, और उसके सुख- विलास के मन्दिरों में गीदड़ बोला करेंगे; उसके नाश होने का समय निकट आ गया है, और उसके दिन अब बहुत नहीं रहे।।
- Isaiah 24:1–3 यशायाह 24:1–3सुनों, यहोवा पृथ्वी को निर्जन और सुनसान करने पर है, वह उसको उलटकर उसके रहनेवालों को तितर बितर करेग। और जैसी यजमान की वैसी याजक की; जैसी दास की वैसी स्वमी की; जैसी दासी की वैसी स्वामिनी की; जैसी लेनेवाले की वैसी बेचनेवाले की; जैसी उधार देनेवाले की वैसी उधार लेनेवाले की; जैसी ब्याज लेनेवाले की वैसी ब्याज देनेवाले की; सभों की एक ही दशा होगी। पृथ्वी शून्य और सत्यानाश हो जाएगी; क्योंकि यहोवा ही ने यह कहा है।।
Original words (Hebrew)
- palaces · H759אַרְמוֹן ʼarmôwn
- forsaken · H5203נָטַשׁ nâṭash
- multitude · H1995הָמוֹן hâmôwn
- city · H5892עִיר ʻîyr
- left · H5800עָזַב ʻâzab
- forts · H6076עֹפֶל ʻôphel
- towers · H975בַּחַן bachan
- dens · H4631מְעָרָה mᵉʻârâh
- for · H5704עַד ʻad
- ever · H5769עוֹלָם ʻôwlâm
- joy · H4885מָשׂוֹשׂ mâsôws
- asses · H6501פֶּרֶא pereʼ
- pasture · H4829מִרְעֶה mirʻeh
- flocks · H5739עֵדֶר ʻêder