Isaiah · chapter 32 · verse 19
Isaiah 32:19 in Hindi
और वन के विनाश के समय ओले गिरेंगे, और नगर पूरी रीति से चौपट हो जाएगा।
Aur van ke vinaash ke samay ole girenge, aur nagar pooree reeti se chaupat ho jaaegaa.
Isaiah 32:19 in English
- King James Version (KJV)
- When it shall hail, coming down on the forest; and the city shall be low in a low place.
- World English Bible (WEB)
- though hail flattens the forest, and the city is leveled completely.
- American Standard Version (ASV)
- But it shall hail in the downfall of the forest; and the city shall be utterly laid low.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the tall trees will come down with a great fall, and the town will be low in a low place.
- Darby Translation (DBY)
- And it shall hail, coming down on the forest; and the city shall be low in a low place.
- Webster's Bible (WBS)
- When it shall hail, coming down on the forest; and the city shall be low in a low place.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it hath hailed in the going down of the forest, And in the valley is the city low.
Read in context
- 17और धर्म का फल शांति और उसका परिणाम सदा का चैन और निश्चिन्त रहना होगा।
- 18मेरे लोग शान्ति के स्थानों में निश्चिन्त रहेंगे, और विश्राम के स्थानों में सुख से रहेंगे।
- 19और वन के विनाश के समय ओले गिरेंगे, और नगर पूरी रीति से चौपट हो जाएगा।
- 20क्या ही धन्य हो तुम जो सब जलाशयों के पास बीच बोते, और बैलों और गदहों को स्वतन्त्राता से चराते हो।।
Cross references
- Isaiah 28:17 यशायाह 28:17और मैं न्याय की डोरी और धर्म को साहुल ठहराऊंगा; और तुम्हारा झूठ का शरणस्थान ओलों से बह जाएगा, और तुम्हारे छिपने का स्थान जल से डूब जाएगा।
- Isaiah 28:2 यशायाह 28:2देखो, प्रभु के पास एक बलवन्त और समर्थी है जो ओले की वर्षा वा उजाड़नेवाली आंधी या बाढ़ की प्रचण्ड धार की नाई है वह उसको कठोरता से भूमि पर गिरा देगा।
- Isaiah 26:5 यशायाह 26:5वह ऊंचे पदवाले को झुका देता, जो नगर ऊंचे पर बसा है उसको वह नीचे कर देता। वह उसको भूमि पर गिराकर मिट्टी में मिला देता है।
- Isaiah 30:30 यशायाह 30:30और यहोवा अपनी प्रतापीवाणी सुनाएगा, और अपना क्रोध भड़काता और आग की लौ से भस्म करता हुआ, और प्रचण्ड आन्धी और अति वर्षा और ओलों के साथ अपना भुजबल दिखाएगा।
- Zechariah 11:2 जकर्याह 11:2हे सनौबरों, हाय, हाय, करो! क्योंकि देवदार गिर गया है और बड़े से बड़े वृक्ष नाश हो गए हैं! हे बाशा के बांज वृक्षों, हाय, हाय, करो! क्योंकि अगम्य वन काटा गया है!
- Isaiah 10:19 यशायाह 10:19उस वन के वृक्ष इतने थोड़े रह जाएंगे कि लड़का भी उनको गिन कर लिख लेगा।।
- Revelation 18:21 प्रकाशितवाक्य 18:21फिर एक बलवन्त स्वर्गदूत ने बड़ी चक्की के पाअ के समान एक पत्थर उठाया, और यह कहकर समुद्र में फेंक दिया, कि बड़ा नगर बाबुल ऐसे ही बड़े बल से गिराया जाएगा, और फिर कभी उसका पता न मिलेगा।
- Exodus 9:18–26 निर्गमन 9:18–26सुन, कल मैं इसी समय ऐसे भारी भारी ओले बरसाऊंगा, कि जिन के तुल्य मि की नेव पड़ने के दिन से लेकर अब तक कभी नहीं पड़े। सो अब लोगों को भेजकर अपने पशुओं को अपने मैदान में जो कुछ तेरा है सब को फुर्ती से आड़ में छिपा ले; नहीं तो जितने मनुष्य वा पशु मैदान में रहें और घर में इकट्ठे न किए जाएं उन पर ओले गिरेंगे, और वे मर जाएंगे। इसलिये फिरौन के कर्मचारियों में से जो लोग यहोवा के वचन का भय मानते थे उन्हों ने तो अपने अपने सेवकों और पशुओं को घर में हाँक दिया। पर जिन्हों ने यहोवा के वचन पर मन न लगाया उन्हों ने अपने सेवकों और पशुओं को मैदान में रहने दिया।। तक यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ आकाश की ओर बढ़ा, कि सारे मि देश के मनुष्यों पशुओं और खेतों की सारी उपज पर ओले गिरें। तब मूसा ने अपनी लाठी को आकाश की ओर उठाया; और यहोवा मेघ गरजाने और ओले बरसाने लगा, और आग पृथ्वी तक आती रही। इस प्रकार यहोवा ने मि देश पर ओले बरसाए। जो ओले गिरते थे उनके साथ आग भी मिली हुई थी, और वे ओले इतने भारी थे कि जब से मि देश बसा था तब से मि भर में ऐसे ओले कभी न गिरे थे। इसलिये मि भर के खेतों में क्या मनुष्य, क्या पशु, जितने थे सब ओलों से मारे गए, और ओलों से खेत की सारी उपज नष्ट हो गई, और मैदान के सब वृक्ष टूट गए। केवल गोशेन देश में जहां इस्राएली बसते थे ओले नहीं गिरे।
- Isaiah 25:4 यशायाह 25:4क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका भीत पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।
- Isaiah 24:10 यशायाह 24:10गड़बड़ी मचानेवाली नगरी नाश होगी, उसका हर एक घर ऐसा बन्द किया जाएगा कि कोई पैठ न सकेगा।
- Isaiah 14:22–23 यशायाह 14:22–23सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है कि मैं उनके विरूद्ध उठूंगा, और बाबुल का नाम और निशान मिटा डालूंगा, और बेटों- पोतों को काट डालूंगा, यहोवा की यही वाणी है। मैं उसको साही की मान्द और जल की झीलें कर दूंगा, और मैं उसे सत्यानाश के झाडू से झाड़ डालूंगा, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।।
- Nahum 1:1 नहूम 1:1नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।।