Isaiah · chapter 32 · verse 20
Isaiah 32:20 in Hindi
क्या ही धन्य हो तुम जो सब जलाशयों के पास बीच बोते, और बैलों और गदहों को स्वतन्त्राता से चराते हो।।
Kyaa hee dhany ho tum jo sab jalaashayom ke paas beech bote, aur bailom aur gadahom ko svatantraataa se charaate ho..
Isaiah 32:20 in English
- King James Version (KJV)
- Blessed [are] ye that sow beside all waters, that send forth [thither] the feet of the ox and the ass.
- World English Bible (WEB)
- Blessed are you who sow beside all waters, who send out the feet of the ox and the donkey.
- American Standard Version (ASV)
- Blessed are ye that sow beside all waters, that send forth the feet of the ox and the ass.
- Bible in Basic English (BBE)
- Happy are you who are planting seed by all the waters, and sending out the ox and the ass.
- Darby Translation (DBY)
- Blessed are ye that sow beside all waters, that send forth the feet of the ox and the ass.
- Webster's Bible (WBS)
- Blessed [are] ye that sow beside all waters, that send forth [thither] the feet of the ox and the ass.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Happy [are] ye sowing by all waters, Sending forth the foot of the ox and the ass!
Read in context
- 18मेरे लोग शान्ति के स्थानों में निश्चिन्त रहेंगे, और विश्राम के स्थानों में सुख से रहेंगे।
- 19और वन के विनाश के समय ओले गिरेंगे, और नगर पूरी रीति से चौपट हो जाएगा।
- 20क्या ही धन्य हो तुम जो सब जलाशयों के पास बीच बोते, और बैलों और गदहों को स्वतन्त्राता से चराते हो।।
Cross references
- Ecclesiastes 11:1 सभोपदेशक 11:1अपनी रोटी जल के ऊपर डाल दे, क्योंकि बहुत दिन के बाद तू उसे फिर पाएगा।
- Isaiah 30:23–24 यशायाह 30:23–24और वह तुम्हारे लिये जल बरसाएगा कि तुम खेत में बीज बो सको, और भूमि की उपज भी उत्तम और बहुतायत से होगी। उस समय तुम्हारे जानवरों को लम्बी- चौड़ी चराई मिलेगी। और बैल और गदहे जो तुम्हारी खेती के काम में आएंगे, वे सूप और डलिया से फटका हुआ स्वादिष्ट चारा खाएंगे।
- Isaiah 55:10–11 यशायाह 55:10–11जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोलनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है, उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सुफल करेगा।।
- Acts 5:14 प्रेरितों के काम 5:14और विश्वास करनेवाले बहुतेरे पुरूष और स्त्रियां प्रभु की कलीसिया में और भी अधिक आकर मिलते रहे।)
- 1 Corinthians 9:9–11 1 कुरिन्थियों 9:9–11क्या व्यवस्था भी यही नहीं कहती? क्योंकि मूसा की व्यवस्था में लिखा है कि दांए में चलते हुए बैल का मुंह न बान्धना: क्या परमेश्वर बैलों ही की चिन्ता करता है? या विशेष करके हमारे लिये कहता है। हां, हमारे लिये ही लिखा गया, क्योंकि उचित है, कि जातनेवाला आशा से जोते, और दावनेवाला भागी होने की आशा से दावनी करे। सो जब कि हम ने तुम्हारे लिये आत्मिक वस्तुएं बोई, तो क्या यह कोई बड़ी बात है, कि तुम्हारी शारीरिक वस्तुओं की फसल काटें।
- Isaiah 19:5–7 यशायाह 19:5–7और समुद्र का जल सूख जाएगा, और महानदी सूख कर खाली हो जाएगी; और नाले बसाने लगेंगे, और मि की नहरें भी सूख जाएंगी, और नरकट और हूगले कुम्हला जाएंगे। नील नदी के तीर पर के कछार की घास, और जो कुछ नील नदी के पास बोया जाएगा वह सूखकर नष्ट हो जाएगा, और उसका पता तक न लगेगा।
- 1 Corinthians 3:6 1 कुरिन्थियों 3:6मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया।
- James 3:18 याकूब 3:18और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।
- Acts 2:41 प्रेरितों के काम 2:41सो जिन्हों ने उसका वचन ग्रहण किया उन्हों ने बपतिस्मा लिया; और उसी दिन तीन हजार मनुष्यों के लगभग उन में मिल गए।
- Acts 4:4 प्रेरितों के काम 4:4परन्तु वचन के सुननेवालों में से बहुतों ने विश्वास किया, और उन की गिनती पांच हजार पुरूषों के लगभग हो गई।।