Isaiah · chapter 33 · verse 6
Isaiah 33:6 in Hindi
और उद्धार, बुद्धि और ज्ञान की बहुतायत तेरे दिनों का आधार होगी; यहोवा का भय उसका धन होगा।।
Aur uddhaar, buddhi aur jnyaan kee bahutaayat tere dinom kaa aadhaar hogee; yahovaa kaa bhay usakaa dhan hogaa..
Isaiah 33:6 in English
- King James Version (KJV)
- And wisdom and knowledge shall be the stability of thy times, [and] strength of salvation: the fear of the LORD [is] his treasure.
- World English Bible (WEB)
- There will be stability in your times, abundance of salvation, wisdom, and knowledge. The fear of the LORD is your treasure.
- American Standard Version (ASV)
- And there shall be stability in thy times, abundance of salvation, wisdom, and knowledge: the fear of Jehovah is thy treasure.
- Bible in Basic English (BBE)
- And she will have no more fear of change, being full of salvation, wisdom, and knowledge: the fear of the Lord is her wealth.
- Darby Translation (DBY)
- and he shall be the stability of thy times, the riches of salvation, wisdom and knowledge: the fear of Jehovah shall be your treasure.
- Webster's Bible (WBS)
- And wisdom and knowledge shall be the stability of thy times, [and] strength of salvation: the fear of the LORD [is] his treasure.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And hath been the stedfastness of thy times, The strength of salvation, wisdom, and knowledge, Fear of Jehovah — it [is] His treasure.
Read in context
- 4और जैसे टिडि्डयां चट करती हैं वैसे ही तुम्हारी लूट चट की जाएगी, और जैसे टिडि्डयां टूट पड़ती हैं, वैसे ही वे उस पर टूट पड़ेंगे।।
- 5यहोवा महान हुआ है, वह ऊंचे पर रहता है; उस ने सिरयोन को न्याय और धर्म से परिपूर्ण किया है;
- 6और उद्धार, बुद्धि और ज्ञान की बहुतायत तेरे दिनों का आधार होगी; यहोवा का भय उसका धन होगा।।
- 7देख, उनके शूरवीर बाहर चिल्ला रहे हैं; संधि के दूत बिलक बिलककर रो रहे हैं।
- 8राजमार्ग सुनसान पड़े हैं, उन पर बटोही अब नहीं चलते। उस ने वाचा को टाल दिया, नगरों को तुच्छ जाना, उस ने मनुष्य को कुछ न समझा।
Cross references
- Psalm 112:1–3 भजन संहिता 112:1–3याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है! उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी। उसके घर में धन सम्पत्ति रहती है; और उसका धर्म सदा बना रहेगा।
- Proverbs 19:23 नीतिवचन 19:23यहोवा का भय मानने से जीवन बढ़ता है; और उसका भय माननेवाला ठिकाना पाकर सुखी रहता है; उस पर विपत्ती नहीं पड़ने की।
- 1 Timothy 4:8 1 तीमुथियुस 4:8क्योंकि देह ही साधना से कम लाभ होता है, पर भक्ति सब बातों के लिये लाभदायक है, क्योंकि इस समय के और आनेवाले जीवन की भी प्रतिज्ञा इसी के लिये है।
- Proverbs 14:27 नीतिवचन 14:27यहोवा का भय मानना, जीवन का सोता है, और उसके द्वारा लोग मृत्यु के फन्दों से बच जाते हैं।
- Matthew 6:33 मत्ती 6:33इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
- 1 Timothy 6:6 1 तीमुथियुस 6:6पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।
- Psalm 27:1–2 भजन संहिता 27:1–2यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़ें।।
- Isaiah 11:2–5 यशायाह 11:2–5और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा, और ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी। ओर उसको यहोवा का भय सुगन्ध सा भाएगा।। वह मुंह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा; परन्तु वह कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का निर्णय खाराई से करेगा; और वह पृथ्वी को अपने वचन के सोंटे से मारेगा, और अपने फूंक के झोंके से दुष्ट को मिटा डालेगा। उसकी कटि का फेंटा धर्म और उसकी कमर का फेंटा सच्चाई होगी।।
- Ecclesiastes 7:19 सभोपदेशक 7:19बुद्धि ही से नगर के दस हाकिमों की अपेक्षा बुद्धिमान को अधिक सामर्थ प्राप्त होती है।
- Isaiah 51:6 यशायाह 51:6आकाश की ओर अपनी आंखें उठाओ, और पृथ्वी को निहारो; क्योंकि आकाश धुंए ही नाई लोप हो जाएगा, पृथ्वी कपड़े के समान पुरानी हो जाएगी, और उसके रहनेवाले यों ही जाते रहेंगे; परन्तु जो उद्धार मैं करूंगा वह सर्वदा ठहरेगा, और मेरे धर्म का अन्त न होगा।।
- Psalm 28:8 भजन संहिता 28:8यहोवा उनका बल है, वह अपने अभिषिक्त के लिये उद्धार का दृढ़ गढ़ है।
- Proverbs 24:3–7 नीतिवचन 24:3–7घर बुद्धि से बनता है, और समझ के द्वारा स्थिर होता है। ज्ञान के द्वारा कोठरियां सब प्रकार की बहुमूल्य और मनभाऊ वस्तुओं से भर जाती हैं। बुद्धिमान पुरूष बलवान् भी होता है, और ज्ञानी जन अधिक शक्तिमान् होता है। इसलिये जब तू युद्ध करे, तब युक्ति के साथ करना, विजय बहुत से मन्त्रियों के द्वारा प्राप्त होती है। बुद्धि इतने ऊंचे पर है कि मूढ़ उसे पा नहीं सकता; वह सभा में अपना मुंह खोल नहीं सकता।।