Isaiah · chapter 36 · verse 19
Isaiah 36:19 in Hindi
हमात और अर्पाद के देवता कहां रहे? सपर्वैम के देवता कहां रहे? क्या उन्हों ने शोमरोन को मेरे हाथ से बचाया?
Hamaat aur arpaad ke devataa kahaam rahe? Saparvaim ke devataa kahaam rahe? Kyaa unhom ne shomaron ko mere haath se bachaayaa?
Isaiah 36:19 in English
- King James Version (KJV)
- Where [are] the gods of Hamath and Arphad? where [are] the gods of Sepharvaim? and have they delivered Samaria out of my hand?
- World English Bible (WEB)
- Where are the gods of Hamath and Arpad? Where are the gods of Sepharvaim? Have they delivered Samaria from my hand?
- American Standard Version (ASV)
- Where are the gods of Hamath and Arpad? where are the gods of Sepharvaim? and have they delivered Samaria out of my hand?
- Bible in Basic English (BBE)
- Where are the gods of Hamath and of Arpad? where are the gods of Sepharvaim? where are the gods of Samaria? and have they kept Samaria out of my hand?
- Darby Translation (DBY)
- Where are the gods of Hamath and of Arpad? where are the gods of Sepharvaim? and have they delivered Samaria out of my hand?
- Webster's Bible (WBS)
- Where [are] the gods of Hamath and Arpad? where [are] the gods of Sepharvaim? and have they delivered Samaria out of my hand?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Where [are] the gods of Hamath and Arpad? Where the gods of Sepharvaim, that they have delivered Samaria out of my hand?
Read in context
- 17जब तक मैं आकर तुम को ऐसे देश में न ले जाऊं जो तुम्हारे देश के समान अनाज और नये दाखमधु का देश और रोटी और दाख की बारियों का देश है।
- 18ऐसा न हो कि हिजकिरयाह यह कहकर तुम को बहकाए कि यहोवा हम को बचाएगा। क्या और जातियों के देवताओं ने अपने अपने देश को अश्शूर के राजा के हाथ से बचाया है?
- 19हमात और अर्पाद के देवता कहां रहे? सपर्वैम के देवता कहां रहे? क्या उन्हों ने शोमरोन को मेरे हाथ से बचाया?
- 20देश देश के देवतओं में से ऐसा कौन है जिस ने अपने देश को मेरे हाथ से बचाया हो? फिर क्या यहोवा यरूशलेम को मेरे हाथ से बचाएगा?
- 21परन्तु वे चुप रहे और उसके उत्तर में एक बात भी न कही, क्योंकि राजा की ऐसी आज्ञा थी कि उसको उत्तर न देना।
Cross references
- Jeremiah 49:23 यिर्मयाह 49:23दमिश्क के विषय, हमात और अर्पद की आश टूटी है, क्योंकि उन्हों ने बुरा समाचार सुना है, वे गल गए हैं; समुद्र पर चिन्ता है, वह शान्त नहीं हो सकता।
- Isaiah 10:9–11 यशायाह 10:9–11क्या कलनो कर्कमीश के समान नहीं है? क्या हमात अर्पद के और शोमरोन दमिश्क के समान नहीं? जिस प्रकार मेरा हाथ मूरतों से भरे हुए उन राज्यों पर पहुंचा जिनकी मूरतें यरूशलेम और शोमरोन की मूरतों से बढ़कर थीं, और जिस प्रकार मैं ने शोमरोन और उसकी मूरतों से किया, क्या उसी प्रकार मैं यरूशलेम से और उसकी मूरतों से भी न करूं?
- 2 Kings 17:24 2 राजा 17:24और अश्शूर के राजा ने बाबेल, कूता, अब्वा हमात और सपवैंम नगरों से लोगों को लाकर, इस्राएलियों के स्थान पर शोमरोेन के नगरों में बसाया; सो वे शोमरोन के अधिकारी होकर उसके नगरों में रहने लगे।
- 2 Kings 17:5–7 2 राजा 17:5–7तब अश्शूर के राजा ने पूरे देश पर चढ़ाई की, और शोमरोन को जाकर तीन वर्ष तक उसे घेरे रहा। होशे के नौवें वर्ष में अश्शूर के राजा ने शोमरोन को ले लिया, और इस्राएल को अश्शूर में ले जाकर, हलह में और गोजान की नदी हाबोर के पास और मादियों के नगरों में बसाया। इसका यह कारण है, कि यद्यपि इस्राएलियों का परमेश्वर यहोवा उनको मिस्र के राजा फ़िरौन के हाथ से छुड़ाकर मिस्र देश से निकाल लाया था, तौभी उन्हों ने उसके विरूद्ध पाप किया, और पराये देवताओं का भय माना।
- Isaiah 37:11–13 यशायाह 37:11–13देख, तू ने सुना है कि अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया कि उन्हें सत्यानाश ही कर दिया। फिर क्या तू बच जाएगा? गोज़ान और हारान और रेसेप में रहनेवाली जिन जातियों को और तलस्सार में रहनेवाले एदेनी लोगों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उनके देवताओं ने उन्हें बचा लिया? हमात का राजा, अर्पाद का राजा, सपर्वैम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा, ये सब कहां गए?
- Numbers 34:8 गिनती 34:8और होर पर्वत से हामात की घाटी तक सिवाना बान्धना, और वह सदाद पर निकले;
- 2 Samuel 8:9 2 शमूएल 8:9और जब हमात के राजा तोई ने सुना कि दाऊद ने हददेजेर की समस्त सेना को जीत लिया है,
- 2 Kings 18:10–12 2 राजा 18:10–12और तीन वर्ष के बीतने पर उन्हों ने उसको ले लिया। इस प्रकार हिजकिरयाह के छठवें वर्ष में जो इस्राएल के राजा होशे का नौवां वर्ष था, शोमरोन ले लिया गया। तब अश्शूर का राजा इस्राएल को बन्धुआ करके अश्शूर में ले गया, और हलह में ओर गोजान की नदी हाबोर के पास और मादियों के नगरों में उसे बसा दिया। इसका कारण यह था, कि उन्हों ने अपने परमेश्वर यहोवा की बात न मानी, वरन उसकी वाचा को तोड़ा, और जितनी आज्ञाएं यहोवा के दास मूसा ने दी थीं, उनको टाल दिया और न उनको सुना और न उनके अनुसार किया।