Isaiah · chapter 38 · verse 18
Isaiah 38:18 in Hindi
क्योंकि अधोलोक तेरा धन्यवाद नहीं कर सकता, न मृत्यु तेरी स्तुति कर सकती है; जो कबर में पड़ें वे तेरी सच्चाई की आशा नहीं रख सकते
Kyonki adholok teraa dhanyavaad naheem kar sakataa, na mrutyu teree stuti kar sakatee hai; jo kabar mem padem ve teree sachchaaee kee aashaa naheem rakh sakate
Isaiah 38:18 in English
- King James Version (KJV)
- For the grave cannot praise thee, death can [not] celebrate thee: they that go down into the pit cannot hope for thy truth.
- World English Bible (WEB)
- For Sheol can’t praise you. Death can’t celebrate you. Those who go down into the pit can’t hope for your truth.
- American Standard Version (ASV)
- For Sheol cannot praise thee, death cannot celebrate thee: They that go down into the pit cannot hope for thy truth.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the underworld is not able to give you praise, death gives you no honour: for those who go down into the underworld there is no hope in your mercy.
- Darby Translation (DBY)
- For not Sheol shall praise thee, nor death celebrate thee; they that go down into the pit do not hope for thy truth.
- Webster's Bible (WBS)
- For the grave cannot praise thee, death can [not] celebrate thee: they that go down into the pit cannot hope for thy truth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For Sheol doth not confess Thee, Death doth not praise Thee, Those going down to the pit hope not for Thy truth.
Read in context
- 16हे प्रभु, इन्हीं बातों से लोग जीवित हैं, और इन सभों से मेरी आत्मा को जीवन मिलता है। तू मुझे चंगा कर और मुझे जीवित रख!
- 17देख, शान्ति ही के लिये मुझे बड़ी कडुआहट मिली; परन्तु तू ने स्नेह करके मुझे विनाश के गड़हे से निकाला है, क्योंकि मेरे सब पापों को तू ने अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया है।
- 18क्योंकि अधोलोक तेरा धन्यवाद नहीं कर सकता, न मृत्यु तेरी स्तुति कर सकती है; जो कबर में पड़ें वे तेरी सच्चाई की आशा नहीं रख सकते
- 19जीवित, हो जीवित ही तेरा धन्यवाद करता है, जैसा मैं आज कर रहा हूं; पिता तेरी सच्चाई का समाचार पुत्रों को देता है।।
- 20यहोवा मेरा उद्धार करेगा, इसलिये हम जीवन भर यहोवा के भवन में तारवाले बाजों पर अपने रचे हुए गीत गातें रहेंगे।।
Cross references
- Ecclesiastes 9:10 सभोपदेशक 9:10जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जानेवाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।।
- Psalm 30:9 भजन संहिता 30:9जब मैं कब्र में चला जाऊंगा तब मेरे लोहू से क्या लाभ होगा? क्या मिट्टी तेरा धन्यवाद कर सकती है? क्या वह तेरी सच्चाई का प्रचार कर सकती है?
- Psalm 6:5 भजन संहिता 6:5क्योंकि मृत्यु के बाद तेरा स्मरण नहीं होता; अधोलोक में कौन तेरा धन्यवाद करेगा?
- Psalm 88:10–11 भजन संहिता 88:10–11क्या तू मुर्दों के लिये अदभुत् काम करेगा? क्या मरे लोग उठकर तेरा धन्यवाद करेंगे? क्या कबर में तेरी करूणा का, और विनाश की दशा में तेरी सच्चाई का वर्णन किया जाएगा?
- Psalm 115:17–18 भजन संहिता 115:17–18मृतक जितने चुपचाप पड़े हैं, वे तो याह की स्तुति नहीं कर सकते, परन्तु हम लोग याह को अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहते रहेंगे। याह की स्तुति करो!
- Numbers 16:33 गिनती 16:33और वे और उनका सारा घरबार जीवित ही अधोलोक में जा पड़े; और पृथ्वी ने उनको ढंाप लिया, और वे मण्डली के बीच में से नष्ट हो गए।
- Matthew 8:12 मत्ती 8:12परन्तु राज्य के सन्तान बाहर अन्धियारे में डाल दिए जाएंगे: वहां रोना और दांतों का पीसना होगा।
- Proverbs 14:32 नीतिवचन 14:32दुष्ट मनुष्य बुराई करता हुआ नाश हो जाता है, परन्तु धर्मी को मृत्यु के समय भी शरण मिलती है।
- Matthew 25:46 मत्ती 25:46और यह अनन्त दण्ड भोगेंगे परन्तु धर्मी अनन्त जीवन में प्रवेश करेंगे।
- Luke 16:26–31 लूका 16:26–31और इन सब बातों को छोड़ हमारे और तुम्हारे बीच एक भारी गड़हा ठहराया गया है कि जो यहां से उस पार तुम्हारे पास जाना चाहें, वे न जा सकें, और न कोई वहां से इस पार हमारे पास आ सके। उस ने कहा; तो हे पिता मैं तुझ से बिनती करता हूं, कि तू उसे मेरे पिता के घर भेज। क्योंकि मेरे पांच भाई हैं, वह उन के साम्हने इन बातों की गवाही दे, ऐसा न हो कि वे भी इस पीड़ा की जगह में आएं। इब्राहीम ने उस से कहा, उन के पास तो मूसा और भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकें हैं, वे उन की सुनें। उस ने कहा; नहीं, हे पिता इब्राहीम; पर यदि कोई मरे हुओं में से उन के पास जाए, तो वे मन फिराएंगे। उस ने उस से कहा, कि जब वे मूसा और भविष्यद्वक्ताओं की नहीं सुनते, तो यदि मरे हुओं में से कोई भी जी उठे तौभी उस की नहीं मानेंगे॥