Isaiah · chapter 38 · verse 17
Isaiah 38:17 in Hindi
देख, शान्ति ही के लिये मुझे बड़ी कडुआहट मिली; परन्तु तू ने स्नेह करके मुझे विनाश के गड़हे से निकाला है, क्योंकि मेरे सब पापों को तू ने अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया है।
Dekh, shaanti hee ke liye mujhe badee kaduaahat milee; parantu too ne sneh karake mujhe vinaash ke gadahe se nikaalaa hai, kyonki mere sab paapom ko too ne apanee peeth ke peechhe phenk diyaa hai.
Isaiah 38:17 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, for peace I had great bitterness: but thou hast in love to my soul [delivered it] from the pit of corruption: for thou hast cast all my sins behind thy back.
- World English Bible (WEB)
- Behold, for peace I had great anguish, but you have in love for my soul delivered it from the pit of corruption; for you have cast all my sins behind your back.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, [it was] for [my] peace [that] I had great bitterness: But thou hast in love to my soul delivered it from the pit of corruption; For thou hast cast all my sins behind thy back.
- Bible in Basic English (BBE)
- See, in place of peace my soul had bitter sorrow. but you have kept back my soul from the underworld; for you have put all my sins out of your memory.
- Darby Translation (DBY)
- Behold, instead of peace I had bitterness upon bitterness; but thou hast in love delivered my soul from the pit of destruction; for thou hast cast all my sins behind thy back.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, for peace I had great bitterness: but thou hast in love to my soul [delivered it] from the pit of corruption: for thou hast cast all my sins behind thy back.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, to peace He changed for me bitterness, And Thou hast delighted in my soul without corruption, For Thou hast cast behind Thy back all my sins.
Read in context
- 15मैं क्या कहूं? उसी ने मुझ से प्रतिज्ञा की और पूरा भी किया है। मैं जीवन भर कडुआहट के साथ धीरे धीरे चलता रहूंगा।।
- 16हे प्रभु, इन्हीं बातों से लोग जीवित हैं, और इन सभों से मेरी आत्मा को जीवन मिलता है। तू मुझे चंगा कर और मुझे जीवित रख!
- 17देख, शान्ति ही के लिये मुझे बड़ी कडुआहट मिली; परन्तु तू ने स्नेह करके मुझे विनाश के गड़हे से निकाला है, क्योंकि मेरे सब पापों को तू ने अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया है।
- 18क्योंकि अधोलोक तेरा धन्यवाद नहीं कर सकता, न मृत्यु तेरी स्तुति कर सकती है; जो कबर में पड़ें वे तेरी सच्चाई की आशा नहीं रख सकते
- 19जीवित, हो जीवित ही तेरा धन्यवाद करता है, जैसा मैं आज कर रहा हूं; पिता तेरी सच्चाई का समाचार पुत्रों को देता है।।
Cross references
- Isaiah 43:25 यशायाह 43:25मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- Jonah 2:6 योना 2:6मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुंच गया था; मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था; तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने मेरे प्राणों को गड़हे में से उठाया है।
- Micah 7:18–19 मीका 7:18–19तेरे समान ऐसा परमेश्वर कहां है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढांप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करूणा से प्रीति रखता है। वह फिर हम पर दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को लताड़ डालेगा। तू उनके सब पापों को गहिरे समुद्र में डाल देगा।
- Psalm 30:3 भजन संहिता 30:3हे यहोवा, तू ने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है, तू ने मुझ को जीवित रखा और कब्र में पड़ने से बचाया है।।
- Jeremiah 31:34 यिर्मयाह 31:34और तब उन्हें फिर एक दूसरे से यह न कहना पड़ेगा कि यहोवा को जानो, क्योंकि, यहोवा की यह वाणी है कि छोटे से ले कर बड़े तक, सब के सब मेरा ज्ञान रखेंगे; क्योंकि मैं उनका अधर्म क्षमा करूंगा, और उनका पाप फिर स्मरण न करूंगा।
- Psalm 86:13 भजन संहिता 86:13क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।।
- Job 3:25–26 अय्यूब 3:25–26क्योंकि जिस डरावनी बात से मैं डरता हूँ, वही मुझ पर आ पड़ती है, और जिस बात से मैं भय खाता हूँ वही मुझ पर आ जाती है। मुझे न तो चैन, न शान्ति, न विश्राम मिलता है; परन्तु दु:ख ही आता है।
- Psalm 40:2 भजन संहिता 40:2उस ने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
- Psalm 30:6–7 भजन संहिता 30:6–7मैं ने तो चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का। हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।।
- Psalm 85:2 भजन संहिता 85:2तू ने अपनी प्रजा के अधर्म को क्षमा किया है; और उसके सब पापों को ढांप दिया है।
- Job 29:18 अय्यूब 29:18तब मैं सोचता था, कि मेरे दिन बालू के किनकों के समान अनगिनत होंगे, और अपने ही बसेरे में मेरा प्राण छूटेगा।
- Psalm 88:4–6 भजन संहिता 88:4–6मैं कबर में पड़नेवालों में गिना गया हूं; मैं बलहीन पुरूष के समान हो गया हूं। मैं मुर्दों के बीच छोड़ा गया हूं, और जो घात होकर कबर में पड़े हैं, जिनको तू फिर स्मरण नहीं करता और वे तेरी सहायता रहित हैं, उनके समान मैं हो गया हूं। तू ने मुझे गड़हे के तल ही में, अन्धेरे और गहिरे स्थान में रखा है।