Isaiah · chapter 40 · verse 12
Isaiah 40:12 in Hindi
किस ने महासागर को चुल्लू से मापा और किस के बित्ते से आकाश का नाप हुआ, किस ने पृथ्वी की मिट्टी को नपवे में भरा और पहाड़ों को तराजू में और पहाड़ियों को कांटे में तौला है?
Kis ne mahaasaagar ko chulloo se maapaa aur kis ke bitte se aakaash kaa naap huaa, kis ne pruthvee kee mittee ko napave mem bharaa aur pahaadom ko taraajoo mem aur pahaadiyom ko kaante mem taulaa hai?
Isaiah 40:12 in English
- King James Version (KJV)
- Who hath measured the waters in the hollow of his hand, and meted out heaven with the span, and comprehended the dust of the earth in a measure, and weighed the mountains in scales, and the hills in a balance?
- World English Bible (WEB)
- Who has measured the waters in the hollow of his hand, and marked off the sky with his span, and calculated the dust of the earth in a measuring basket, and weighed the mountains in scales, and the hills in a balance?
- American Standard Version (ASV)
- Who hath measured the waters in the hollow of his hand, and meted out heaven with the span, and comprehended the dust of the earth in a measure, and weighed the mountains in scales, and the hills in a balance?
- Bible in Basic English (BBE)
- In the hollow of whose hand have the waters been measured? and who is able to take the heavens in his stretched-out fingers? who has got together the dust of the earth in a measure? who has taken the weight of the mountains, or put the hills into the scales?
- Darby Translation (DBY)
- Who hath measured the waters in the hollow of his hand, and meted out the heavens with [his] span, and grasped the dust of the earth in a measure, and weighed the mountains in a balance, and the hills in scales?
- Webster's Bible (WBS)
- Who hath measured the waters in the hollow of his hand, and measured heaven with the span, and comprehended the dust of the earth in a measure, and weighed the mountains in scales, and the hills in a balance?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Who hath measured in the hollow of his hand the waters? And the heavens by a span hath meted out, And comprehended in a measure the dust of the earth, And hath weighed in scales the mountains, And the hills in a balance?
Read in context
- 10देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखा, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है।
- 11वह चरवाहे की नाईं अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिए रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।।
- 12किस ने महासागर को चुल्लू से मापा और किस के बित्ते से आकाश का नाप हुआ, किस ने पृथ्वी की मिट्टी को नपवे में भरा और पहाड़ों को तराजू में और पहाड़ियों को कांटे में तौला है?
- 13किस ने यहोवा की आत्मा को मार्ग बताया वा उसका मन्त्री होकर उसको ज्ञान सिखाया है?
- 14उस ने किस से सम्मति ली और किस ने उसे समझाकर न्याय का पथ बता दिया और ज्ञान सिखाकर बुद्धि का मार्ग जता दिया है?
Cross references
- Proverbs 30:4 नीतिवचन 30:4कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर अया? किस ने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किस ने महासागर को अपने वस्त्रा में बान्ध लिया है? किस ने पृथ्वी के सिवनों को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्रा का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता!
- Hebrews 1:10–12 इब्रानियों 1:10–12और यह कि, हे प्रभु, आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और स्वर्ग तेरे हाथों की कारीगरी है। वे तो नाश हो जाएंगे; परन्तु तू बना रहेगा: और वे सब वस्त्रा की नाई पुराने हो जाएंगे। और तू उन्हें चादर की नाईं लपेटेगा, और वे वस्त्रा की नाई बदल जाएंगे: पर तू वही है और तेरे वर्षों का अन्त न होगा।
- Psalm 102:25–26 भजन संहिता 102:25–26आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है। वह तो नाश होगा, परन्तु तू बना रहेगा; और वह सब कपड़े के समान पुराना हो जाएगा। तू उसको वस्त्रा की नाई बदलेगा, और वह तो बदल जाएगा;
- Job 38:4–11 अय्यूब 38:4–11जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे। उसकी नाप किस ने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा? उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर लिठाया, जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्रा जयजयकार करते थे? फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया; जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लमेट दिया, और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़े लगा दिए, कि यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडनेवाली लहरें यहीं थम जाएं?
- Isaiah 48:13 यशायाह 48:13निश्चय मेरे ही हाथ ने पृथ्वी की नेव डाली, और मेरे ही दहिने हाथ ने आकाश फैलाया; जब मैं उनको बुलाता हूं, वे एक साथ उपस्थित हो जाते हैं।।
- Proverbs 8:26–28 नीतिवचन 8:26–28जब यहोवा ने न तो पृथ्वी और न मैदान, न जगत की धूलि के परमाणु बनाए थे, इन से पहिले मैं उत्पन्न हुई। जब उस ने अकाश को स्थिर किया, तब मैं वहां थी, जब उस ने गहिरे सागर के ऊपर आकाशमण्डल ठहराया, जब उस ने आकाशमण्डल को ऊपर से स्थिर किया, और गहिरे सागर के सोते फूटने लगे,
- Job 11:7–9 अय्यूब 11:7–9क्या तू ईश्वर का गूढ़ भेद पा सकता है? और क्या तू सर्वशक्तिमान का मर्म पूरी रीति से चांच सकता है? वह आकाश सा ऊंचा है; तू क्या कर सकता है? वह अधोलोक से गहिरा है, तू कहां समझ सकता है? उसकी माप पृथ्वी से भी लम्बी है और समुद्र से चौड़ी है।
- Revelation 20:11 प्रकाशितवाक्य 20:11फिर मैं ने एक बड़ा श्वेत सिंहासन और उस को जो उस पर बैठा हुआ है, देखा, जिस के साम्हने से पृथ्वी और आकाश भाग गए, और उन के लिये जगह न मिली।
- Job 28:25 अय्यूब 28:25जब उस ने वायु का तौल ठहराया, और जल को नपुए में नापा,
- Psalm 104:2–3 भजन संहिता 104:2–3जो उजियाले को चादर की नाई ओढ़े रहता है, और आकाश को तम्बू के समान ताने रहता है, जो अपनी अटारियों की कड़ियां जल में धरता है, और मेघों को अपना रथ बनाता है, और पवन के पंखों पर चलता है,
Original words (Hebrew)
- measured · H4058מָדַד mâdad
- waters · H4325מַיִם mayim
- hand · H8168שֹׁעַל shôʻal
- out · H8505תָּכַן tâkan
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- span · H2239זֶרֶת zereth
- comprehended · H3557כּוּל kûwl
- dust · H6083עָפָר ʻâphâr
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- measure · H7991שָׁלִישׁ shâlîysh
- weighed · H8254שָׁקַל shâqal
- mountains · H2022הַר har
- scales · H6425פֶּלֶס peleç
- hills · H1389גִּבְעָה gibʻâh
- balance · H3976מֹאזֵן môʼzên