Job · chapter 2 · verse 10
Job 2:10 in Hindi
उस ने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अरयूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया।
Us ne us se kahaa, too ek moodh stree kee see baatem karatee hai, kyaa ham jo parameshvar ke haath se sukh lete haim, du:kh na lem? In sab baatom mem bhee arayoob ne apane munh se koee paap naheem kiyaa.
Job 2:10 in English
- King James Version (KJV)
- But he said unto her, Thou speakest as one of the foolish women speaketh. What? shall we receive good at the hand of God, and shall we not receive evil? In all this did not Job sin with his lips.
- World English Bible (WEB)
- But he said to her, “You speak as one of the foolish women would speak. What? Shall we receive good at the hand of God, and shall we not receive evil?” In all this Job didn’t sin with his lips.
- American Standard Version (ASV)
- But he said unto her, Thou speakest as one of the foolish women speaketh. What? shall we receive good at the hand of God, and shall we not receive evil? In all this did not Job sin with his lips.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to her, You are talking like one of the foolish women. If we take the good God sends us, are we not to take the evil when it comes? In all this Job kept his lips from sin.
- Darby Translation (DBY)
- But he said to her, Thou speakest as one of the foolish women speaketh. We have also received good from God, and should we not receive evil? In all this Job did not sin with his lips.
- Webster's Bible (WBS)
- But he said to her, Thou speakest as one of the foolish women speaketh. What? shall we receive good at the hand of God, and shall we not receive evil? In all this did not Job sin with his lips.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he saith unto her, 'As one of the foolish women speaketh, thou speakest; yea, the good we receive from God, and the evil we do not receive.' In all this Job hath not sinned with his lips.
Read in context
- 8तब अरयूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा लेकर राख पर बैठ गया।
- 9तब उसकी स्त्री उस से कहने लगी, क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा।
- 10उस ने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अरयूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया।
- 11जब तेमानी एलीपज, और शूही बिलदद, और नामाती सोपर, अरयूब के इन तीन मित्रों ने इस सब विपत्ति का समाचार पाया जो उस पर पड़ी थीं, तब वे आपस में यह ठानकर कि हम अरयूब के पास जाकर उसके संग विलाप करेंगे, और उसको शान्ति देंगे, अपने अपने यहां से उसके पास चले।
- 12जब उन्हों ने दूर से आंख उठाकर अरयूब को देखा और उसे न चीन्ह सके, तब चिल्लाकर रो उठे; और अपना अपना बागा फाड़ा, और आकाश की ओर धूलि उड़ाकर अपने अपने सिर पर डाली।
Cross references
- James 1:12 याकूब 1:12धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकलकर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करनेवालों को दी है।
- Lamentations 3:38–41 विलापगीत 3:38–41विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते? सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरूष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने? हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें! हम स्वर्गवासी परमेश्वर की ओर मन लगाएं और हाथ फैलाएं और कहेंे
- Job 1:21–22 अय्यूब 1:21–22मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है। इन सब बातों में भी अरयूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया।
- Romans 12:12 रोमियों 12:12आशा मे आनन्दित रहो; क्लेश मे स्थिर रहो; प्रार्थना मे नित्य लगे रहो।
- James 5:10–11 याकूब 5:10–11हे भाइयो, जिन भविष्यद्वक्ताओं ने प्रभु के नाम से बातें की, उन्हें दुख उठाने और धीरज धरने का एक आदर्श समझो। देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्यूब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्त करूणा और दया प्रगट होती है।
- Matthew 16:23 मत्ती 16:23उस ने फिरकर पतरस से कहा, हे शैतान, मेरे साम्हने से दूर हो: तू मेरे लिये ठोकर का कारण है; क्योंकि तू परमेश्वर की बातें नहीं, पर मनुष्यों की बातों पर मन लगाता है।
- Hebrews 12:9–11 इब्रानियों 12:9–11फिर जब कि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी आधीन न रहें जिस से जीवित रहें। वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्राता के भागी हो जाएं। और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उस को सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है।
- John 18:11 यूहन्ना 18:11तब यीशु ने पतरस से कहा, अपनी तलवार काठी में रख: जो कटोरा पिता ने मुझे दिया है क्या मैं उसे न पीऊं?
- Matthew 12:34–37 मत्ती 12:34–37हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है। भला, मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है। और मै तुम से कहता हूं, कि जो जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे। क्योंकि तू अपनी बातों के कारण निर्दोष और अपनी बातों ही के कारण दोषी ठहराया जाएगा।।
- 2 Samuel 24:10 2 शमूएल 24:10प्रजा की गणना करने के बाद दाऊद का मन व्याकुल हुआ। और दाऊद ने यहोवा से कहा, यह काम जो मैं ने किया वह महापाप है। तो अब, हे यहोवा, अपने दास का अधर्म दूर कर; क्योंकि मुझ से बड़ी मूर्खता हुई है।
- Psalm 39:1 भजन संहिता 39:1मैं ने कहा, मैं अपनी चालचलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे साम्हने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।
- Genesis 3:17 उत्पत्ति 3:17और आदम से उस ने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मै ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा:
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- speakest · H1696דָבַר dâbar
- one · H259אֶחָד ʼechâd
- women · H5036נָבָל nâbâl
- speaketh · H1696דָבַר dâbar
- What · H1571גַּם gam
- receive · H6901קָבַל qâbal
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- receive · H6901קָבַל qâbal
- evil · H7451רַע raʻ
- Job · H347אִיּוֹב ʼÎyôwb
- sin · H2398חָטָא châṭâʼ
- lips · H8193שָׂפָה sâphâh