Isaiah · chapter 32 · verse 9
Isaiah 32:9 in Hindi
हे सुखी स्त्रियों, उठकर मेरी सुनो; हे निश्चिन्त पुत्रियों, मेरे वचन की ओर कान लगाओ।
He sukhee striyom, uthakar meree suno; he nishchint putriyom, mere vachan kee or kaan lagaao.
Isaiah 32:9 in English
- King James Version (KJV)
- Rise up, ye women that are at ease; hear my voice, ye careless daughters; give ear unto my speech.
- World English Bible (WEB)
- Rise up, you women who are at ease! Hear my voice! You careless daughters, give ear to my speech!
- American Standard Version (ASV)
- Rise up, ye women that are at ease, [and] hear my voice; ye careless daughters, give ear unto my speech.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give ear to my voice, you women who are living in comfort; give attention to my words, you daughters who have no fear of danger.
- Darby Translation (DBY)
- Rise up, ye women that are at ease, hear my voice; ye careless daughters, give ear unto my speech.
- Webster's Bible (WBS)
- Rise up, ye women that are at ease; hear my voice, ye careless daughters; give ear to my speech.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Women, easy ones, rise, hear my voice, Daughters, confident ones, give ear [to] my saying,
Read in context
- 7छली की चालें बुरी होती हैं, वह दुष्ट युक्तियां निकालता है कि दरिद्र को भी झूठी बातों में लूटे जब कि वे ठीक और नम्रता से भी बोलते हों।
- 8परन्तु उदार मनुष्य उदारता ही की युक्तियां निकालता है, वह उदारता में स्थिर भी रहेगा।।
- 9हे सुखी स्त्रियों, उठकर मेरी सुनो; हे निश्चिन्त पुत्रियों, मेरे वचन की ओर कान लगाओ।
- 10हे निश्चिन्त स्त्रियों, वर्ष भर से कुछ ही अधिक समय में तुम विकल हो जाओगी; क्योंकि तोड़ने को दाखें न होंगी और न किसी भांति के फल हाथ लगेंगे।
- 11हे सुखी स्त्रियों, थरथराओ, हे निश्चिन्त स्त्रियों, विकल हो; अपने अपने वस्त्रा उतारकर अपनी अपनी कमर में टाट कसो।
Cross references
- Isaiah 3:16 यशायाह 3:16यहोवा ने यह भी कहा है, क्योंकि सिरयोन की स्त्रियां घमण्ड करतीं और सिर ऊंचे किये आंखें मटकातीं और घुंघुरूओं को छमछमाती हुई ठुमुक ठुमुक चलती हैं,
- Isaiah 28:23 यशायाह 28:23कान लगाकर मेरी सुनो, ध्यान धरकर मेरा वचन सुनो।
- Matthew 13:9 मत्ती 13:9जिस के कान हों वह सुन ले।।
- Jeremiah 48:11–12 यिर्मयाह 48:11–12मोआब बचपन ही से सुखी है, उसके नीचे तलछट है, वह एक बरतन से दूसरे बरतन में उण्डेला नहीं गया और न बंधुआई में गया; इसलिये उसका स्वाद उस में स्थिर है, और उसकी गन्ध ज्यों की त्यों बनी रहती है। इस कारण यहोवा की यह वाणी है, ऐसे दिन आएंगे, कि मैं लोगों को उसके उण्डेलने के लिये भेजूंगा, और वे उसको उण्डेलेंगे, और जिन घड़ों में वह रखा हुआ है, उनको छूछे करके फोड़ डालेंगे।
- Jeremiah 6:2–6 यिर्मयाह 6:2–6सिरयोन की सुन्दर और सुकुमार बेटी को मैं नाश करने पर हूँ। चरवाहे अपनी अपनी भेड़- बकरियां संग लिए हुए उस पर चढ़कर उसके चारों ओर अपने तम्बू खड़े करेंगे, वे अपने अपने पास की घास चरा लेंगे। आओ, उसके विरूद्ध युठ्ठ की तैयारी करो; उठो, हम दो पहर को चढ़ाई करें! हाय, हाय, दिन ढलता जाता है, और सांझ की परछाई लम्बी हो चली है! उठो, हम रात ही रात चढ़ाई करें और उसके महलों को ढा दें। सेनाओं का यहोवा तुम से कहता है, वृक्ष काट काटकर यरूशलेम के विरूद्व दमदमा बान्धोे! यह वही नगर है जो दणड के योग्य है; इस में अन्धेर ही अनधेर भरा हुआ है।
- Zephaniah 2:15 सपन्याह 2:15यह वही नगरी है, जो मगन रहती और निडर बैठी रहती थी, औश्र सोचती थी कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई है ही नहीं। परन्तु अब यह उजाड़ और वनपशुओं के बैठने का स्थान बन गया है, यहां तक कि जो कोई इसके पास होकर चले, वह ताली बजाएगा और हाथ हिलाएगा।
- Lamentations 4:5 विलापगीत 4:5जो स्वादिष्ट भेजन खाते थे, वे अब सड़कों में व्याकुल फिरते हैं; जो मखमल के वस्त्रों में पले थो अब घूरों पर लेटते हैं।
- Psalm 49:1–2 भजन संहिता 49:1–2हे देश देश के सब लोगों यह सुनो! हे संसार के सब निवासियों, कान लगाओ! क्या ऊंच, क्या नीच क्या धनी, क्या दरिद्र, कान लगाओ!
- Judges 9:7 न्यायियों 9:7इसका समाचार सुनकर योताम गरिज्जीम पहाड़ की चोटी पर जाकर खड़ा हुआ, और ऊंचे स्वर से पुकारा के कहने लगा, हे शकेम के मनुष्यों, मेरी सुनो, इसलिये कि परमेश्वर तुम्हारी सुनें।
- Isaiah 47:7–8 यशायाह 47:7–8तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।। इसलिये सुन, तू जो राग- रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा की नाईं न बैठूंगी और न मेरे लड़केबोल मिटेंगे।
- Amos 6:1–6 आमोस 6:1–6हाय उन पर जो सिरयोन में सुख से रहते, और उन पर जो सामरिया के पर्वत पर निश्चिन्त रहते हैं, वे जो श्रेष्ठ जाति में प्रसिद्ध हैं, जिन के पास इस्राएल का घराना आता है! कलने नगर को जाकर देखो, और वहां से हमात नाम बड़े नगर को जाओ; फिर पलिश्तियों के गत नगर को जाओ। क्या वे इन राज्यों से उत्तम हैं? क्या उनका देश तुम्हारे देश से कुछ बड़ा है? तुम बुरे दिन को दूर कर देते, और उपद्रव की गद्दी को निकट ले आते हो।। तुम हाथी दांत के पलंगों पर लेटते, और अपने अपने बिछौने पर पांव फैलाए सोते हो, और भेड़- बकरियों में से मेम्ने और गौशालाओं में से बछड़े खाते हो। तुम सारंगी के साथ गीत गाते, और दाऊद की नाईं भांति भांति के बाजे बुद्धि से निकालते हो; और कटोरों में से दाखमधु पीते, और उत्तम उत्तम तेल लगाते हो, परन्तु यूसुफ पर आनेवाली विपत्ति का हाल सुनकर शोकित नहीं होते।
- Deuteronomy 28:56 व्यवस्थाविवरण 28:56और तुझ में जो स्त्री यहां तक कोमल और सुकुमार हो कि सुकुमारपन के और कोमलता के मारे भूमि पर पांव धरते भी डरती हो, वह भी अपने प्राणप्रिय पति, और बेटे, और बेटी को,