Isaiah · chapter 51 · verse 14
Isaiah 51:14 in Hindi
बंधुआ शीघ्र ही स्वतन्त्र किया जाएगा; वह गड़हे में न मरेगा और न उसे रोटी की कमी होगी।
Bandhuaa sheeghr hee svatantr kiyaa jaaegaa; vah gadahe mem na maregaa aur na use rotee kee kamee hogee.
Isaiah 51:14 in English
- King James Version (KJV)
- The captive exile hasteneth that he may be loosed, and that he should not die in the pit, nor that his bread should fail.
- World English Bible (WEB)
- The captive exile will speedily be freed. He will not die and go down into the pit. His bread won’t fail.
- American Standard Version (ASV)
- The captive exile shall speedily be loosed; and he shall not die [and go down] into the pit, neither shall his bread fail.
- Bible in Basic English (BBE)
- The prisoner, bent under his chain, will quickly be made free, and will not go down into the underworld, and his bread will not come to an end.
- Darby Translation (DBY)
- He that is bowed down shall speedily be loosed, and he shall not die in the pit, nor shall his bread fail.
- Webster's Bible (WBS)
- The captive exile hasteneth that he may be loosed, and that he should not die in the pit, nor that his bread should fail.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hastened hath a wanderer to be loosed, And he doth not die at the pit, And his bread is not lacking.
Read in context
- 12मैं, मैं ही तेरा शान्तिदाता हूं; तू कौन है जो मरनेवाले मनुष्य से, और घास के समान मुर्झानेवाले आदमी से डरता है,
- 13और आकाश के ताननेवाले और पृथ्वी की नेव डालनेवाले अपने कर्ता यहोवा को भूल गया है, और जब द्रोही नाश करने को तैयार होता है तब उसकी जलजलाहट से दिन भर लगातार थरथराता है? परन्तु द्रोही की जलजलाहट कहां रही?
- 14बंधुआ शीघ्र ही स्वतन्त्र किया जाएगा; वह गड़हे में न मरेगा और न उसे रोटी की कमी होगी।
- 15जो समुद्र को उथल- पुथल करता जिस से उसकी लहरों मे गरजन होती है, वह मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं मेरा नाम सेनाओं का यहोवा है। और मैं ने तेरे मुंह में अपने वचन डाले,
- 16और तुझे अपने हाथ की आड़ में छिपा रखा है; कि मैं आकाश को तानूं और पृथ्वी की नेव डालूं, और सिरयोन से कहूं, तुम मेरी प्रजा हो।।
Cross references
- Isaiah 48:20 यशायाह 48:20बाबुल में से निकल जाओ, कसदियों के बीच में से भाग जाओ; जयजयकार करते हुए इस बात को प्रचार करके सुनाओ, पृथ्वी की छोर तक इसकी चर्चा फैलाओ; कहते जाओ कि यहोवा ने अपने दास याकूब को छुड़ा लिया है!
- Zechariah 9:11 जकर्याह 9:11और तू भी सुन, क्योंकि मेरी वाचा के लोहू के कारण, मैं ने तेरे बन्दियों को बिना जल के गड़हे में से उबार लिया है।
- Isaiah 52:2 यशायाह 52:2अपने ऊपर से धूल झाड़ दे, हे यरूशलेम, उठ; हे सिरयोन की बन्दी बेटी अपने गले के बन्धन को खोल दे।।
- Acts 12:7–8 प्रेरितों के काम 12:7–8तो देखो, प्रभु का एक स्वर्गदूत आ खड़ा हुआ: और उस कोठरी में ज्योति चमकी: और उस ने पतरस की पसली पर हाथ मार के उसे जगाया, और कहा; उठ, फुरती कर, और उसके हाथ से जंजीरें खुलकर गिर पड़ीं। तब स्वर्गदूत ने उस से कहा; कमर बान्ध, और अपने जूते पहिन ले: उस ने वैसा ही किया, फिर उस ने उस से कहा; अपना वस्त्रा पहिनकर मेरे पीछे हो ले।
- Isaiah 49:10 यशायाह 49:10वे भूखे और प्यासे होंगे, न लूह और न घाम उन्हें लगेगा, क्योंकि, वह जा उन पर दया करता है, वही उनका अगुवा होगा, और जल के सोतों के पास उन्हें ले चलेगा।
- Ezra 1:5 एज्रा 1:5तब यहूदा और बिन्यामीन के जितने पितरों के घरानों के मुख्य पुरूषों और याजकों ओर लेवियों का मन परमेश्वर ने उभारा था कि जाकर यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनाएं, वे सब उठ खड़े हुए;
- Jeremiah 38:6–13 यिर्मयाह 38:6–13तब उन्हों ने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्रा मल्किरयाह के उस गड़हे में जो पहरे के आंगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड़हे मे पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धंस गया। उस समय राजा बिन्यामीन के फाटक के पास बैठा था सो जब एबेदमेलेक कूशी ने जो राजभवन में एक खोजा था, सुना, कि उन्हों ने यिर्मयाह को गड़हे में डाल दिया है--- तब एबेदमेलेक राजभवन से निकलकर राजा से कहने लगा, हे मेरे स्वामी, हे राजा, उन लोगों ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से जो कुछ किया है वह बुरा किया है, क्योंकि उन्हों ने उसको गड़हे में डाल दिया है; वहां वह भूख से मर जाएगा क्योंकि नगर में कुछ रोटी नहीं रही है। तब राजा ने एबेदमेलेक कूशी को यह आज्ञा दी कि यहां से तीस पुरूष साथ लेकर यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को मरने से पहिले गड़हे में से निकाल। सो एबेदमेलेक उतने पुरूषों को साथ लेकर राजभवन के भण्डार के तलघर में गया; और वहां से फटेपुराने कपड़े और चिथड़े लेकर यिर्मयाह के पास उस गड़हे में रस्सियों से उतार दिए। और एबेदमेलेक कूशी ने यिर्मयाह से कहा, ये पुराने कपड़े और चिथढ़े अपनी कांखों में रस्सियों के नीचे रख ले। सो यिर्मयाह ने वैसा ही किया। तब उन्हों ने यिर्मयाह को रस्सियों से खींचकर, गड़हे में से निकाला। और यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
- Lamentations 3:53–54 विलापगीत 3:53–54उन्हों ने मुझे गड़हे में डालकर मेरे जीवन का अन्त करने के लिये मेरे ऊपर पत्थर लुढ़काए हैं; मेरे सिर पर से जल बह गया, मैं ने कहा, मैं अब नाश हो गया।
- Jeremiah 37:16 यिर्मयाह 37:16यिर्मयाह उस तलघर में जिस में कई एक कोठरियां थीं, रहने लगा।