Isaiah · chapter 59 · verse 8
Isaiah 59:8 in Hindi
शान्ति का मार्ग वे जानते ही नहीं और न उनके व्यवहार में न्याय है; उनके पथ टेढ़े हैं, जो कोई उन पर चले वह शान्ति न पाएगा।।
Shaanti kaa maarg ve jaanate hee naheem aur na unake vyavahaar mem nyaay hai; unake path tedhe haim, jo koee un par chale vah shaanti na paaegaa..
Isaiah 59:8 in English
- King James Version (KJV)
- The way of peace they know not; and [there is] no judgment in their goings: they have made them crooked paths: whosoever goeth therein shall not know peace.
- World English Bible (WEB)
- They don’t know the way of peace; and there is no justice in their ways. They have made crooked paths for themselves; whoever goes in them doesn’t know peace.
- American Standard Version (ASV)
- The way of peace they know not; and there is no justice in their goings: they have made them crooked paths; whosoever goeth therein doth not know peace.
- Bible in Basic English (BBE)
- They have no knowledge of the way of peace, and there is no sense of what is right in their behaviour: they have made for themselves ways which are not straight; whoever goes in them has no knowledge of peace.
- Darby Translation (DBY)
- the way of peace they know not, and there is no judgment in their goings; they have made their paths crooked: whoso goeth therein knoweth not peace.
- Webster's Bible (WBS)
- The way of peace they know not; and [there is] no judgment in their goings: they have made them crooked paths: whoever goeth therein shall not know peace.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A way of peace they have not known, And there is no judgment in their paths, Their paths they have made perverse for themselves, No treader in it hath known peace.
Read in context
- 6उनके जाले कपड़े का काम न देंगे, न वे अपने कामों से अपने को ढाप सकेंगे। क्योंकि उनके काम अनर्थ ही के होते हैं, और उनके हाथों से अपद्रव का काम होता है।
- 7वे बुराई करने को दौड़ते हैं, और निर्दोष की हत्या करने को तत्पर रहते हैं; उनकी युक्तियां व्यर्थ हैं, उजाड़ और विनाश ही उनके मार्गों में हैं।
- 8शान्ति का मार्ग वे जानते ही नहीं और न उनके व्यवहार में न्याय है; उनके पथ टेढ़े हैं, जो कोई उन पर चले वह शान्ति न पाएगा।।
- 9इस कारण न्याय हम से दूर है, और धर्म हमारे समीप ही नहीं आता हम उजियाले की बाट तो जोहते हैं, परन्तु, देखो अन्धियारा ही बना रहता है, हम प्रकाश की आशा तो लगाए हैं, परन्तु, घोर अन्धकार ही में चलते हैं।
- 10हम अन्धों के समान भीत टटोलते हैं, हां, हम बिना आंख के लोगों की नाईं टटोलते हैं; हम दिन- दोपहर रात की नाईं ठोकर खाते हैं, हृष्टपुष्टों के बीच हम मुर्दों के समान हैं।
Cross references
- Isaiah 57:20–21 यशायाह 57:20–21परन्तु दुष्ट तो लहराते समुुद्र के समान है जो स्थिर नहीं रह सकता; और उसका जल मैल और कीच उछालता है। दुष्टों के लिये शान्ति नहीं है, मेरे परमेश्वर का यही वचन है।।
- Romans 3:17 रोमियों 3:17उन्हों ने कुशल का मार्ग नहीं जाना।
- Psalm 58:1–2 भजन संहिता 58:1–2हे मनुष्यों, क्या तुम सचमुच धर्म की बात बोलते हो? और हे मनुष्यवंशियों क्या तुम सीधाई से न्याय करते हो? नहीं, तुम मन ही मन में कुटिल काम करते हो; तुम देश भर में उपद्रव करते जाते हो।।
- Isaiah 5:7 यशायाह 5:7क्योंकि सेनाओं के यहोवा की दाख की बारी इस्राएल का घराना, और उसका मनभाऊ पौधा यहूदा के लोग है; और उस ने उन में न्याय की आशा की परन्तु अन्याय देख पड़ा; उस ने धर्म की आशा की, परन्तु उसे चिल्लाहट ही सुन पड़ी!
- Luke 1:79 लूका 1:79कि अन्धकार और मृत्यु की छाया में बैठनेवालों को ज्योति दे, और हमारे पांवों को कुशल के मार्ग में सीधे चलाए।।
- Hosea 4:1–2 होशे 4:1–2हे इस्राएलियों, यहोवा का वचन सुनो; इस देश के निवासियों के साथ यहोवा का मुक मा है। इस दंश में न तो कुछ सच्चाई है, न कुछ करूणा और न कुछ परमेश्वर का ज्ञान ही है। यहां शाप देने, झूठ बोलने, वध करने, चुराने, और व्यभिचार करने को छोड़ कुछ नहीं होता; वे व्यवस्था की सीमा को लांघकर कुकर्म करते हैं और खून ही खून होता रहता है।
- Matthew 23:23 मत्ती 23:23हे कपटी शास्त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते।
- Jeremiah 5:1 यिर्मयाह 5:1यरूशलेम की सड़कों में इधर उधर दौड़कर देखो! उसके चौकों में ढूंढ़ो यदि कोई ऐसा मिल सके जो त्याय से काम करे और सच्चाई का खोजी हो; तो मैं उसका पाप क्षमा करूंगा।
- Isaiah 48:22 यशायाह 48:22दुष्टों के लिये कुछ शान्ति नहीं, यहोवा का यही वचन है।।
- Amos 6:1–6 आमोस 6:1–6हाय उन पर जो सिरयोन में सुख से रहते, और उन पर जो सामरिया के पर्वत पर निश्चिन्त रहते हैं, वे जो श्रेष्ठ जाति में प्रसिद्ध हैं, जिन के पास इस्राएल का घराना आता है! कलने नगर को जाकर देखो, और वहां से हमात नाम बड़े नगर को जाओ; फिर पलिश्तियों के गत नगर को जाओ। क्या वे इन राज्यों से उत्तम हैं? क्या उनका देश तुम्हारे देश से कुछ बड़ा है? तुम बुरे दिन को दूर कर देते, और उपद्रव की गद्दी को निकट ले आते हो।। तुम हाथी दांत के पलंगों पर लेटते, और अपने अपने बिछौने पर पांव फैलाए सोते हो, और भेड़- बकरियों में से मेम्ने और गौशालाओं में से बछड़े खाते हो। तुम सारंगी के साथ गीत गाते, और दाऊद की नाईं भांति भांति के बाजे बुद्धि से निकालते हो; और कटोरों में से दाखमधु पीते, और उत्तम उत्तम तेल लगाते हो, परन्तु यूसुफ पर आनेवाली विपत्ति का हाल सुनकर शोकित नहीं होते।
- Proverbs 2:15 नीतिवचन 2:15जिनकी चालचलन टेढ़ी मेढ़ी और जिनके मार्ग बिगड़े हुए हैं।।
- Psalm 125:5 भजन संहिता 125:5परन्तु जो मुड़कर टेढ़े मार्गों में चलते हैं, उनको यहोवा अनर्थकारियों के संग निकाल देगा! इस्राएल को शान्ति मिले!