Isaiah · chapter 65 · verse 23
Isaiah 65:23 in Hindi
उनका परिश्रम व्यर्थ न होगा, न उनके बालक घबराहट के लिये उत्पन्न होंगे; क्योंकि वे यहोवा के धन्य लोगों का वंश ठहरेंगे, और उनके बालबच्चे उन से अलग न होंगे।
Unakaa parishram vyarth na hogaa, na unake baalak ghabaraahat ke liye utpann honge; kyonki ve yahovaa ke dhany logom kaa vansh thaharenge, aur unake baalabachche un se alag na honge.
Isaiah 65:23 in English
- King James Version (KJV)
- They shall not labour in vain, nor bring forth for trouble; for they [are] the seed of the blessed of the LORD, and their offspring with them.
- World English Bible (WEB)
- They will not labor in vain nor give birth for calamity; for they are the offspring of the LORD’s blessed and their descendants with them.
- American Standard Version (ASV)
- They shall not labor in vain, nor bring forth for calamity; for they are the seed of the blessed of Jehovah, and their offspring with them.
- Bible in Basic English (BBE)
- Their work will not be for nothing, and they will not give birth to children for destruction; for they are a seed to whom the Lord has given his blessing, and their offspring will be with them.
- Darby Translation (DBY)
- They shall not labour in vain, nor bring forth for terror; for they are the seed of the blessed of Jehovah, and their offspring with them.
- Webster's Bible (WBS)
- They shall not labor in vain, nor bring forth for trouble; for they [are] the seed of the blessed of the LORD, and their offspring with them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They labour not for a vain thing, Nor do they bring forth for trouble, For the seed of the blessed of Jehovah [are] they, And their offspring with them.
Read in context
- 21वे घर बनाकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर उनका फल खाएंगे।
- 22ऐसा नहीं होगा कि वे बनाएं और दूसरा बसे; वा वे लगाएं, और दूसरा खाए; क्योंकि मेरी प्रजा की आयु वृक्षों की सी होगी, और मेरे चुने हुए अपने कामों का पूरा लाभ उठाएंगे।
- 23उनका परिश्रम व्यर्थ न होगा, न उनके बालक घबराहट के लिये उत्पन्न होंगे; क्योंकि वे यहोवा के धन्य लोगों का वंश ठहरेंगे, और उनके बालबच्चे उन से अलग न होंगे।
- 24उनके पुकारने से पहिले ही मैं उनको उत्तर दूंगा, और उनके मांगते ही मैं उनकी सुन लूंगा।
- 25भेड़िया और मेम्ना एक संग चरा करेंगे, और सिंह बैल की नाई भूसा खाएगा; और सर्प का आहार मिट्टी ही रहेगा। मेरे सारे पवित्रा पर्वत पर न तो कोई किसी को दु:ख देगा और न कोई किसी की हानि करेगा, यहोवा का यही वचन है।।
Cross references
- Isaiah 61:9 यशायाह 61:9उनका वंश अन्यजातियों में और उनकी सन्तान देश देश के लोगों के बीच प्रसिद्ध होगी; जितने उनको देखेंगे, पहिचान लेंगे कि यह वह वंश है जिसको परमेश्वर ने आशीष दी है।।
- Jeremiah 32:38–39 यिर्मयाह 32:38–39और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, और मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा मैं उन को एक ही मन और एक ही चाल कर दूंगा कि वे सदा मेरा भय मानते रहें, जिस से उनका और उनके बाद उनके वंश का भी भला हो।
- Deuteronomy 28:3–12 व्यवस्थाविवरण 28:3–12धन्य हो तू नगर में, धन्य हो तू खेत में। धन्य हो तेरी सन्तान, और तेरी भूमि की उपज, और गाय और भेड़- बकरी आदि पशुओं के बच्चे। धन्य हो तेरी टोकरी और तेरी कठौती। धन्य हो तू भीतर आते समय, और धन्य हो तू बाहर जाते समय। यहोवा ऐसा करेगा कि तेरे शत्रु जो तुझ पर चढ़ाई करेंगे वे तुझ से हार जाएंगे; वे एक मार्ग से तुझ पर चढ़ाई करेंगे, परन्तु तेरे साम्हने से सात मार्ग से होकर भाग जाएंगे। तेरे खत्तों पर और जितने कामों में तू हाथ लगाएगा उन सभों पर यहोवा आशीष देगा; इसलिये जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में वह तुझे आशीष देगा। यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं को मानते हुए उसके मार्गों पर चले, तो वह अपनी शपथ के अनुसार तुझै अपनी पवित्रा प्रजा करके स्थिर रखेगा। और पृथ्वी के देश देश के सब लोग यह देखकर, कि तू यहोवा का कहलाता है, तुझ से डर जाएंगे। और जिस देश के विषय यहोवा ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर तुझे देने को कहा, था उस में वह तेरी सन्तान की, और भूमि की उपज की, और पशुओं की बढ़ती करके तेरी भलाई करेगा। यहोवा तेरे लिये अपने आकाशरूपी उत्तम भण्डार को खोलकर तेरी भूमि पर समय पर मेंह बरसाया करेगा, और तेरे सारे कामों पर आशीष देगा; और तू बहुतेरी जातियों को उधार देगा, परन्तु किसी से तुझे उधार लेना न पड़ेगा।
- Acts 2:39 प्रेरितों के काम 2:39क्योंकि यह प्रतिज्ञा तुम, और तुम्हारी सन्तानों, और उन सब दूर दूर के लोगों के लिये भी है जिनको प्रभु हमारा परमेश्वर अपने पास बुलाएगा।
- Psalm 115:14–15 भजन संहिता 115:14–15यहोवा तुम को और तुम्हारे लड़कों को भी अधिक बढ़ाता जाए! यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, उसकी ओर से तुम अशीष पाए हो।।
- Isaiah 55:2 यशायाह 55:2जो भोजनवस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रूपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे।
- Isaiah 49:4 यशायाह 49:4तब मैं ने कहा, मैं ने तो व्यर्थ परिश्रम किया, मैं ने व्यर्थ ही अपना बल खो दिया है; तौभी निश्चय मेरा न्याय यहोवा के पास है और मेरे परिश्रम का फल मेरे परमेश्वर के हाथ में है।।
- Romans 9:7–8 रोमियों 9:7–8और न इब्राहीम के वंश होने के कारण सब उस की सन्तान ठहरे, परन्तु (लिखा है) कि इसहाक ही से तेरा वंश कहलाएगा। अर्थात् शरीर की सन्तान परमेश्वर की सन्तान नहीं, परन्तु प्रतिज्ञा के सन्तान वंश गिने जाते हैं।
- Zechariah 10:8–9 जकर्याह 10:8–9मैं सींटी बजाकर उनको इकट्ठा करूंगा, क्योंकि मैं उनका छुड़ानेवाला हूं, और वे ऐसे बढ़ेंगे जैसे पहले बढ़े थे। यद्यपि मैं उन्हें जाति- जाति के लोगों के बीच छितराऊंगा तौभी वे दूर दूर देशों में मुझे स्मरण करेंगे, और अपने बालकों समेत जीवित लौट आएंगे।
- Genesis 12:2 उत्पत्ति 12:2और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा।
- Genesis 17:7 उत्पत्ति 17:7और मैं तेरे साथ, और तेरे पश्चात् पीढ़ी पीढ़ी तक तेरे वंश के साथ भी इस आशय की युग युग की वाचा बान्धता हूं, कि मैं तेरा और तेरे पश्चात् तेरे वंश का भी परमेश्वर रहूंगा।
- Leviticus 26:3–10 लैव्यव्यवस्था 26:3–10यदि तुम मेरी विधियों पर चलो और मेरी आज्ञाओं को मानकर उनका पालन करो, तो मैं तुम्हारे लिये समय समय पर मेंह बरसाऊंगा, तथा भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और मैदान के वृक्ष अपने अपने फल दिया करेंगे; यहां तक कि तुम दाख तोड़ने के समय भी दावनी करते रहोगे, और बोने के समय भी भर पेट दाख तोड़ते रहोगे, और तुम मनमानी रोटी खाया करोगे, और अपने देश में निश्चिन्त बसे रहोगे। और मैं तुम्हारे देश में सुख चैन दूंगा, और तुम सोओगे और तुम्हारा कोई डरानेवाला न हो; और मैं उस देश में दुष्ट जन्तुओं को न रहने दूंगा, और तलवार तुम्हारे देश में न चलेगी। और तुम अपने शत्रुओं को मार भगा दोगे, और वे तुम्हारी तलवार से मारे जाएंगे। और तुम में से पांच मनुष्य सौ को और सौ मनुष्य दस हजार को खदेड़ेंगे; और तुम्हारे शत्रु तलवार से तुम्हारे आगे आगे मारे जाएंगे; और मैं तुम्हारी ओर कृपा दृष्टि रखूंगा और तुम को फलवन्त करूंगा और बढ़ाऊंगा, और तुम्हारे संग अपनी वाचा को पूर्ण करूंगा। और तुम रखे हुए पुराने अनाज को खाओगे, और नये के रहते भी पुराने को निकालोगे।