Isaiah · chapter 66 · verse 22
Isaiah 66:22 in Hindi
क्योंकि जिस प्रकार नया आकाश और नई पृथ्वी, जो मैं बनाने पर हूं, मेरे सम्मुख बनी रहेगी, उसी प्रकार तुम्हारा वंश और तुम्हारा नाम भी बना रहेगा; यहोवा की यही वाणी है।
Kyonki jis prakaar nayaa aakaash aur naee pruthvee, jo maim banaane par hoom, mere sammukh banee rahegee, usee prakaar tumhaaraa vansh aur tumhaaraa naam bhee banaa rahegaa; yahovaa kee yahee vaanee hai.
Isaiah 66:22 in English
- King James Version (KJV)
- For as the new heavens and the new earth, which I will make, shall remain before me, saith the LORD, so shall your seed and your name remain.
- World English Bible (WEB)
- “For as the new heavens and the new earth, which I will make, shall remain before me,” says the LORD, “so your offspring and your name shall remain.
- American Standard Version (ASV)
- For as the new heavens and the new earth, which I will make, shall remain before me, saith Jehovah, so shall your seed and your name remain.
- Bible in Basic English (BBE)
- For as the new heaven and the new earth which I will make will be for ever before me, says the Lord, so will your seed and your name be for ever.
- Darby Translation (DBY)
- For as the new heavens and the new earth which I will make shall remain before me, saith Jehovah, so shall your seed and your name remain.
- Webster's Bible (WBS)
- For as the new heavens and the new earth, which I will make, shall remain before me, saith the LORD, so shall your seed and your name remain.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For, as the new heavens and the new earth that I am making, Are standing before Me, An affirmation of Jehovah! So remain doth your seed and your name.
Read in context
- 20और जैसे इस्राएली लोग अन्नबलि को शुद्ध पात्र में धरकर यहोवा के भवन में ले आते हैं, वैसे ही वे तुम्हारे सब भाइयों को घोड़ों, रथों, पालकियों, खच्चरों और साड़नियों पर चढ़ा चढ़ाकर मेरे पवित्र पर्वत यरूशलेम पर यहोवा की भेंट के लिये ले आएंगे, यहोवा का यही वचन है।
- 21और उन में से मैं कितने लोगों को याजक और लेवीय पद के लिये भी चुन लूंगा॥
- 22क्योंकि जिस प्रकार नया आकाश और नई पृथ्वी, जो मैं बनाने पर हूं, मेरे सम्मुख बनी रहेगी, उसी प्रकार तुम्हारा वंश और तुम्हारा नाम भी बना रहेगा; यहोवा की यही वाणी है।
- 23फिर ऐसा होगा कि एक नये चांद से दूसरे नये चांद के दिन तक और एक विश्राम दिन से दूसरे विश्राम दिन तक समस्त प्राणी मेरे साम्हने दण्डवत करने को आया करेंगे; यहोवा का यही वचन है॥
- 24तब वे निकल कर उन लोगों की लोथों पर जिन्होंने मुझ से बलवा किया दृष्टि डालेंगे; क्योंकि उन में पड़े हुए कीड़े कभी न मरेंगे, उनकी आस कभी न बुझेगी, और सारे मनुष्यों को उन से अत्यन्त घृणा होगी॥
Cross references
- Isaiah 65:17 यशायाह 65:17क्योंकि देखो, मैं नया आकाश और नई पृथ्वी उत्पन्न करने पर हूं, और पहिली बातें स्मरण न रहेंगी और सोच विचार में भी न आएंगी।
- Revelation 21:1 प्रकाशितवाक्य 21:1फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।
- 2 Peter 3:13 2 पतरस 3:13पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धार्मिकता वास करेगी।।
- 1 Peter 1:4–5 1 पतरस 1:4–5अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
- John 10:27–29 यूहन्ना 10:27–29मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश नहीं होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा। मेरा पिता, जिस ने उन्हें मुझ को दिया है, सब से बड़ा है, और कोई उन्हें पिता के हाथ से छीन नहीं सकता।
- Matthew 28:20 मत्ती 28:20और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं।।
- Hebrews 12:26–28 इब्रानियों 12:26–28उस समय तो उसके शब्द ने पृथ्वी को हिला दिया पर अब उस ने यह प्रतिज्ञा की है, कि एक बार फिर मैं केवल पृथ्वी को नहीं, बरन आकाश को भी हिला दूंगा। और यह वाक्य `एक बार फिर' इस बात को प्रगट करता है, कि जो वस्तुएं हिलाई जाती हैं, वे सृजी हुई वस्तुएं होने के कारण टल जाएंगी; ताकि जो वस्तुएं हिलाई नहीं जातीं, वे अटल बनी रहें। इस कारण हम इस राज्य को पाकर जो हिलने का नहीं, उस अनुग्रह को हाथ से न जाने दें, जिस के द्वारा हम भक्ति, और भय सहित, परमेश्वर की ऐसी आराधना कर सकते हैं जिस से वह प्रसन्न होता है।