James · chapter 3 · verse 12
James 3:12 in Hindi
क्या सोते के एक ही मुंह से मीठा और खारा जल दोनों निकलता है? हे मेरे भाइयों, क्या अंजीर के पेड़ में जैतून, या दाख की लता में अंजीर लग सकते हैं? वैसे ही खारे सोते से मीठा पानी नहीं निकल सकता।।
Kyaa sote ke ek hee munh se meethaa aur khaaraa jal donom nikalataa hai? He mere bhaaiyom, kyaa anjeer ke ped mem jaitoon, yaa daakh kee lataa mem anjeer lag sakate haim? Vaise hee khaare sote se meethaa paanee naheem nikal sakataa..
James 3:12 in English
- King James Version (KJV)
- Can the fig tree, my brethren, bear olive berries? either a vine, figs? so [can] no fountain both yield salt water and fresh.
- World English Bible (WEB)
- Can a fig tree, my brothers, yield olives, or a vine figs? Thus no spring yields both salt water and fresh water.
- American Standard Version (ASV)
- can a fig tree, my brethren, yield olives, or a vine figs? neither [can] salt water yield sweet.
- Bible in Basic English (BBE)
- Is a fig-tree able to give us olives, my brothers, or do we get figs from a vine, or sweet water from the salt sea?
- Darby Translation (DBY)
- Can, my brethren, a fig produce olives, or a vine figs? Neither [can] salt [water] make sweet water.
- Webster's Bible (WBS)
- Can the fig-tree, my brethren, bear olive-berries? or a vine, figs? so no fountain [can] yield both salt water and fresh.
- Young's Literal Translation (YLT)
- is a fig-tree able, my brethren, olives to make? or a vine figs? so no fountain salt and sweet water [is able] to make.
Read in context
- 10एक ही मुंह से धन्यवाद और स्राप दोनों निकलते हैं।
- 11हे मेरे भाइयों, ऐसा नही होना चाहिए।
- 12क्या सोते के एक ही मुंह से मीठा और खारा जल दोनों निकलता है? हे मेरे भाइयों, क्या अंजीर के पेड़ में जैतून, या दाख की लता में अंजीर लग सकते हैं? वैसे ही खारे सोते से मीठा पानी नहीं निकल सकता।।
- 13तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चालचलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है।
- 14पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना।
Cross references
- Luke 6:43–44 लूका 6:43–44कोई अच्छा पेड़ नहीं, जो निकम्मा फल लाए, और न तो कोई निकम्मा पेड़ है, जो अच्छा फल लाए। हर एक पेड़ अपने फल से पहचाना जाता है; क्योंकि लोग झाड़ियों से अंजीर नहीं तोड़ते, और न झड़बेरी से अंगूर।
- Matthew 12:33 मत्ती 12:33यदि पेड़ को अच्छा कहो, तो उसके फल को भी अच्छा कहो; या पेड़ को निकम्मा कहो; क्योंकि पेड़ फल ही से पहचाना जाता है।
- Matthew 7:16–20 मत्ती 7:16–20उन के फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे क्या झाड़ियों से अंगूर, वा ऊंटकटारों से अंजीर तोड़ते हैं? इसी प्रकार हर एक अच्छा पेड़ अच्छा फल लाता है और निकम्मा पेड़ बुरा फल लाता है। अच्छा पेड़ बुरा फल नहीं ला सकता, और न निकम्मा पेड़ अच्छा फल ला सकता है। जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है। सो उन के फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे।
- Jeremiah 2:21 यिर्मयाह 2:21मैं ने तो तुझे उत्तम जाति की दाखलता और उत्तम बीज करके लगाया था, फिर तू क्यों मेरे लिये जंगली दाखलता बन गई?
- Romans 11:16–18 रोमियों 11:16–18जब भेंट का पहिला पेड़ा पवित्रा ठहरा, तो पूरा गुंधा हुआ आटा भी पवित्रा है: और जब जड़ पवित्रा ठहरी, तो डालियां भी ऐसी ही हैं। और यदि कई एक डाली तोड़ दी गई, और तू जंगली जलपाई होकर उन में साटा गया, और जलपाई की जड़ की चिकनाई का भागी हुआ है। तो डालियों पर घमण्ड न करना: और यदि तू घमण्ड करे, तो जान रख, कि तू जड़ को नहीं, परन्तु जड़ तुझे सम्भालती है।
- Ezekiel 47:8–11 यहेजकेल 47:8–11तब उस ने मुझ से कहा, यह सोता पूव देश की ओर बह रहा है, और अराबा में उतरकर ताल की ओर बहेगा; और यह भवन से निकला हुआ सीधा ताल में मिल जाएगा; और उसका जल मीठा हो जाएगा। और जहां जहां यह नदी बहे, वहां वहां सब प्रकार के बहुत अण्डे देनेवाले जीवजन्तु जीएंगे और मछलियां भी बहुत हो जाएंगी; क्योंकि इस सोते का जल वहां पहुंचा है, और ताल का जल मीठा हो जाएगा; और जहा कहीं यह नदी पहुंचेगी वहां सब जन्तु जीएंगे। ताल के तीर पर मछवे खड़े रहेंगे, और एनगदी से लेकर ऐनेग्लैम तक वे जाल फैलाए जाएंगे, और उन्हें महासागर की सी भांति भांति की अनगिनित मछलियां मिलेंगी। परन्तु ताल के पास जो दलदल ओर गड़हे हैं, उनका जल मीठा न होगा; वे खारे ही रहेंगे।
- Isaiah 5:2–4 यशायाह 5:2–4उस ने उसकी मिट्टी खोदी और उसके पत्थर बीनकर उस में उत्तम जाति की एक दाखलता लगाई; उसके बीच में उस ने एक गुम्मट बनाया, और दाखरस के लिये एक कुण्ड भी खोदा; तब उस ने दाख की आशा की, परन्तु उस में निकम्मी दाखें ही लगीं।। अब हे यरूशलेम के निवासियों और हे यहूदा के मनुष्यों, मेरे और मेरी दाख की बारी के बीच न्याय करो। मेरी दाख की बारी के लिये और क्या करना रह गया जो मैं ने उसके लिये न किया हो? फिर क्या कारण है कि जब मैं ने दाख की आशा की तब उस में निकम्मी दाखें लगीं?
Original words (Greek)
- Can · G1410δύναμαι dýnamai
- tree · G4808συκῆ sykē
- my · G3450μοῦ moû
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- bear · G4160ποιέω poiéō
- berries · G1636ἐλαία elaía
- either · G2228ἤ ḗ
- vine · G288ἄμπελος ámpelos
- figs · G4810σῦκον sŷkon
- so · G3779οὕτω hoútō
- no · G3762οὐδείς oudeís
- fountain · G4077πηγή pēgḗ
- yield · G4160ποιέω poiéō
- salt · G252ἁλυκός halykós
- water · G5204ὕδωρ hýdōr
- and · G2532καί kaí
- fresh · G1099γλυκύς glykýs