Colossians · chapter 1 · verse 11
Colossians 1:11 in Hindi
और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।
Aur us kee mahimaa kee shakti ke anusaar sab prakaar kee saamarth se balavant hote jaao, yahaam tak ki aanand ke saath har prakaar se dheeraj aur sahanasheelataa dikhaa sako.
Colossians 1:11 in English
- King James Version (KJV)
- Strengthened with all might, according to his glorious power, unto all patience and longsuffering with joyfulness;
- World English Bible (WEB)
- strengthened with all power, according to the might of his glory, for all endurance and perseverance with joy,
- American Standard Version (ASV)
- strengthened with all power, according to the might of his glory, unto all patience and longsuffering with joy;
- Bible in Basic English (BBE)
- Full of strength in the measure of the great power of his glory, so that you may undergo all troubles with joy;
- Darby Translation (DBY)
- strengthened with all power according to the might of his glory unto all endurance and longsuffering with joy;
- Webster's Bible (WBS)
- Strengthened with all might, according to his glorious power, to all patience and long-suffering with joyfulness;
- Young's Literal Translation (YLT)
- in all might being made mighty according to the power of His glory, to all endurance and long-suffering with joy.
Read in context
- 9इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
- 10ताकि तुम्हारा चाल- चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।
- 11और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।
- 12और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्रा लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।
- 13उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्रा के राज्य में प्रवेश कराया।
Cross references
- Ephesians 3:16 इफिसियों 3:16कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ।
- Philippians 4:13 फिलिप्पियों 4:13जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।
- Ephesians 4:2 इफिसियों 4:2अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे को सह लो।
- Ephesians 6:10 इफिसियों 6:10निदान, प्रभु में और उस की शक्ति में बलवन्त बनो।
- Romans 5:3–5 रोमियों 5:3–5केवल यही नहीं, बरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्रा आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
- 2 Corinthians 4:7 2 कुरिन्थियों 4:7परन्तु महारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, बरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
- 2 Corinthians 12:9–10 2 कुरिन्थियों 12:9–10और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- James 1:2–4 याकूब 1:2–4हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसे पूरे आनन्द की बात समझो, यह जानकर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।।
- James 5:7–8 याकूब 5:7–8सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है। तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है।
- 2 Corinthians 6:4–6 2 कुरिन्थियों 6:4–6परन्तु हर बात में परमेश्वर के सेवकों की नाई अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से। कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से। पवित्राता से, ज्ञान से, धीरज से, कृपालुता से, पवित्रा आत्मा से।
- 2 Timothy 2:1–3 2 तीमुथियुस 2:1–3इसलिये हे मेरे पुत्रा, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्त हो जा। और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी है, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों। मसीह यीशु के अच्छे योद्धा की नाई मेरे साथ दुख उठा।
- Acts 5:41 प्रेरितों के काम 5:41वे इस बात से आनन्दित होकर महासभा के साम्हने से चले गए, कि हम उसके नाम के लिये निरादर होने के योग्य हो ठहरे।
Original words (Greek)
- Strengthened · G1412δυναμόω dynamóō
- with · G1722ἐν en
- all · G3956πᾶς pâs
- might · G1411δύναμις dýnamis
- to · G2596κατά katá
- his · G846αὐτός autós
- glorious · G1391δόξα dóxa
- power · G2904κράτος krátos
- unto · G1519εἰς eis
- all · G3956πᾶς pâs
- patience · G5281ὑπομονή hypomonḗ
- and · G2532καί kaí
- longsuffering · G3115μακροθυμία makrothymía
- with · G3326μετά metá
- joyfulness · G5479χαρά chará