Jeremiah · chapter 25 · verse 28
Jeremiah 25:28 in Hindi
और यदि वे तेरे हाथ से यह कटोरा लेकर पीने से इनकार करें तो उन से कहना, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि तुम को निश्चय पीना पड़ेगा।
Aur yadi ve tere haath se yah katoraa lekar peene se inakaar karem to un se kahanaa, senaaom kaa yahovaa yom kahataa hai ki tum ko nishchay peenaa padegaa.
Jeremiah 25:28 in English
- King James Version (KJV)
- And it shall be, if they refuse to take the cup at thine hand to drink, then shalt thou say unto them, Thus saith the LORD of hosts; Ye shall certainly drink.
- World English Bible (WEB)
- It shall be, if they refuse to take the cup at your hand to drink, then you shall tell them, ‘The LORD of Armies says: “You shall surely drink.
- American Standard Version (ASV)
- And it shall be, if they refuse to take the cup at thy hand to drink, then shalt thou say unto them, Thus saith Jehovah of hosts: Ye shall surely drink.
- Bible in Basic English (BBE)
- And it will be, if they will not take of the cup in your hand, then you are to say to them, This is what the Lord of armies has said: You will certainly take of it.
- Darby Translation (DBY)
- And it shall be, if they refuse to take the cup from thy hand to drink, then shalt thou say unto them, Thus saith Jehovah of hosts: Ye shall certainly drink.
- Webster's Bible (WBS)
- And it shall be, if they refuse to take the cup at thy hand to drink, then shalt thou say to them, Thus saith the LORD of hosts; Ye shall certainly drink.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it hath come to pass, When they refuse to receive the cup out of thy hand to drink, That thou hast said unto them: Thus said Jehovah of Hosts, Ye do certainly drink.
Read in context
- 26और क्या निकट क्या दूर के उत्तर दिशा के सब राजाओं को एक संग पिलाया, निदान धरती भर में रहनेवाले जगत के राज्यों के सब लोगों को मैं ने पिलाया। और इन सब के पीछे शेषक के राजा को भी पीना पड़ेगा।
- 27तब तू उन से यह कहना, सेनाओं का यहोवा जो इस्राएल का परमेश्वर है, यों कहता है, पीओ, और मतवाले हो और छाँट करो, गिर पड़ो और फिर कभी न उठो, क्योंकि यह उस तलवार के कारण से होगा जो मैं तुम्हारे बीच में चलाऊंगा।
- 28और यदि वे तेरे हाथ से यह कटोरा लेकर पीने से इनकार करें तो उन से कहना, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि तुम को निश्चय पीना पड़ेगा।
- 29देखो, जो नगर मेरा कहलाता है, मैं पहिले उसी में विपत्ति डालने लगूंगा, फिर क्या तुम लोग निदष ठहरके बचोगे? तुम निदष ठहरके न बचोगे, क्योंकि मैं पृथ्वी के सब रहनेवालों पर तलवार चलाने पर हूँ, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी हे।
- 30इतनी बातें भविष्यद्वाणी की रीति पर उन से कहकर यह भी कहना, यहोवा ऊपर से गरजेगा, और अपने उसी पवित्रा धाम में से अपना शब्द सुनाएगा; वह अपनी चराई के स्थान के विरूद्ध जोर से गरजेगा; वह पृथ्वी के सारे निवासियों के विरठ्ठ भी दाख लताड़नेवालों की नाई ललकारेगा।
Cross references
- Job 34:33 अय्यूब 34:33क्या वह तेरे ही मन के अनुसार बदला पाए क्योंकि तू उस से अप्रसन्न है? क्योंकि तुझे निर्णय करना है, न कि मुझे; इस कारण जो कुछ तुझे समझ पड़ता है, वह कह दे।
- Isaiah 46:10–11 यशायाह 46:10–11मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा। मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।
- Jeremiah 4:28 यिर्मयाह 4:28इस कारण पृथ्वी विलाप करेगी, और आकाश शोक का काला वस्त्रा पहिनेगा; क्योंकि मैं ने ऐसा ही करते को ठाना और कहा भी है; मैं इस से नहीं पछताऊंगा और न अपने प्रण को छोड़ूंगा।
- Acts 4:28 प्रेरितों के काम 4:28कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- Jeremiah 49:12 यिर्मयाह 49:12क्योंकि यहोवा यों कहता है, देखो, जो इसके योग्य न थे कि कटोरे में से पीएं, उनको तो निश्चय पीना पड़ेगा, फिर क्या तू किसी प्रकार से निदष ठहरकर बच जाएगा? तू निदष ठहरकर न बचेगा, तुझे अवश्य ही पीना पड़ेगा।
- Daniel 4:35 दानिय्येल 4:35पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
- Jeremiah 51:29 यिर्मयाह 51:29यहोवा ने विचारा है कि वह बाबुल के देश को ऐसा उजाड़ करे कि उस में कोई भी न रहे; इसलिये पृथ्वी कांपती है और दु:खित होती है
- Ephesians 1:11 इफिसियों 1:11उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
- Isaiah 14:24–27 यशायाह 14:24–27सेनाओं के यहोवा ने यह शपथ खाई है, नि:सन्देह जैसा मैं ने ठाना है, वैसा ही हो जाएगा, और जैसी मैं ने युक्ति की है, वैसी ही पूरी होगी, कि मैं अश्शूर को अपने ही देश में तोड़ दूंगा, और अपने पहाड़ों पर उसे कुचल डालूंगा; तब उसका जूआ उनकी गर्दनों पर से और उसका बोझ उनके कंधों पर से उतर जाएगा। यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?