Ephesians · chapter 6 · verse 20
Ephesians 6:20 in Hindi
और यह भी कि मैं उस के विषय में जैसा मुझे चाहिए हियाव से बोलूं।।
Aur yah bhee ki maim us ke vishay mem jaisaa mujhe chaahie hiyaav se boloon..
Ephesians 6:20 in English
- King James Version (KJV)
- For which I am an ambassador in bonds: that therein I may speak boldly, as I ought to speak.
- World English Bible (WEB)
- for which I am an ambassador in chains; that in it I may speak boldly, as I ought to speak.
- American Standard Version (ASV)
- for which I am an ambassador in chains; that in it I may speak boldly, as I ought to speak.
- Bible in Basic English (BBE)
- For which I am a representative in chains, and that I may say without fear the things which it is right for me to say.
- Darby Translation (DBY)
- for which I am an ambassador [bound] with a chain, that I may be bold in it as I ought to speak.
- Webster's Bible (WBS)
- For which I am an embassador in bonds: that therein I may speak boldly, as I ought to speak.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for which I am an ambassador in a chain, that in it I may speak freely — as it behoveth me to speak.
Read in context
- 18और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्रा लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
- 19और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।
- 20और यह भी कि मैं उस के विषय में जैसा मुझे चाहिए हियाव से बोलूं।।
- 21और तुखिकुस जो प्रिय भाई और प्रभु में विश्वासयोग्य सेवक है तुम्हें सब बातें बताएगा, कि तुम भी मेरी दशा जानो कि मैं कैसा रहता हूं।
- 22उसे मैं ने तुम्हारे पास इसी लिये भेजा है, कि तुम हमारी दशा जानो, और वह तुम्हारे मनों को शान्ति दे।।
Cross references
- 2 Corinthians 5:20 2 कुरिन्थियों 5:20सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
- Colossians 4:4 कुलुस्सियों 4:4और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है।
- 2 Timothy 2:9 2 तीमुथियुस 2:9जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाई दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं।
- 1 Thessalonians 2:2 1 थिस्सलुनीकियों 2:2बरन तुम आप ही जानते हो, कि पहिले पहिल फिलिप्पी में दुख उठाने और उपद्रव सहने पर भी हमारे परमेश्वर ने हमें ऐसा हियाव दिया, कि हम परमेश्वर का सुसमाचार भारी विरोधों के होते हुए भी तुम्हें सुनाएं।
- Acts 26:29 प्रेरितों के काम 26:29पौलुस ने कहा, परमेश्वर से मेरी प्रार्थना यह है कि क्या थोड़े में, क्या बहुत में, केवल तू ही नहीं, परन्तु जितने लोग आज मेरी सुनते हैं, इन बन्धनों को छोड़ वे मेरे समान हो जाएं।।
- 1 John 3:16 1 यूहन्ना 3:16हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।
- Philippians 1:20 फिलिप्पियों 1:20मैं तो यही हार्दिक लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्जित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं वा मर जाऊं।
- Philippians 1:7 फिलिप्पियों 1:7उचित है, कि मैं तुम सब के लिये ऐसा ही विचार करूं क्योंकि तुम मेरे मन में आ बसे हो, और मेरी कैद में और सुसमाचार के लिये उत्तर और प्रमाण देने में तुम सब मेरे साथ अनुग्रह में सहभागी हो।
- Ephesians 3:1 इफिसियों 3:1इसी कारण मैं पौलुस जो तुम अन्यजातियों के लिये मसीह यीशु का बन्धुआ हूं
- Acts 28:31 प्रेरितों के काम 28:31और जो उसके पास आते थे, उन सब से मिलता रहा और बिना रोक टोक बहुत निडर होकर परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता और प्रभु यीशु मसीह की बातें सिखाता रहा।।
- Acts 28:20 प्रेरितों के काम 28:20इसलिये मैं ने तुम को बुलाया है, कि तुम से मिलूं और बातचीत करूं; क्योंकि इस्त्राएल की आशा के लिये मैं इस जंजीर से जकड़ा हुआ हूं।
- Ephesians 6:19 इफिसियों 6:19और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।