Jeremiah · chapter 45 · verse 1
Jeremiah 45:1 in Hindi
योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में, जब नेरिरयाह का पुत्रा बारूक यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से भविष्यद्वाणी के ये वचन सुनकर पुस्तक में लिख चुका था,
Yoshirayaah ke putraa yahoodaa ke raajaa yahoyaakeem ke raajy ke chauthe varsh mem, jab nerirayaah kaa putraa baarook yirmayaah bhavishyadvaktaa se bhavishyadvaanee ke ye vachan sunakar pustak mem likh chukaa thaa,
Jeremiah 45:1 in English
- King James Version (KJV)
- The word that Jeremiah the prophet spake unto Baruch the son of Neriah, when he had written these words in a book at the mouth of Jeremiah, in the fourth year of Jehoiakim the son of Josiah king of Judah, saying,
- World English Bible (WEB)
- The message that Jeremiah the prophet spoke to Baruch the son of Neriah, when he wrote these words in a book at the mouth of Jeremiah, in the fourth year of Jehoiakim the son of Josiah, king of Judah, saying,
- American Standard Version (ASV)
- The word that Jeremiah the prophet spake unto Baruch the son of Neriah, when he wrote these words in a book at the mouth of Jeremiah, in the fourth year of Jehoiakim the son of Josiah, king of Judah, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- The words which Jeremiah the prophet said to Baruch, the son of Neriah, when he put these words down in a book from the mouth of Jeremiah, in the fourth year of Jehoiakim, the son of Josiah, king of Judah; he said,
- Darby Translation (DBY)
- The word that Jeremiah the prophet spoke to Baruch the son of Nerijah, when he wrote these words in a book at the mouth of Jeremiah, in the fourth year of Jehoiakim the son of Josiah, the king of Judah, saying,
- Webster's Bible (WBS)
- The word that Jeremiah the prophet spoke to Baruch the son of Neriah, when he had written these words in a book from the mouth of Jeremiah, in the fourth year of Jehoiakim the son of Josiah king of Judah, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- The word that Jeremiah the prophet hath spoken unto Baruch son of Neriah, in his writing these words on a book from the mouth of Jeremiah, in the fourth year of Jehoiakim son of Josiah king of Judah, saying:
Read in context
- 1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में, जब नेरिरयाह का पुत्रा बारूक यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से भविष्यद्वाणी के ये वचन सुनकर पुस्तक में लिख चुका था,
- 2तब उस ने उस से यह वचन कहा, कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा,तुझ से यों कहता है,
- 3हे बारूक, तू ने कहा, हाय मुझ पर! क्योंकि यहोवा ने मुझे दु:ख पर दु:ख दिया है; मैं कराहते कराहते थक गया और मुझे कुछ चैन नहीं मिलता।
Cross references
- Jeremiah 36:1 यिर्मयाह 36:1फिर योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे बरस में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा,
- Jeremiah 32:12 यिर्मयाह 32:12उन्हें ले कर अपने चचेरे भाई हनमेल के और उन गवाहों के साम्हने जिन्होंने दस्तावेज़ में दस्तख़त किए थे, और उन सब यहूदियों के साम्हने भी जो पहरे के आंगन में बैठे हुए थे, नेरिय्याह के पुत्र बारूक को जो महसेयाह का पोता था, सौंप दिया।
- Jeremiah 36:4 यिर्मयाह 36:4तो यिर्मयाह ने नेरिरयाह के पुत्रा बारूक को बुलाया, और बारूक ने यहोवा के सब वचन जो उस ने यिर्मयाह से कहे थे, उसके मुख से सुनकर पुस्तक में लिख दिए।
- Jeremiah 36:32 यिर्मयाह 36:32तब यिर्मयाह ने दूसरी पुस्तक लेकर नेरिरयाह के पुत्रा बारूक लेखक को दी, और जो पुस्तक यहूदा के राजा यहोयाकीम ने आग में जला दी थी, उस में के सब वचनों को बारूक ने यिर्मयाह के मुख से सुन सुनकर उस में लिख दिए; और उन वचनों में उनके समान और भी बहुत सी बातें बढ़ा दी गई।
- Jeremiah 25:1 यिर्मयाह 25:1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में जो बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के राज्य का पहिला वर्ष था,
- Jeremiah 36:8–9 यिर्मयाह 36:8–9यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता की इस आज्ञा के अनुसार नेरिरयाह के पुत्रा बारूक ने, यहोवा के भवन में उस पुस्तक में से उसके वचन पढ़कर सुनाए। और योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के पांचवें बरस के नौवें महीने में यरूशलेम में जितने लोग थे, और यहूदा के नगरों से जितने लोग यरूशलेम में आए थे, उन्हों ने यहोवा के साम्हने उपवास करने का प्रचार किया।
- Jeremiah 36:26 यिर्मयाह 36:26ओर राजा ने राजपुत्रा यरहमेल को और अज्रीएल के पुत्रा सरायाह को और अब्देल के पुत्रा शेलेम्याह को आज्ञा दी कि बारूक लेखक और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को पकड़ लें, परन्तु यहोवा ने उनको छिपा रखा।
- 2 Chronicles 36:5 2 इतिहास 36:5जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पचीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उस ने वह काम किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- Jeremiah 32:16 यिर्मयाह 32:16जब मैं ने मोल लेने की वह दस्तावेज़ नेरिय्याह के पुत्र बारूक के हाथ में दी, तब मैं ने यहोवा से यह प्रार्थना की,
- Jeremiah 43:3–6 यिर्मयाह 43:3–6परन्तु नेरिरयाह का पुत्रा बारूक तुझ को हमारे विरूद्व उसकाता है कि हम कसदियों के हाथ में पड़ें और वे हम को मार डालें वा बंधुआ करके बाबुल को ले जाएं। सो कारेह का पुत्रा योहानान और दलों के सब प्रधानों और सब लोगों ने यहोवा की यह आज्ञा न मानी कि वे यहूदा के देश में ही रहें। और कारेह का पुत्रा योहानान और दलों के और सब प्रधान उन सब यहूदियों को जो अन्यजातियों के बीच तितरबितर हो गए थे, और उन में से लौटकर यहूदा देश में रहने लगे थे, वे उनको ले गए-- पुरूष, स्त्री, बालबच्चे, राजकुमारियां, और जितने प्राणियों को जल्लादों के प्रधान नबूजरदान ने गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्रा और शापान का मोता था, सौंप दिया था, उनको और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता और नेरिरयाह के पुत्रा बारूक को वे ले गए;
- Jeremiah 36:14–18 यिर्मयाह 36:14–18उन्हें सुनकर सब हाकिमों ने यहूदी की जो नतन्याह का पुत्रा ओर शेलेम्याह का पोता और कूशी का परपोता था, बारूक के पास यह कहने को भेजा, कि जिस पुस्तक में से तू ने सब लोगों को पढ़ सुनाया हे, उसे अपने हाथ में लेता आ। सो नेरिरयाह का पुत्रा बारूक वह पुस्तक हाथ में लिए हुए उनके पास आया। तब उन्हों ने उस से कहा, अब बैठ जा और हमें यह पढ़कर सुना। तब बारूक ने उनको पढ़कर सुना दिया। जब वे उन सब वचनों को सुन चुके, तब थरथराते हुए एक दूसरे को देखने लगे; और उन्हों ने बारूक से कहा, हम निश्चय राजा से इन सब वचनों का वर्णन करेंगे। फिर उन्हों ने बारूक से कहा, हम से कह, क्या तू ने ये सब वचन उसके मुख से सुनकर लिखे? बारूक ने उन से कहा, वह ये सब वचन अपने मुख से मुझे सुनाता गया ओर मैं इन्हें पुस्तक में स्याही से लिखता गया।
- Jeremiah 26:1 यिर्मयाह 26:1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राजय के आरम्भ में, यहोवा की ओर से यह वचन पहुंचा, यहोवा यों कहता है,
Original words (Hebrew)
- word · H1697דָּבָר dâbâr
- Jeremiah · H3414יִרְמְיָה Yirmᵉyâh
- prophet · H5030נָבִיא nâbîyʼ
- spake · H1696דָבַר dâbar
- Baruch · H1263בָּרוּךְ Bârûwk
- son · H1121בֵּן bên
- Neriah · H5374נֵרִיָּה Nêrîyâh
- written · H3789כָּתַב kâthab
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- book · H5612סֵפֶר çêpher
- mouth · H6310פֶּה peh
- Jeremiah · H3414יִרְמְיָה Yirmᵉyâh
- fourth · H7243רְבִיעִי rᵉbîyʻîy
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- Jehoiakim · H3079יְהוֹיָקִים Yᵉhôwyâqîym
- son · H1121בֵּן bên
- Josiah · H2977יֹאשִׁיָּה Yôʼshîyâh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- saying · H559אָמַר ʼâmar