Jeremiah · chapter 46 · verse 20
Jeremiah 46:20 in Hindi
मिस्र बहुत ही सुन्दर बछिया तो है, परन्तु उत्तर दिशा से नाश चला आता है, वह आ ही गया है।
Misr bahut hee sundar bachhiyaa to hai, parantu uttar dishaa se naash chalaa aataa hai, vah aa hee gayaa hai.
Jeremiah 46:20 in English
- King James Version (KJV)
- Egypt [is like] a very fair heifer, [but] destruction cometh; it cometh out of the north.
- World English Bible (WEB)
- “Egypt is a very beautiful heifer; but destruction out of the north has come. It has come.
- American Standard Version (ASV)
- Egypt is a very fair heifer; [but] destruction out of the north is come, it is come.
- Bible in Basic English (BBE)
- Egypt is a fair young cow; but a biting insect has come on her out of the north.
- Darby Translation (DBY)
- Egypt is a very fair heifer; the gad-fly cometh, it cometh from the north.
- Webster's Bible (WBS)
- Egypt [is like] a very fair heifer, [but] destruction cometh; it cometh out of the north.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A heifer very fair [is] Egypt, Rending from the north doth come into her.
Read in context
- 18वह राजाधिराज जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है, उसकी यह वाणी है कि मेरे जीवन की सौगन्ध, जैसा ताबोर अन्य पहाड़ों में, और जैसा कमल समुद्र के किनारे है, वैसा ही वह आएगा।
- 19हे मिस्र की रहनेवाली पुत्री! बंधुआई में जाने का सामान तैयार कर, क्योंकि नोप नगर उजाड़ और ऐसा भस्म हो जाएगा कि उस में कोई भी न रहेगा।
- 20मिस्र बहुत ही सुन्दर बछिया तो है, परन्तु उत्तर दिशा से नाश चला आता है, वह आ ही गया है।
- 21उसके जो सिपाही किराये पर आए हैं वह पोसे हुए बछड़ों के समान हैं; उन्हों ने मुंह मोड़ा, और एक संग भाग गए, वे खड़े नहीं रहे; क्योंकि उनकी विपत्ति का दिन और दण्ड पाने का समय आ गया।
- 22उसकी आहट सर्प के भागने की सी होगी; क्योंकि वे वृक्षों के काटनेवालों की सेना और कुल्हाड़ियां लिए हुए उसके विरूद्व चढ़ आएंगे।
Cross references
- Hosea 10:11 होशे 10:11एप्रैम सीखी हुई बछिया है, जो अन्न दांवने से प्रसन्न होती है, परन्तु मैं ने उसकी सुन्दर गर्दन पर जुआ रखा है; मैं एप्रैम पर सवार चढ़ाऊंगा; यहूदा हल, और याकूब हेंगा खींचेगा।
- Jeremiah 47:2 यिर्मयाह 47:2यहोवा यों कहता है कि देखो, उत्तर दिशा से उमण्डनेवाली नदी देश को उस सब समेत जो उस में है, और निवासियों समेत नगर को डुबो लेगी। तब मनुष्य चिल्लाएंगे, वरन देश के सब रहनेवाले हाय- हाय करेंगे।
- Jeremiah 1:14 यिर्मयाह 1:14तब यहोवा ने मुझ से कहा, इस देश के सब रहनेवालों पर उत्तर दिशा से विपत्ति आ पड़ेगी।
- Jeremiah 46:6 यिर्मयाह 46:6न वेग चलनेवाला भागने पाएगा और न वीर बचने पाएगा; क्योंकि उत्तर दिशा में परात महानद के तीर पर वे सब ठोकर खाकर गिर पड़े।
- Jeremiah 46:10 यिर्मयाह 46:10क्योंकि वह दिन सेनाओं के यहोवा प्रभु के बदला लेने का दिन होगा जिस में वह अपने द्रोहियों से बदला लेगा। सो तलवार खाकर तृप्त होगी, और उनका लोहू पीकर छक जाएगी। क्योंकि, उत्तर के देश में परान महानद के तीर पर, सेनाओं के यहोवा प्रभु का यज्ञ है।
- Jeremiah 46:24 यिर्मयाह 46:24मिस्री कन्या लज्जित होगी, वह उत्तर दिशा के लोगों के वश में कर दी जाएगी।
- Jeremiah 25:9 यिर्मयाह 25:9जसलिये सुनो, मैं उत्तर में रहनेवाले सब कुलों को बुलाऊंगा, और अपने दास बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर को बुलवा भेजूंगा; और उन सभों को इस देश और इसके निवासियों के विरूद्ध और इसके आस पास की सब जातियों के विरूद्ध भी ले आऊंगा; और इन सब देशों का मैं सत्यानाश करके उन्हें ऐसा उजाड़ दूंगा कि लोग इन्हें देखकर ताली बजाएंगे; वरन ये सदा उजड़े ही रहेंगे, यहोवा की यही वाणी है।
- Jeremiah 50:11 यिर्मयाह 50:11हे मेरे भाग के लूटनेवालो, तुम जो मेरी प्रजा पर आनन्द करते और हुलसते हो, और घास चरनेवाली बछिया की नाई उछलते और बलवन्त घोड़ों के समान हिनहिनाते हो,