Jeremiah · chapter 47 · verse 2
Jeremiah 47:2 in Hindi
यहोवा यों कहता है कि देखो, उत्तर दिशा से उमण्डनेवाली नदी देश को उस सब समेत जो उस में है, और निवासियों समेत नगर को डुबो लेगी। तब मनुष्य चिल्लाएंगे, वरन देश के सब रहनेवाले हाय- हाय करेंगे।
Yahovaa yom kahataa hai ki dekho, uttar dishaa se umandanevaalee nadee desh ko us sab samet jo us mem hai, aur nivaasiyom samet nagar ko dubo legee. Tab manushy chillaaenge, varan desh ke sab rahanevaale haaya- haay karenge.
Jeremiah 47:2 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD; Behold, waters rise up out of the north, and shall be an overflowing flood, and shall overflow the land, and all that is therein; the city, and them that dwell therein: then the men shall cry, and all the inhabitants of the land shall howl.
- World English Bible (WEB)
- The LORD says: “Behold, waters rise up out of the north, and will become an overflowing stream, and will overflow the land and all that is therein, the city and those who dwell therein. The men will cry, and all the inhabitants of the land will wail.
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah: Behold, waters rise up out of the north, and shall become an overflowing stream, and shall overflow the land and all that is therein, the city and them that dwell therein; and the men shall cry, and all the inhabitants of the land shall wail.
- Bible in Basic English (BBE)
- This is what the Lord has said: See, waters are coming up out of the north, and will become an overflowing stream, overflowing the land and everything in it, the town and those who are living in it; and men will give a cry, and all the people of the land will be crying out in pain.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah: Behold, waters rise up out of the north, and shall become an overflowing flood, and shall overflow the land, and all that is therein; the city, and them that dwell therein: and the men shall cry, and all the inhabitants of the land shall howl,
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD; Behold, waters rise out of the north, and shall be an overflowing flood, and shall overflow the land, and all that is in it; the city, and them that dwell therein: then the men shall cry, and all the inhabitants of the land shall howl.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thus said Jehovah: Lo, waters are coming up from the north, And have been for an overflowing stream, And they overflow the land and its fulness, The city, and the inhabitants in it, And men have cried out, And howled hath every inhabitant of the land.
Read in context
- 1फिरोन के गज़्जा नगर को जीत लेने से पहिले यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास पलिश्तियों के विषय यहोवा का यह वचन पहुंचो
- 2यहोवा यों कहता है कि देखो, उत्तर दिशा से उमण्डनेवाली नदी देश को उस सब समेत जो उस में है, और निवासियों समेत नगर को डुबो लेगी। तब मनुष्य चिल्लाएंगे, वरन देश के सब रहनेवाले हाय- हाय करेंगे।
- 3शत्रुओं के बलवन्त घोड़ों की टाप, रथों के वेग चलने और उनके पहियों के चलने का कोलाहल सुनकर पिता के हाथ- पांव ऐसे ढीले पड़ जाएंगे, कि वह मुंह मोड़कर अपने लड़कों को भी न देखेगा।
- 4क्योंकि सब पलिश्तियों के नाश होने का दिन आता है; और सोर और सिदोन के सब बचे हुए सहायक मिट जाएंगे। क्योंकि यहोवा पलिश्तियों को जो कप्तोर नाम समुद्र तीर के बचे हुए रहनेवाले हैं, उनको भी नाश करने पर है।
Cross references
- Isaiah 15:2–5 यशायाह 15:2–5बैत और दीबोन ऊंचे स्थानों पर रोने के लिये चढ़ गए हैं; नबो और मेदबा के ऊपर मोआब हाय हाय करता है। उन सभों के सिर मुड़े हुए, और सभों की दाढ़ियां मुंढ़ी हुई हैं; सड़कों में लोग टाट पहिने हैं; छतों पर और चौकों में सब कोई आंसू बहाते हुए हाय हाय करते हैं। हेशबोन और एलाले चिल्ला रहे हैं, उनका शब्द यहस तक सुनाई पड़ता है; इस कारण मोआब के हथियारबन्द चिल्ला रहे हैं; उसका जी अति उदास है। मेरा मन मोआब के लिये दोहाई देता है; उसके रईस सोअर और एग्लतशलीशिरया तक भागे जाते हैं। देखो, लूहीत की चढ़ाई पर वे रोते हुए चढ़ रहे हैं; सुनो, होरीनैम के मार्ग में वे नाश होने की चिल्लाहट मचा रहे हैं।
- Isaiah 8:7–8 यशायाह 8:7–8इस कारण सुन, प्रभु उन पर उस प्रबल और गहिरे महानद को, अर्थात् अश्शूर के राजा को उसके सारे प्रताप के साथ चढ़ा लाएगा; और वह उनके सब नालों को भर देगा और सारे कड़ाड़ों से छलककर बहेगा; और वह यहूदा पर भी चढ़ आएगा, और बढ़ते बढ़ते उस पर चढ़ेगा और गले तक पहुंचेगा; और हे इम्मानुएल, तेरा समस्त देश उसके पंखों के फैलने से ढंप जाएगा।।
- Jeremiah 8:16 यिर्मयाह 8:16उनके घोड़ों का फुर्राना दान से सुन पड़ता है, और बलवन्त घोड़ों के हिनहिनाने के शब्द से सारा देश कांप उठा है। उन्हों ने आकर हमारे देश को और जो कुछ उस में है, और हमारे नगर को निवासियों समेत नाश किया है।
- Jeremiah 1:14 यिर्मयाह 1:14तब यहोवा ने मुझ से कहा, इस देश के सब रहनेवालों पर उत्तर दिशा से विपत्ति आ पड़ेगी।
- Jeremiah 46:20 यिर्मयाह 46:20मिस्र बहुत ही सुन्दर बछिया तो है, परन्तु उत्तर दिशा से नाश चला आता है, वह आ ही गया है।
- Jeremiah 46:6–8 यिर्मयाह 46:6–8न वेग चलनेवाला भागने पाएगा और न वीर बचने पाएगा; क्योंकि उत्तर दिशा में परात महानद के तीर पर वे सब ठोकर खाकर गिर पड़े। यह कौन है, जो नील नदी की नाई, जिसका जल महानदों का सा उछलता है, बढ़ा चला आता है? मिस्र नील नदी की नाई बढ़ता है, उसका जल महानदों का सा उछलता है। वह कहता है, मैं चढ़कर पृथ्वी को भर दूंगा, मैं नगरों को उनके निवासियों समेत नाश कर दूंगा।
- Jeremiah 48:3–5 यिर्मयाह 48:3–5होरोनैम से चिल्लाहट का शब्द सुनो! नाश और बड़े देख का शब्द सुनाई देता है! मोआब का सत्यानाश हो रहा है; उसके नन्हे बच्चों की चिल्लाहट सुन पड़ी। क्योंकि लूहीत की चढ़ाई में लोग लगातार रोते हुए चढ़ेंगे; और होरोनैम की उतार में नाश की चिल्लाहट का संकट हुआ है।
- Psalm 98:7 भजन संहिता 98:7समुद्र औश्र उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें!
- Zephaniah 1:10–11 सपन्याह 1:10–11यहोवा की यह वाणी है, कि उस दिन मछली फाटक के पास चिल्लाहट का और नये टोले मिश्नाह में हाहाकार का और टीलों पर बड़े धमाके का शब्द होगा। हे मक्तेश के रहनेवालो, हाय, हाय, करो! क्योंकि सब व्योपारी मिट गए; जितने चान्दी से लदे थे, उन सब का नाश हो गया है।
- Isaiah 22:4–5 यशायाह 22:4–5इस कारण मैं ने कहा, मेरी ओर से मुंह फेर लो कि मैं बिलक बिलककर रोऊं; मेरे नगर सत्यनाश होने के शोक में मुझे शान्ति देने का यत्न मत करो।। क्योंकि सेनाओं के प्रभु यहोवा का ठहराया हुआ दिन होगा, जब दर्शन की तराई में कोलाहल और रौंदा जाना और बेचैनी होगी; शहरपनाह में सुरंग लगाई जाएगी और दोहाई का शब्द पहाड़ों तक पहुंचेगा।
- Isaiah 59:19 यशायाह 59:19तब पश्चिम की ओर लोग यहोवा के नाम का, और पूर्व की ओर उसकी महिमा का भय मानेंगे; क्योंकि जब शत्रु महानद की नाईं चढ़ाई करेंगे तब यहोवा का आत्मा उसके विरूद्ध झण्डा खड़ा करेगा।।
- Revelation 12:15–16 प्रकाशितवाक्य 12:15–16और सांप ने उस स्त्री के पीछे अपने मुंह से नदी की नाई पानी बहाया, कि उसे इस नदी से बहा दे। परन्तु पृथ्वी ने उस स्त्री की सहायता की, और अपना मुंह खोलकर उस नदी को जो अजगर ने अपने मुंह से बहाई थी, पी लिया।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- waters · H4325מַיִם mayim
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- north · H6828צָפוֹן tsâphôwn
- overflowing · H7857שָׁטַף shâṭaph
- flood · H5158נַחַל nachal
- overflow · H7857שָׁטַף shâṭaph
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- therein · H4393מְלֹא mᵉlôʼ
- city · H5892עִיר ʻîyr
- dwell · H3427יָשַׁב yâshab
- men · H120אָדָם ʼâdâm
- cry · H2199זָעַק zâʻaq
- inhabitants · H3427יָשַׁב yâshab
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- howl · H3213יָלַל yâlal