Jeremiah · chapter 47 · verse 7
Jeremiah 47:7 in Hindi
तू क्योंकर थम सकती है? क्योंकि यहोवा ने तुझ को आज्ञा देकर अश्कलोन और समुद्रतीर के विरूद्व ठहराया है।
Too kyonkar tham sakatee hai? Kyonki yahovaa ne tujh ko aajnyaa dekar ashkalon aur samudrateer ke viroodv thaharaayaa hai.
Jeremiah 47:7 in English
- King James Version (KJV)
- How can it be quiet, seeing the LORD hath given it a charge against Ashkelon, and against the sea shore? there hath he appointed it.
- World English Bible (WEB)
- “How can you be quiet, since the LORD has given you a command? Against Ashkelon, and against the seashore, there he has appointed it.”
- American Standard Version (ASV)
- How canst thou be quiet, seeing Jehovah hath given thee a charge? Against Ashkelon, and against the sea-shore, there hath he appointed it.
- Bible in Basic English (BBE)
- How is it possible for it to be quiet, seeing that the Lord has given it orders? against Ashkelon and against the sea-land he has given it directions.
- Darby Translation (DBY)
- How shouldest thou be quiet? — For Jehovah hath given it a charge: against Ashkelon, and against the sea shore, there hath he appointed it.
- Webster's Bible (WBS)
- How can it be quiet, seeing the LORD hath given it a charge against Ashkelon, and against the sea shore? there hath he appointed it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- How shall it be quiet, And Jehovah hath given a charge to it, Against Ashkelon, and against the sea shore? There hath He appointed it!'
Read in context
- 5गज़्जा के लोग सिर मुड़ाए हैं, अश्कलोन जो पलिश्तियों के नीचान में अकेला रह गया है, वह भी मिटाया गया है; तू कब तक अपनी देह चीरता रहेगा?
- 6हे यहोवा की तलवार! तू कब तक शान्त न होगी? तू अपनी मियान में घुस जा, शान्त हो, और थमी रह!
- 7तू क्योंकर थम सकती है? क्योंकि यहोवा ने तुझ को आज्ञा देकर अश्कलोन और समुद्रतीर के विरूद्व ठहराया है।
Cross references
- Ezekiel 14:17 यहेजकेल 14:17और यदि मैं उस देश पर तलवार खीचकर कहूं, हे तलवार उस देश में चल; और इस रीति मैं उस में से मनुष्य और पशु नाश करूं,
- Micah 6:9 मीका 6:9यहोवा इस नगर को पुकार रहा है, और सम्पूर्ण ज्ञान, तेरे नाम का भय मानना है: राजदण्ड की, और जो उसे देनेवाला है उसकी बात सुनो!
- Isaiah 10:6 यशायाह 10:6मैं उसको एक भक्तिहीन जाति के विरूद्ध भेजूंगा, और जिन लोगों पर मेरा रोष भड़का है उनके विरूद्ध उसको आज्ञा दूंगा कि छीन छान करे और लूट ले, और उनको सड़कों की कीच के समान लताड़े।
- Zephaniah 2:6–7 सपन्याह 2:6–7और उसी समुद्रतीर पर चरवाहों के घर होंगे और भेड़शालाओं समेत चराई होगी। अर्थात् वही समुद्रतीर यहूदा के घराने के बचे हुओं को मिलेगी, वे उस पर चराएंगे; वे अश्कलोन के छोड़े हुए घरों में सांझ को लेटेंगे, क्योंकि उनका परमेश्वर यहोवा उनकी सुधि लेकर उनके बंधुओं को लौटा ले जाएगा।।
- Isaiah 45:1–3 यशायाह 45:1–3यहोवा अपने अभिषिक्त कु ू के विषय यों कहता है, मैं ने उस के दहिने हाथ को इसलिये थाम लिया है कि उसके साम्हने जातियों केा दबा दूं और राजाओं की कमर ढीली करूं, उसके साम्हने फाटकों को ऐसा खोल दूं कि वे फाटक बन्द न किए जाएं। मैं तेरे आगे आगे चलूंगा और ऊंची ऊंची भूमि को चौरस करूंगा, मैं पीतल के किवाड़ों को तोड़ डालूंगा और लोहे के बेड़ों को टुकड़े टुकड़े कर दूंगा। मैं तुझ को अन्घकार में छिपा दूंगा, जिस से तू जाने कि मैं इस्राएल का परमेश्वर यहोवा हूं जो तुझे नाम लेकर बुलाता है।
- 1 Samuel 15:3 1 शमूएल 15:3इसलिये अब तू जाकर अमालेकियों को मार, और जो कुछ उनका है उसे बिना कोमलता किए सत्यानाश कर; क्या पुरूष, क्या स्त्री, क्या बच्चा, क्या दूधपिउवा, क्या गाय- बैल, क्या भेड़- बकरी, क्या ऊंट, क्या गदहा, सब को मार डाल।।
- Amos 3:6 आमोस 3:6क्या किसी नगर में नरसिंगा फूंकने पर लोग न थरथराएंगे? क्या यहोवा के बिना भेजे किसी नगर में कोई विपत्ति पड़ेगी?
- Isaiah 13:3 यशायाह 13:3मैं ने स्वयं अपने पवित्रा किए हुओं को आज्ञा दी है, मैं ने अपने क्रोध के लिये अपने वीरों को बुलाया है जो मेरे प्रताप के कारण प्रसन्न हैं।।
- Ezekiel 25:16 यहेजकेल 25:16इस कारण परमेश्वर यहोवा यों कहता है, देख, मैं पलिश्तियों के विरूद्ध अपना हाथ बढ़ाने पर हूँ, और करेतियों को मिटा डालूंगा; और समुद्रतीर के बचे हुए रहनेवालों को नाश करूंगा।
- Isaiah 37:26 यशायाह 37:26क्या तू ने नहीं सुना कि प्राचीनकाल से मैं ने यही ठाना और पूर्वकाल से इसकी तैयारी की थी? इसलिये अब मैं ने यह पूरा भी किया है कि तू गढ़वाले नगरों को खण्डहर की खण्डहर कर दे।
- Isaiah 46:10–11 यशायाह 46:10–11मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा। मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।