Jeremiah · chapter 9 · verse 6
Jeremiah 9:6 in Hindi
तेरा निवास छल के बीच है; छल ही के कारण वे मेरा ज्ञान नहीं चाहते, यहोवा की यही वाणी है।
Teraa nivaas chhal ke beech hai; chhal hee ke kaaran ve meraa jnyaan naheem chaahate, yahovaa kee yahee vaanee hai.
Jeremiah 9:6 in English
- King James Version (KJV)
- Thine habitation [is] in the midst of deceit; through deceit they refuse to know me, saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- Your habitation is in the middle of deceit. Through deceit, they refuse to know me,” says the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- Thy habitation is in the midst of deceit; through deceit they refuse to know me, saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- There is wrong on wrong, deceit on deceit; they have given up the knowledge of me, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Thy habitation is in the midst of deceit; through deceit they refuse to know me, saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Thy habitation [is] in the midst of deceit; through deceit they refuse to know me, saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- thy dwelling [is] in the midst of deceit, Through deceit they refused to know Me, An affirmation of Jehovah.
Read in context
- 4अपने अपने संगी से चौकस रहो, अपने भाई पर भी भरोसा न रखो; क्योंकि सब भाई निश्चय अड़ंगा मारेंगे, और हर एक पड़ोसी लुतराई करते फिरेंगे।
- 5वे एक दूसरे को ठगेंगे और सच नहीं बोलेंगे; उन्हों ने झूठ ही बोलना सीखा है; और कुटिलता ही में परिश्रम करते हैं।
- 6तेरा निवास छल के बीच है; छल ही के कारण वे मेरा ज्ञान नहीं चाहते, यहोवा की यही वाणी है।
- 7इसलिये सेनाओं का यहोवा यों कहता है, देख, मैं उनको तपाकर परखूंगा, क्योंकि अपनी प्रजा के कारण मैं उन से और क्या कर सकता हूं?
- 8उनकी जीभ काल के तीर के समान बेधनेवाली है, उस से छल की बातें निकलती हैं; वे मुंह से तो एक दूसरे से मेल की बात बोलते हैं पर मन ही मन एक दूसरे की घात में लगे रहते हैं।
Cross references
- Jeremiah 13:10 यिर्मयाह 13:10इस दुष्ट जाति के लोग जो मेरे वचन सुनने से इनकार करते हैं जो अपने मन के हठ पर चलते, दूसरे देवताओं के पीछे चलकर उनकी उपासना करते ओर उनको दण्डवत् करते हैं, वे इस पेटी के समान हो जाएंगे जो किसी काम की नहीं रही।
- Hosea 4:6 होशे 4:6मेरे ज्ञान के न होने से मेरी प्रजा नाश हो गई; तू ने मेरे ज्ञान को तुच्छ जाना है, इसलिये मैं तुझे अपना याजक रहने के अयोग्य ठहराऊंगा। और इसलिये कि तू ने अपने परमेश्वर की व्यवस्था को तज दिया है, मैं भी तेरे लड़केबालों को छोड़ दूंगा।
- Jeremiah 8:5 यिर्मयाह 8:5जब कोई। भटक जाता है तो क्या वह लौट नहीं आता? फिर क्या कारण है कि ये यरूशलेमी सदा दूर ही दूर भटकते जाते हैं? ये छल नहीं छोड़ते, और फिर लौटने से इनकार करते हैं।
- Romans 1:28 रोमियों 1:28और जब उन्हों ने परमेश्वर को पहिचानना न चाहा, इसलिये परमेश्वर ने भी उन्हें उन के निकम्मे मन पर छोड़ दिया; कि वे अनुचित काम करें।
- John 3:19–20 यूहन्ना 3:19–20और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
- Proverbs 1:24 नीतिवचन 1:24मैं ने तो पुकारा परन्तु तुम ने इनकार किया, और मैं ने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया,
- Jeremiah 20:10 यिर्मयाह 20:10मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना है। चारों ओर भय ही भय है! मेरी जान पहचान के सब जो मेरे ठोकर खाने की बाट जोहते हैं, वे कहते हैं, उसके दोष बताओ, तब हम उनकी चर्चा फैला देंगे। कदाचित वह धोखा खाए, तो हम उस पर प्रबल होकर, उस से बदला लेंगे।
- Job 21:14–15 अय्यूब 21:14–15तौभी वे ईश्वर से कहते थे, कि हम से दूर हो! तेरी गति जानने की हम को इच्छा नहीं रहती। सर्वशक्तिमान क्या है, कि हम उसकी सेवा करें? और जो हम उस से बिनती भी करें तो हमें क्या लाभ होगा?
- Proverbs 1:29 नीतिवचन 1:29क्योंकि उन्हों ने ज्ञान से बैर किया, और यहोवा का भय मानना उनको न भाया।
- Jeremiah 5:27 यिर्मयाह 5:27जैसा पिंजड़ा चिड़ियों से भरा हो, वैसे ही उनके घर छल से भरे रहते हैं; इसी प्रकार वे बढ़ गए और धनी हो गए हैं।
- Jeremiah 11:19 यिर्मयाह 11:19मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे।
- Jeremiah 18:18 यिर्मयाह 18:18तब वे कहने लगे, चलो, यिर्मयाह के विरूद्ध युक्ति करें, क्योंकि न याजक से व्यवस्था, न ज्ञानी से सम्मति, न भविष्यद्वक्ता से वचन दूर होंगे। आओ, हम उसकी कोई बात पकड़कर उसको नाश कराएं और फिर उसकी किसी बात पर ध्यान न दें।