Jeremiah · chapter 6 · verse 12
Jeremiah 6:12 in Hindi
उन लोगों के घर और खेत और स्त्रियां सब औरों को हो जाएंगीं; क्योंकि मैं इस देश के रहनेवालों पर हाथ बढ़ाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
Un logom ke ghar aur khet aur striyaam sab aurom ko ho jaaengeem; kyonki maim is desh ke rahanevaalom par haath badhaaoongaa, yahovaa kee yahee vaanee hai.
Jeremiah 6:12 in English
- King James Version (KJV)
- And their houses shall be turned unto others, [with their] fields and wives together: for I will stretch out my hand upon the inhabitants of the land, saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- Their houses will be turned to others, their fields and their wives together; for I will stretch out my hand on the inhabitants of the land, says the LORD.”
- American Standard Version (ASV)
- And their houses shall be turned unto others, their fields and their wives together; for I will stretch out my hand upon the inhabitants of the land, saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And their houses will be handed over to others, their fields and their wives together: for my hand will be stretched out against the people of the land, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And their houses shall be turned unto others, [their] fields and wives together; for I will stretch out my hand upon the inhabitants of the land, saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And their houses shall be turned to others, [with their] fields and wives together: for I will stretch out my hand upon the inhabitants of the land, saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And their houses have been turned to others, Fields and wives together, For I stretch out My hand against the inhabitants of the land, An affirmation of Jehovah.
Read in context
- 10मैं किस से बोलूं और किसको चिताकर कहूं कि वे मानें? देख, ये ऊंचा सुनते हैं, वे ध्यान भी नहीं दे सकते; देख, यहोवा के वचन की वे निन्दा करते और उसे नहीं चाहते हैं।
- 11इस कारण यहोवा का कोप मेरे मन में भर गया हे; मैं उसे रोकते रोकते उकता गया हूँ। बाज़ारों में बच्चों पर और जवानों की सभा में भी उसे उंडेल दे; क्योंकि पति अपनी पत्नी के साथ और अधेड़ बूढ़े के साथ पकड़ा जाएगा।
- 12उन लोगों के घर और खेत और स्त्रियां सब औरों को हो जाएंगीं; क्योंकि मैं इस देश के रहनेवालों पर हाथ बढ़ाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- 13क्योंकि उन में छोटे से लेकर बड़े तक सब के सब लालची हैं; और क्या भविष्यद्वक्ता क्या याजक सब के सब छल से काम करते हैं।
- 14वे, "शान्ति है, शान्ति," ऐसा कह कहकर मेरी प्रजा के घाव को ऊपर ही ऊपर चंगा करते हैं, परन्तु शान्ति कुछ भी नहीं।
Cross references
- Jeremiah 8:10 यिर्मयाह 8:10इस कारण मैं उनकी स्त्रियों को दूसरे पुरूषों को और उनके खेत दूसरे अधिकारियों के वश में कर दूंगा, क्योंकि छोटे से लेकर बड़े तक वे सब के सब लालची हैं; क्या भविष्यद्वक्ता क्या याजक, वे सब के छल से काम करते हैं।
- Isaiah 5:25 यशायाह 5:25इस कारण यहोवा का क्रोध अपनी प्रजा पर भड़का है, और उस ने उनके विरूद्ध हाथ बढ़ाकर उनको मारा है, और पहाड़ कांप उठे; और लोगों की लोथें सड़कों के बीच कूड़ा सी पड़ी हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Deuteronomy 28:30–33 व्यवस्थाविवरण 28:30–33तू स्त्री से ब्याह की बात लगाएगा, परन्तु दूसरा पुरूष उसको भ्रष्ट करेगा; घर तू बनाएगा, परन्तु उस में बसने न पाएगा; दाख की बारी तू लगाएगा, परन्तु उसके फल खाने न पाएगा। तेरा बैल तेरी आंखों के साम्हने मारा जाएगा, और तू उसका मांस खाने न पाएगा; तेरा गदहा तेरी आंख के साम्हने लूट में चला जाएगा, और तुझे फिर न मिलेगा; तेरी भेड़- बकरियां तेरे शत्रुओं के हाथ लग जाएंगी, और तेरी ओर से उनका कोई छुडानेवाला न होगा। तेरे बेटे- बेटियां दूसरे देश के लोगों के हाथ लग जाएंगे, और उनके लिये चाव से देखते देखते तेरी आंखे रह जाएंगी; और तेरा कुछ बस न चलेगा। तेरी भूमि की उपज और तेरी सारी कमाई एक अनजाने देश के लोगे खा जाएंगे; और सर्वदा तू केवल अन्धेर सहता और पीसा जाता रहेगा;
- Lamentations 5:11 विलापगीत 5:11सिरयोन में स्त्रियां, और यहूदा के नगरों में कुमारियां भ्रष्ट की गई हैं।
- 1 Chronicles 21:16 1 इतिहास 21:16और दाऊद ने आंखें उठाकर देखा, कि यहोवा का दूत हाथ में खींची हुई और यरूशलेम के ऊपर बढ़ाई हुई एक तलवार लिये हुए आकाश के बीच खड़ा है, तब दाऊद और पुरनिये टाट पहिने हुए मुंह के बल गिरे।
- Isaiah 9:12 यशायाह 9:12और उनके शत्रुओं को अर्थात् पहिले आराम को और तब पलिश्तियों को उभारेगा, और वे मुंह खोलकर इस्राएलियों को निगल लेंगे। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Isaiah 10:4 यशायाह 10:4और तुम अपने विभव को कहां रख्.ा छोड़ोगे? वे केवल बंधुओं के पैरों के पास गिर पड़ेंगे और मरे हुओं के नीचे दबे पड़े रहेंगे। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Lamentations 2:4–5 विलापगीत 2:4–5उस ने शत्रु बनकर धनुष चढ़ाया, और वैरी बनकर दहिना हाथ बढ़ाए हुए खड़ा है; और जितने देखने में मनभावने थे, उन सब को उस ने घात किया; सिरयोन की पुत्री के तम्बू पर उस ने आग की नाई अपनी जलजलाहट भड़का दी है। यहोवा शत्रु बन गया, उस ने इस्राएल को निगल लिया; उसके सारे भवनों को उस ने मिटा दिया, और उसके दृढ़ गढ़ों को नष्ट कर डाला है; और यहूदा की पुत्री का दोना- पीटना बहुत बढ़ाय है।
- Lamentations 5:3 विलापगीत 5:3हम अनाथ और पिताहीन हो गए; हमारी माताएं विधवा सी हो गई हैं।
- Isaiah 9:21 यशायाह 9:21मनश्शे एप्रैम को और एप्रैम मनश्शे को खाता है, और वे दोनों मिलकर यहूदा के विरूद्ध हैं इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ, और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Isaiah 65:21–22 यशायाह 65:21–22वे घर बनाकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर उनका फल खाएंगे। ऐसा नहीं होगा कि वे बनाएं और दूसरा बसे; वा वे लगाएं, और दूसरा खाए; क्योंकि मेरी प्रजा की आयु वृक्षों की सी होगी, और मेरे चुने हुए अपने कामों का पूरा लाभ उठाएंगे।
- Jeremiah 38:22 यिर्मयाह 38:22देख, यहूदा के राजा के रनवास में जितनी स्त्रियां रह गई हैं, वे बाबुल के राजा के हाकिमों के पास निकाल कर पहुंचाई जाएंगी, और वे तुझ से कहेंगी, तेरे मित्रों ने तुझे बहकाया, और उनकी इच्छा पूरी हो गई; और जब तेरे पांव कीच में धंस गए तो वे पीछे फिर गए हैं।