Deuteronomy · chapter 28 · verse 30
Deuteronomy 28:30 in Hindi
तू स्त्री से ब्याह की बात लगाएगा, परन्तु दूसरा पुरूष उसको भ्रष्ट करेगा; घर तू बनाएगा, परन्तु उस में बसने न पाएगा; दाख की बारी तू लगाएगा, परन्तु उसके फल खाने न पाएगा।
Too stree se byaah kee baat lagaaegaa, parantu doosaraa puroosh usako bhrasht karegaa; ghar too banaaegaa, parantu us mem basane na paaegaa; daakh kee baaree too lagaaegaa, parantu usake phal khaane na paaegaa.
Deuteronomy 28:30 in English
- King James Version (KJV)
- Thou shalt betroth a wife, and another man shall lie with her: thou shalt build an house, and thou shalt not dwell therein: thou shalt plant a vineyard, and shalt not gather the grapes thereof.
- World English Bible (WEB)
- You will betroth a wife, and another man shall lie with her. You will build a house, and you won’t dwell in it. You will plant a vineyard, and not use its fruit.
- American Standard Version (ASV)
- Thou shalt betroth a wife, and another man shall lie with her: thou shalt build a house, and thou shalt not dwell therein: thou shalt plant a vineyard, and shalt not use the fruit thereof.
- Bible in Basic English (BBE)
- You will take a wife, but another man will have the use of her: the house which your hands have made will never be your resting-place: you will make a vine-garden, and never take the fruit of it.
- Darby Translation (DBY)
- Thou shalt betroth a wife, and another man shall lie with her; thou shalt build a house, and thou shalt not dwell therein; thou shalt plant a vineyard, and shalt not eat of it.
- Webster's Bible (WBS)
- Thou shalt betroth a wife, and another man shall lie with her: thou shalt build a house, and thou shalt not dwell in it: thou shalt plant a vineyard, and shalt not gather the grapes of it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'A woman thou dost betroth, and another man doth lie with her; a house thou dost build, and dost not dwell in it; a vineyard thou dost plant, and dost not make it common;
Read in context
- 28यहोवा तुझे पागल और अन्धा कर देगा, और तेरे मन को अत्यन्त घबरा देगा;
- 29और जैसे अन्धा अन्धियारे में टटोलता है वैसे ही तू दिन दुपहरी में टटोलता फिरेगा, और तेरे काम काज सुफल न होंगे; और तू सदैव केवल अन्धेर सहता और लुटता ही रहेगा, और तेरा कोई छुड़ानेवाला न होगा।
- 30तू स्त्री से ब्याह की बात लगाएगा, परन्तु दूसरा पुरूष उसको भ्रष्ट करेगा; घर तू बनाएगा, परन्तु उस में बसने न पाएगा; दाख की बारी तू लगाएगा, परन्तु उसके फल खाने न पाएगा।
- 31तेरा बैल तेरी आंखों के साम्हने मारा जाएगा, और तू उसका मांस खाने न पाएगा; तेरा गदहा तेरी आंख के साम्हने लूट में चला जाएगा, और तुझे फिर न मिलेगा; तेरी भेड़- बकरियां तेरे शत्रुओं के हाथ लग जाएंगी, और तेरी ओर से उनका कोई छुडानेवाला न होगा।
- 32तेरे बेटे- बेटियां दूसरे देश के लोगों के हाथ लग जाएंगे, और उनके लिये चाव से देखते देखते तेरी आंखे रह जाएंगी; और तेरा कुछ बस न चलेगा।
Cross references
- Amos 5:11 आमोस 5:11तुम जो कंगालों को लताड़ा करते, और भेंट कहकर उस से अन्न हर लेते हो, इसलिये जो घर तुम ने गढ़े हुए पत्थरों के बनाए हैं, उन में रहने न पाओगे; और जो मनभावनी दाख की बारियां तुम ने लगाई हैं, उनका दाखमधु न पीने पाओगे।
- Jeremiah 8:10 यिर्मयाह 8:10इस कारण मैं उनकी स्त्रियों को दूसरे पुरूषों को और उनके खेत दूसरे अधिकारियों के वश में कर दूंगा, क्योंकि छोटे से लेकर बड़े तक वे सब के सब लालची हैं; क्या भविष्यद्वक्ता क्या याजक, वे सब के छल से काम करते हैं।
- Job 31:10 अय्यूब 31:10तो मेरी स्त्री दूसरे के लिये पीसे, और पराए पुरूष उसको भ्रष्ट करें।
- Lamentations 5:2 विलापगीत 5:2हमारा भाग परदेशियों का हो गया ओर हमारे घर परायों के हो गए हैं।
- Isaiah 5:9–10 यशायाह 5:9–10सेनाओं के यहोवा ने मेरे सुनते कहा है: निश्चय बहुत से घर सुनसान हो जाएंगे, और बड़ें बड़े और सुन्दर घर निर्जन हो जाएंगे। क्योंकि दस बीघे की दाख की बारी से एक ही बत दाखमधु मिलेगा, और होमेर भर के बीच से एक ही एपा अन्न उत्पन्न होगा।।
- Jeremiah 12:13 यिर्मयाह 12:13उन्हों ने गेहूं तो बोया, परन्तु कटीले पेड़ काटे, उन्हों ने कष्ट तो उठाया, परन्तु उस से कुछ लाभ न हुआ। यहोवा के क्रोध के भड़कने के कारण तुम अपने खेतों की उपज के विषय में लज्जित हो।
- Zephaniah 1:13 सपन्याह 1:13तब उनकी धन सम्पत्ति लूटी जाएगी, और उनके घर उजाड़ होंगे; वे घर तो बनाएंगे, परन्तु उन में रहने न पाएंगे; और वे दाख की बारियां लगाएंगे, परन्तु उन से दाखमधु न पीने पाएंगे।।
- Hosea 4:2 होशे 4:2यहां शाप देने, झूठ बोलने, वध करने, चुराने, और व्यभिचार करने को छोड़ कुछ नहीं होता; वे व्यवस्था की सीमा को लांघकर कुकर्म करते हैं और खून ही खून होता रहता है।
- Micah 6:15 मीका 6:15तू बोएगा, परन्तु लवेगा नहीं; तू जलपाई का तेल निकालेगा, परन्तु लगाने न पाएगा; और दाख रौंदेगा, परन्तु दाखमधु पीने न पाएगा।
- Deuteronomy 20:6–7 व्यवस्थाविवरण 20:6–7और कौन है जिस ने दाख की बारी लगाई हो, परन्तु उसके फल न खाए हों? वह भी अपने घर को लौट जाए, ऐसा न हो कि वह संग्राम में मारा जाए, और दूसरा मनुष्य उसके फल खाए। फिर कौन है जिस ने किसी स्त्री से ब्याह की बात लगाई हो, परन्तु उसको ब्याह न लाया हो? वह भी अपने घर को लौट जाए, ऐसा न हो कि वह युद्ध में मारा जाए, और दूसरा मनुष्य उस से ब्याह कर ले।
- Isaiah 65:21–22 यशायाह 65:21–22वे घर बनाकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर उनका फल खाएंगे। ऐसा नहीं होगा कि वे बनाएं और दूसरा बसे; वा वे लगाएं, और दूसरा खाए; क्योंकि मेरी प्रजा की आयु वृक्षों की सी होगी, और मेरे चुने हुए अपने कामों का पूरा लाभ उठाएंगे।
- Job 3:18 अय्यूब 3:18उस में बन्धुए एक संग सुख से रहते हैं; और परिश्रम करानेवाले का शब्द नहीं सुनते।