Hosea · chapter 10 · verse 13
Hosea 10:13 in Hindi
तुम ने दुष्टता के लिये हल जोता और अन्याय का खेत काटा है; और तुम ने धोखे का फल खाया है। और यह इसलिये हुआ क्योंकि तुम ने अपने कुव्यवहार पर, और अपने बहुत से वीरों पर भरोसा रखा था।
Tum ne dushtataa ke liye hal jotaa aur anyaay kaa khet kaataa hai; aur tum ne dhokhe kaa phal khaayaa hai. Aur yah isaliye huaa kyonki tum ne apane kuvyavahaar par, aur apane bahut se veerom par bharosaa rakhaa thaa.
Hosea 10:13 in English
- King James Version (KJV)
- Ye have plowed wickedness, ye have reaped iniquity; ye have eaten the fruit of lies: because thou didst trust in thy way, in the multitude of thy mighty men.
- World English Bible (WEB)
- You have plowed wickedness. You have reaped iniquity. You have eaten the fruit of lies, for you trusted in your way, in the multitude of your mighty men.
- American Standard Version (ASV)
- Ye have plowed wickedness, ye have reaped iniquity; ye have eaten the fruit of lies; for thou didst trust in thy way, in the multitude of thy mighty men.
- Bible in Basic English (BBE)
- You have been ploughing sin, you have got in a store of evil, the fruit of deceit has been your food: for you put faith in your way, in the number of your men of war.
- Darby Translation (DBY)
- Ye have ploughed wickedness, reaped iniquity, eaten the fruit of lies; for thou didst confide in thy way, in the multitude of thy mighty men.
- Webster's Bible (WBS)
- Ye have plowed wickedness, ye have reaped iniquity; ye have eaten the fruit of lies: because thou hast trusted in thy way, in the multitude of thy mighty men.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Ye have ploughed wickedness, Perversity ye have reaped, Ye have eaten the fruit of lying, For thou hast trusted in thy way, In the abundance of thy might.
Read in context
- 11एप्रैम सीखी हुई बछिया है, जो अन्न दांवने से प्रसन्न होती है, परन्तु मैं ने उसकी सुन्दर गर्दन पर जुआ रखा है; मैं एप्रैम पर सवार चढ़ाऊंगा; यहूदा हल, और याकूब हेंगा खींचेगा।
- 12अपने लिये धर्म का बीज बोओ, तब करूणा के अनुसार खेत काटने पाओगे; अपनी पड़ती भूमि को जोतो; देखो, अभी यहोवा के पीछे हो लेने का समय है, कि वह आए और तुम्हारे ऊपर उद्धार बरसाए।।
- 13तुम ने दुष्टता के लिये हल जोता और अन्याय का खेत काटा है; और तुम ने धोखे का फल खाया है। और यह इसलिये हुआ क्योंकि तुम ने अपने कुव्यवहार पर, और अपने बहुत से वीरों पर भरोसा रखा था।
- 14इस कारण तुम्हारे लोगों में हुल्लड़ उठेगा, और तुम्हारे सब गढ़ ऐसे नाश किए जाएंगे जैसा बेतर्बेल नगर युद्ध के समय शल्मन के द्वारा नाश किया गया; उस समय माताएं अपने बच्चों समेत पटक दी गईं थी।
- 15तुम्हारी अत्यन्त बुराई के कारण बेतेल से भी इसी प्रकार का व्यवहार किया जाएगा। भोर होते ही इस्राएल का राजा पूरी रीति से मिट जाएगा।।
Cross references
- Job 4:8 अय्यूब 4:8मेरे देखने में तो जो पाप को जोतते और दु:ख बोते हैं, वही उसको काटते हैं।
- Galatians 6:7–8 गलातियों 6:7–8धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा। क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।
- Proverbs 22:8 नीतिवचन 22:8जो कुटिलता का बीज बोता है, वह अनर्थ ही काटेगा, और उसके रोष का सोंटा टूटेगा।
- Proverbs 1:31 नीतिवचन 1:31इसलिये वे अपनी करनी का फल आप भोगेंगे, और अपनी युक्तियों के फल से अघा जाएंगे।
- Hosea 8:7 होशे 8:7वे वायु बोते हैं, और वे बवण्डर लवेंगे। उनके लिये कुछ खेत रहेगा नहीं न उनकी उपज से कुछ आटा होगा; और यदि हो भी तो परदेशी उसको खा डालेंगे।
- Psalm 62:10 भजन संहिता 62:10अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।।
- Proverbs 18:20–21 नीतिवचन 18:20–21मनुष्य का पेट मुंह की बातों के फल से भरता है; और बोलने से जो कुछ प्राप्त होता है उस से वह तृप्त होता है। जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
- Proverbs 19:5 नीतिवचन 19:5झूठा साक्षी निर्दोष नहीं ठहरता, और जो झूठ बोला करता है, वह न बचेगा।
- Proverbs 12:19 नीतिवचन 12:19सच्चाई सदा बनी रहेगी, परन्तु झूढ पल ही भर का होता है।
- Psalm 33:16 भजन संहिता 33:16कोई ऐसा राजा नहीं, जो सेना की बहुतायत के कारण बच सके; वीर अपनी बड़ी शक्ति के कारण छूट नहीं जाता।
- Ecclesiastes 9:11 सभोपदेशक 9:11फिर मैं ने धरती पर देखा कि न तो दौड़ में वेग दौड़नेवाले और न युद्ध में शूरवीर जीतते; न बुद्धिमान लोग रोटी पाते न समझवाले धन, और न प्रवीणों पर अनुग्रह होता है, वे सब समय और संयोग के वश में है।
- Psalm 52:7 भजन संहिता 52:7देखो, यह वही पुरूष है जिस ने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!