Jeremiah · chapter 9 · verse 18
Jeremiah 9:18 in Hindi
वे फुत करके हम लोगों के लिये शोक का गीत गाएं कि हमारी आंखों से आंसू बह चलें और हमारी पलकें जल बहाए।
Ve phut karake ham logom ke liye shok kaa geet gaaem ki hamaaree aankhom se aansoo bah chalem aur hamaaree palakem jal bahaae.
Jeremiah 9:18 in English
- King James Version (KJV)
- And let them make haste, and take up a wailing for us, that our eyes may run down with tears, and our eyelids gush out with waters.
- World English Bible (WEB)
- Let them make haste and take up a wailing for us, that our eyes may run down with tears and our eyelids gush out with waters.
- American Standard Version (ASV)
- and let them make haste, and take up a wailing for us, that our eyes may run down with tears, and our eyelids gush out with waters.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let them quickly make cries of sorrow for us, so that drops may be flowing from our eyes till they are streaming with water.
- Darby Translation (DBY)
- and let them make haste, and take up a wailing for us, that our eyes may run down with tears, and our eyelids pour forth waters.
- Webster's Bible (WBS)
- And let them make haste, and take up a wailing for us, that our eyes may run down with tears, and our eyelids gush out with waters.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they hasten, and lift up for us a wailing. And run down our eyes do tears, And from our eyelids do waters flow.
Read in context
- 16और मैं उन लोगों को ऐसी जातियों में तितर बितर करूंगा जिन्हें न तो वे न उनके पुरखा जानते थे; और जब तक उनका अन्त न हो जाए तब तक मेरी ओर से तलवार उनके पीछे पड़ेगी।
- 17सेनाओं का यहोवा यों कहता है, सोचो, और विलाप करनेवालियों को बुलाओ; बुध्दिमान स्त्रियों को बतलवा भेजो;
- 18वे फुत करके हम लोगों के लिये शोक का गीत गाएं कि हमारी आंखों से आंसू बह चलें और हमारी पलकें जल बहाए।
- 19सिरयोन से शोक का यह गीत सुन पड़ता है, हम कैसे नाश हो गए! हम क्यों लज्जा में पड़ गए हैं, क्योंकि हम को अपना देश छोड़ना पड़ा और हमारे घर गिरा दिए गए हैं।
- 20इसलिये, हे स्त्रियो, यहोवा का यह वचन सुनो, और उसकी यह आज्ञा मानो; तुम अपनी अपनी बेटियों को शोक का गीत, और अपनी अपनी पड़ोसिनों को विलाप का गीत सिखाओ।
Cross references
- Jeremiah 9:1 यिर्मयाह 9:1भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आंखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे हुए लोगों के लिये रोता रहता।
- Isaiah 22:4 यशायाह 22:4इस कारण मैं ने कहा, मेरी ओर से मुंह फेर लो कि मैं बिलक बिलककर रोऊं; मेरे नगर सत्यनाश होने के शोक में मुझे शान्ति देने का यत्न मत करो।।
- Jeremiah 14:17 यिर्मयाह 14:17तू उन से यह बात कह, मेरी ओखों से दिन रात आंसू लगातार बहते रहें, वे न रूकें क्योंकि मेरे लोगों की कुंवारी बेटी बहुत ही कुचली गई और घायल हुई है।
- Jeremiah 9:20 यिर्मयाह 9:20इसलिये, हे स्त्रियो, यहोवा का यह वचन सुनो, और उसकी यह आज्ञा मानो; तुम अपनी अपनी बेटियों को शोक का गीत, और अपनी अपनी पड़ोसिनों को विलाप का गीत सिखाओ।
- Jeremiah 6:26 यिर्मयाह 6:26हे मेरी प्रजा कमर में टाट बान्ध, और राख में लोट; जैसा एकलौते पुत्रा के लिये विलाप होता है वैसा ही बड़ा शोकमय विलाप कर; क्योंकि नाश करनेवाला हम पर अचानक आ पडेगा।
- Lamentations 2:18 विलापगीत 2:18वे प्रभु की ओर तन मन से पुकारते हैं! हे सिरयोन की कुमारी (की शहरपनाह), अपने आंसू रात दिन नदी की नाई बहाती रह! तनिक भी विश्राम न ले, न तेरी आंख की पुतली चैन ले!
- Lamentations 2:11 विलापगीत 2:11मेरी आंखें आंसू बहाते बहाते रह गई हैं; मेरी अन्तड़ियां एेंठी जाती हैं; मेरे लोगों की पुत्री के विनाश के कारण मेरा कलेजा फट गया है, क्योंकि बच्चे वरन दूधपिउवे बच्चे भी नगर के चौकों मे मूर्च्छित होते हैं।
- Jeremiah 13:17 यिर्मयाह 13:17और यदि तुम इसे न सुनो, तो मैं अकेले में तुम्हारे गर्व के कारण रोऊंगा, और मेरी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहेगी, क्योंकि यहोवा की भेड़ें बंधुआ कर ली गई हैं।
- Lamentations 1:2 विलापगीत 1:2रात को वह फूट फूट कर रोती है, उसके आंसू गालों पर ढलकते हैं; उसके सब यारों में से अब कोई उसे शान्ति नहीं देता; उसके सब मित्रों ने उस से विश्वासघात किया, और उसके शत्रु बन गए हैं।
- Jeremiah 9:10 यिर्मयाह 9:10मैं पहाड़ों के लिये रो उठूंगा और शोक का गीत गाऊंगा, और जंगल की चराइयों के लिये विलाप का गीत गाऊंगा, क्योंकि वे ऐसे जल गए हैं कि कोई उन में से होकर नहीं चलता, और उन में ढोर का शब्द भी नहीं सुनाई पड़ता; पशु- पक्षी सब भाग गए हैं।
- Luke 19:41 लूका 19:41जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया।