Jeremiah · chapter 13 · verse 17
Jeremiah 13:17 in Hindi
और यदि तुम इसे न सुनो, तो मैं अकेले में तुम्हारे गर्व के कारण रोऊंगा, और मेरी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहेगी, क्योंकि यहोवा की भेड़ें बंधुआ कर ली गई हैं।
Aur yadi tum ise na suno, to maim akele mem tumhaare garv ke kaaran rooongaa, aur meree aankhom se aansuom kee dhaaraa bahatee rahegee, kyonki yahovaa kee bhedem bandhuaa kar lee gaee hain.
Jeremiah 13:17 in English
- King James Version (KJV)
- But if ye will not hear it, my soul shall weep in secret places for [your] pride; and mine eye shall weep sore, and run down with tears, because the LORD’s flock is carried away captive.
- World English Bible (WEB)
- But if you will not hear it, my soul will weep in secret for your pride. My eye will weep bitterly, and run down with tears, because the LORD’s flock has been taken captive.
- American Standard Version (ASV)
- But if ye will not hear it, my soul shall weep in secret for [your] pride; and mine eye shall weep sore, and run down with tears, because Jehovah’s flock is taken captive.
- Bible in Basic English (BBE)
- But if you do not give ear to it, my soul will be weeping in secret for your pride; my eye will be weeping bitterly, streaming with water, because the Lord's flock has been taken away as prisoners.
- Darby Translation (DBY)
- And if ye will not hear it, my soul shall weep in secret places for [your] pride; and mine eye shall weep sore, and run down with tears, because Jehovah's flock is gone into captivity.
- Webster's Bible (WBS)
- But if ye will not hear it, my soul shall weep in secret places for [your] pride; and my eye shall weep bitterly, and run down with tears, because the LORD'S flock is carried away captive.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And if ye do not hear it, In secret places doth my soul weep, because of pride, Yea, it weepeth sore, And the tear cometh down mine eyes, For the flock of Jehovah hath been taken captive.
Read in context
- 15देखो, और कान लगाओ, गर्व मत करो, क्योंकि यहोवा ने यों कहा है।
- 16अपने परमेश्वर यहोवा की बड़ाई करो, इस से पहिले कि वह अन्धकार लाए और तुम्हारे पांव अन्धेरे पहाड़ों पर ठोकर खाएं, और जब तुम प्रकाश का आसरा देखो, तब वह उसको मृत्यु की छाया से बदल और उसे घोर अन्धकार बना दे।
- 17और यदि तुम इसे न सुनो, तो मैं अकेले में तुम्हारे गर्व के कारण रोऊंगा, और मेरी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहेगी, क्योंकि यहोवा की भेड़ें बंधुआ कर ली गई हैं।
- 18राजा और राजमाता से कह, नीचे बैठ जाओ, क्योंकि तुम्हारे सिरों के शोभायमान मुकुट उतार लिए गए हैं।
- 19दक्खिन देश के नगर घेरे गए हैं, कोई उन्हें बचा न सकेगा; सम्पूर्ण यहूदी जाति बन्दी हो गई है, वह पूरी रीति से बंधुआई में चली गई है।
Cross references
- Malachi 2:2 मलाकी 2:2यदि तुम इसे न सुनो, और मन लगाकर मेरे नाम का आदर न करो, तो सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि मैं तुम को शाप दूंगा, और जो वस्तुएं मेरी आशीष से तुम्हें मिलीं हैं, उन पर मेरा शाप पड़ेगा, वरन तुम जो मन नहीं लगाते हो इस कारण मेरा शाप उन पर पड़ चुका है।
- Jeremiah 14:17 यिर्मयाह 14:17तू उन से यह बात कह, मेरी ओखों से दिन रात आंसू लगातार बहते रहें, वे न रूकें क्योंकि मेरे लोगों की कुंवारी बेटी बहुत ही कुचली गई और घायल हुई है।
- Jeremiah 9:1 यिर्मयाह 9:1भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आंखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे हुए लोगों के लिये रोता रहता।
- Romans 9:2–4 रोमियों 9:2–4कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है। क्योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता। वे इस्त्राएली हैं; और लेपालकपन का हक्क और महिमा और वाचाएं और व्यवस्था और उपासना और प्रतिज्ञाएं उन्हीं की हैं।
- Luke 19:41–42 लूका 19:41–42जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया। और कहा, क्या ही भला होता, कि तू; हां, तू ही, इसी दिन में कुशल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आंखों से छिप गई हैं।
- Psalm 80:1 भजन संहिता 80:1हे इस्त्राएल के चरवाहे, तू जो यूसुफ की अगुवाई भेड़ों की सी करता है, कान लगा! तू जो करूबों पर विराजमान है, अपना तेज दिखा!
- Ezekiel 34:31 यहेजकेल 34:31तुम तो मेरी भेड़-बकरियां, मेरी चराई की भेड़-बकरियां हो, तुम तो मनुष्य हो, और मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Lamentations 1:16 विलापगीत 1:16इन बातों के कारण मैं रोती हूँ; मेरी आंखों से आंसू की धारा बहती रहती है; क्योंकि जिस शान्तिदाता के कारण मेरा जी हरा भरा हो जाता था, वह मुझ से दूर हो गया; मेरे लड़के-बाले अकेले हो गए, क्योंकि शत्रु प्रबल हुआ है।
- Psalm 119:136 भजन संहिता 119:136मेरी आंखों से जल की धारा बहती रहती है, क्योंकि लोग तेरी व्यवस्था को नहीं मानते।।
- Lamentations 2:18 विलापगीत 2:18वे प्रभु की ओर तन मन से पुकारते हैं! हे सिरयोन की कुमारी (की शहरपनाह), अपने आंसू रात दिन नदी की नाई बहाती रह! तनिक भी विश्राम न ले, न तेरी आंख की पुतली चैन ले!
- 1 Samuel 15:35 1 शमूएल 15:35और शमूएल ने अपने जीवन भर शाऊल से फिर भेंट न की, क्योंकि शमूएल शाऊल के लिये विलाप करता रहा। और यहोवा शाऊल को इस्राएल का राजा बनाकर पछताता था।।
- Jeremiah 22:5 यिर्मयाह 22:5परन्तु, यदि तुम इन बातों को न मानो तो, मैं अपनी ही सौगन्ध खाकर कहता हूँ, यहोवा की यह वाणी है, कि यह भवन उजाड़ हो जाएगा।
Original words (Hebrew)
- hear · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- soul · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- weep · H1058בָּכָה bâkâh
- places · H4565מִסְתָּר miçtâr
- for · H6440פָּנִים pânîym
- pride · H1466גֵּוָה gêvâh
- eye · H5869עַיִן ʻayin
- weep · H1830דָּמַע dâmaʻ
- sore · H1830דָּמַע dâmaʻ
- down · H3381יָרַד yârad
- tears · H1832דִּמְעָה dimʻâh
- flock · H5739עֵדֶר ʻêder
- captive · H7617שָׁבָה shâbâh