Job · chapter 15 · verse 6
Job 15:6 in Hindi
मैं तो नहीं परन्तु तेरा मुंह ही तुझे दोषी ठहराता है; और तेरे ही वचन तेरे विरूद्ध साक्षी देते हैं।
Maim to naheem parantu teraa munh hee tujhe doshee thaharaataa hai; aur tere hee vachan tere virooddh saakshee dete hain.
Job 15:6 in English
- King James Version (KJV)
- Thine own mouth condemneth thee, and not I: yea, thine own lips testify against thee.
- World English Bible (WEB)
- Your own mouth condemns you, and not I. Yes, your own lips testify against you.
- American Standard Version (ASV)
- Thine own mouth condemneth thee, and not I; Yea, thine own lips testify against thee.
- Bible in Basic English (BBE)
- It is by your mouth, even yours, that you are judged to be in the wrong, and not by me; and your lips give witness against you.
- Darby Translation (DBY)
- Thine own mouth condemneth thee, and not I; and thy lips testify against thee.
- Webster's Bible (WBS)
- Thy own mouth condemneth thee, and not I: yes, thy own lips testify against thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thy mouth declareth thee wicked, and not I, And thy lips testify against thee.
Read in context
- 4वरन तू भय मानना छोड़ देता, और ईश्वर का ध्यान करना औरों से छुड़ाता है।
- 5तू अपने मुंह से अपना अधर्म प्रगट करता है, और धूर्त्त लोगों के बोलने की रीति पर बोलता है।
- 6मैं तो नहीं परन्तु तेरा मुंह ही तुझे दोषी ठहराता है; और तेरे ही वचन तेरे विरूद्ध साक्षी देते हैं।
- 7क्या पहिला मतुष्य तू ही उत्पन्न हुआ? क्या तेरी उत्पत्ति पहाड़ों से भी पहिले हुई?
- 8क्या तू ईश्वर की सभा में बैठा सुनता था? क्या बुध्दि का ठीका तू ही ने ले रखा है?
Cross references
- Luke 19:22 लूका 19:22उस ने उस से कहा; हे दुष्ट दास, मैं तेरे ही मुंह से तुझे दोषी ठहराता हूं: तू मुझे जानता था कि कठोर मनुष्य हूं, जो मैं ने नहीं रखा उसे उठा लेता, और जो मैं ने नहीं बोया, उसे काटता हूं।
- Matthew 12:37 मत्ती 12:37क्योंकि तू अपनी बातों के कारण निर्दोष और अपनी बातों ही के कारण दोषी ठहराया जाएगा।।
- Job 9:20 अय्यूब 9:20चाहे मैं निदष ही क्यों न हूँ, परन्तु अपने ही मुंह से दोषी ठहरूंगा; खरा होने पर भी वह मुझे कुटिल ठहराएगा।
- Job 40:8 अय्यूब 40:8क्या तू मेरा न्याय भी व्यर्थ ठहराएगा? क्या तू आप निदष ठहरने की मनसा से मुझ को दोषी ठहराएगा?
- Job 42:3 अय्यूब 42:3तू कौन है जो ज्ञान रहित होकर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात् जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिनको मैं जानता भी नहीं था।
- Job 33:8–12 अय्यूब 33:8–12निेसन्देह तेरी ऐसी बात मेरे कानों में पड़ी है और मैं ने तेरे वचन सुने हैं, कि मैं तो पवित्रा और निरपराध और निष्कलंक हूँ; और मुझ में अर्ध्म नहीं है। देख, वह मुझ से झगड़ने के दांव ढूंढ़ता है, और मुझे अपना शत्रु समझता है; वह मेरे दोनों पांवों को काठ में ठोंक देता है, और मेरी सारी चाल की देखभाल करता है। देख, मैं तुझे उत्तर देता हूँ, इस बात में तू सच्चा नहीं है। क्योंकि ईश्वर मनुष्य से बड़ा है।
- Job 35:2–3 अय्यूब 35:2–3कि क्या तू इसे अपना हम समझता है? क्या तू दावा करता है कि तेरा धर्म ईश्वर के धर्म से अधिक है? जो तू कहता है कि मुझे इस से क्या लाभ? और मुझे पापी होने में और न होने में कौन सा अधिक अन्तर है?
- Psalm 64:8 भजन संहिता 64:8वे अपने ही वचनों के कारण ठोकर खाकर गिर पड़ेंगे; जितने उन पर दृष्टि करेंगे वे सब अपने अपने सिर हिलाएंगे
- Job 34:5–9 अय्यूब 34:5–9क्योंकि अरयूब ने कहा है, कि मैं निदष हूँ, और ईश्वर ने मेरा हक़ मार दिया है। यद्यपि मैं सच्चाई पर हूं, तौभी झूठा ठहरता हूँ, मैं निरपराध हूँ, परन्तु मेरा घाव असाध्य है। अरयूब के तुल्य कौन शूरवीर है, जो ईश्वर की निन्दा पानी की नाई पीता है, जो अनर्थ करनेवालों का साथ देता, और दुष्ट मनुष्यों की संगति रखता है? उस ने तो कहा है, कि मनुष्य को इस से कुछ लाभ नहीं कि वह आनन्द से परमेश्वर की संगति रखे।
- Matthew 26:65 मत्ती 26:65तब महायाजक ने अपने वस्त्रा फाड़कर कहा, इस ने परमेश्वर की निन्दा की है, अब हमें गवाहों का क्या प्रयोजन?