Job · chapter 35 · verse 2
Job 35:2 in Hindi
कि क्या तू इसे अपना हम समझता है? क्या तू दावा करता है कि तेरा धर्म ईश्वर के धर्म से अधिक है?
Ki kyaa too ise apanaa ham samajhataa hai? Kyaa too daavaa karataa hai ki teraa dharm eeshvar ke dharm se adhik hai?
Job 35:2 in English
- King James Version (KJV)
- Thinkest thou this to be right, [that] thou saidst, My righteousness [is] more than God’s?
- World English Bible (WEB)
- “Do you think this to be your right, or do you say, ‘My righteousness is more than God’s,’
- American Standard Version (ASV)
- Thinkest thou this to be [thy] right, [Or] sayest thou, My righteousness is more than God’s,
- Bible in Basic English (BBE)
- Does it seem to you to be right, and righteousness before God, to say,
- Darby Translation (DBY)
- Thinkest thou this to be right, that thou saidst, My righteousness is more than God's?
- Webster's Bible (WBS)
- Thinkest thou this to be right, [that] thou saidst, My righteousness [is] more than God's?
- Young's Literal Translation (YLT)
- This hast thou reckoned for judgment: Thou hast said — 'My righteousness [is] more than God's?'
Read in context
- 1फिर एलीहू इस प्रकार और भी कहता गया,
- 2कि क्या तू इसे अपना हम समझता है? क्या तू दावा करता है कि तेरा धर्म ईश्वर के धर्म से अधिक है?
- 3जो तू कहता है कि मुझे इस से क्या लाभ? और मुझे पापी होने में और न होने में कौन सा अधिक अन्तर है?
- 4मैं तुझे और तेरे साथियों को भी एक संग उत्तर देता हूँ।
Cross references
- Matthew 12:36–37 मत्ती 12:36–37और मै तुम से कहता हूं, कि जो जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे। क्योंकि तू अपनी बातों के कारण निर्दोष और अपनी बातों ही के कारण दोषी ठहराया जाएगा।।
- Job 10:7 अय्यूब 10:7तुझे तो मालूम ही है, कि मैं दुष्ट नहीं हूँ, और तेरे हाथ से कोई छुड़ानेवाला नहीं!
- Job 9:17 अय्यूब 9:17वह तो आंधी चलाकर मुझे तोड़ डालता है, और बिना कारण मेरे चोट पर चोट लगाता है।
- Job 40:8 अय्यूब 40:8क्या तू मेरा न्याय भी व्यर्थ ठहराएगा? क्या तू आप निदष ठहरने की मनसा से मुझ को दोषी ठहराएगा?
- Job 27:2–6 अय्यूब 27:2–6मैं ईश्वर के जीवन की शपथ खाता हूँ जिस ने मेरा न्याय बिगाड़ दिया, अर्थात् उस सर्वशक्तिमान के जीवन की जिस ने मेरा प्राण कड़ुआ कर दिया। क्योंकि अब तक मेरी सांस बराबर आती है, और ईश्वर का आत्मा मेरे नथुनों में बना है। मैं यह कहता हूँ कि मेरे मुंह से कोई कुटिल बात न निकलेगी, और न मैं कपट की बातें बोलूंगा। ईश्वर न करे कि मैं तुम लोगों को सच्चा ठहराऊं, जब तक मेरा प्राण न छूटे तब तक मैं अपनी खराई से न हटूंगा। मैं अपना धर्म पकड़े हुए हूँ और उसको हाथ से जाने न दूंगा; क्योंकि मेरा मन जीवन भर मुझे दोषी नहीं ठहराएगा।
- Luke 19:22 लूका 19:22उस ने उस से कहा; हे दुष्ट दास, मैं तेरे ही मुंह से तुझे दोषी ठहराता हूं: तू मुझे जानता था कि कठोर मनुष्य हूं, जो मैं ने नहीं रखा उसे उठा लेता, और जो मैं ने नहीं बोया, उसे काटता हूं।
- Job 19:6–7 अय्यूब 19:6–7तो यह जान लो कि ईश्वर ने मुझे गिरा दिया है, और मुझे अपने जाल में फंसा लिया है। देखो, मैं उपद्रव! उपद्रव! यों चिल्लाता रहता हूँ, परन्तु कोई नहीं सुनता; मैं सहायता के लिये दोहाई देता रहता हूँ, परन्तु कोई न्याय नहीं करता।
- Job 16:17 अय्यूब 16:17तौभी मुझ से कोई उपद्रव नहीं हुआ है, और मेरी प्रार्थना पवित्रा है।
- Job 34:5 अय्यूब 34:5क्योंकि अरयूब ने कहा है, कि मैं निदष हूँ, और ईश्वर ने मेरा हक़ मार दिया है।