Lamentations · chapter 3 · verse 38
Lamentations 3:38 in Hindi
विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते?
Vipatti aur kalyaan, kyaa donom paramapradhaan kee aajnyaa se naheem hote?
Lamentations 3:38 in English
- King James Version (KJV)
- Out of the mouth of the most High proceedeth not evil and good?
- World English Bible (WEB)
- Doesn’t evil and good come out of the mouth of the Most High?
- American Standard Version (ASV)
- Out of the mouth of the Most High cometh there not evil and good?
- Bible in Basic English (BBE)
- Do not evil and good come from the mouth of the Most High?
- Darby Translation (DBY)
- Out of the mouth of the Most High doth not there proceed evil and good?
- Webster's Bible (WBS)
- Out of the mouth of the most High proceedeth not evil and good?
- Young's Literal Translation (YLT)
- From the mouth of the Most High Go not forth the evils and the good.
Read in context
- 36और किसी मनुष्य का मुक़ मा बिगाड़ना, इन तीन कामों को यहोवा देख नहीं सकता।
- 37यदि यहोवा ने आज्ञा न दी हो, तब कौन है कि वचन कहे और वह पूरा हो जाए?
- 38विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते?
- 39सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरूष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने?
- 40हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें!
Cross references
- Isaiah 45:7 यशायाह 45:7मैं उजियाले का बनानेवाला और अन्धियारे का सृजनहार हूं, मैं शान्ति का दाता और विपत्ति को रचता हूं, मैं यहोवा ही इन सभों का कर्त्ता हूं।
- Amos 3:6 आमोस 3:6क्या किसी नगर में नरसिंगा फूंकने पर लोग न थरथराएंगे? क्या यहोवा के बिना भेजे किसी नगर में कोई विपत्ति पड़ेगी?
- Jeremiah 32:42 यिर्मयाह 32:42देख, यहोवा यों कहता है कि जैसे मैं ने अपनी इस प्रजा पर यह सब बड़ी विपत्ति डाल दी, वैसे ही निश्चय इन से वह सब भलाई भी करूंगा जिसके करने का वचन मैं ने दिया हे। सो यह देश जिसके विषय तुम लोग कहते हो
- Job 2:10 अय्यूब 2:10उस ने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अरयूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया।
- Psalm 75:7 भजन संहिता 75:7परन्तु परमेश्वर ही न्यायी है, वह एक को घटाता और दूसरे को बढ़ाता है।
- Proverbs 29:26 नीतिवचन 29:26हाकिम से भेंट करना बहुत लोग चाहते हैं, परन्तु मनुष्य का न्याय यहोवा की करता है।