Job · chapter 23 · verse 2
Job 23:2 in Hindi
मेरी कुड़कुड़ाहट अब भी नहीं रूक सकती, मेरी मार मेरे कराहने से भारी है।
Meree kudakudaahat ab bhee naheem rook sakatee, meree maar mere karaahane se bhaaree hai.
Job 23:2 in English
- King James Version (KJV)
- Even to day [is] my complaint bitter: my stroke is heavier than my groaning.
- World English Bible (WEB)
- “Even today my complaint is rebellious. His hand is heavy in spite of my groaning.
- American Standard Version (ASV)
- Even to-day is my complaint rebellious: My stroke is heavier than my groaning.
- Bible in Basic English (BBE)
- Even today my outcry is bitter; his hand is hard on my sorrow.
- Darby Translation (DBY)
- Even to-day is my complaint bitter: my stroke is heavier than my groaning.
- Webster's Bible (WBS)
- Even to-day [is] my complaint bitter: my stroke is heavier than my groaning.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Also — to-day [is] my complaint bitter, My hand hath been heavy because of my sighing.
Read in context
- 1तब अरयूब ने कहा,
- 2मेरी कुड़कुड़ाहट अब भी नहीं रूक सकती, मेरी मार मेरे कराहने से भारी है।
- 3भला होता, कि मैं जानता कि वह कहां मिल सकता है, तब मैं उसके विराजने के स्थान तक जा सकता!
- 4मैं उसके साम्हने अपना मुक़ मा पेश करता, और बहुत से प्रमाण देता।
Cross references
- Job 10:1 अय्यूब 10:1मेरा प्राण जीवित रहने से उकताता है; मैं स्वतंत्राता पूर्वक कुड़कुड़ाऊंगा; और मैं अपने मन की कड़वाहट के मारे बातें करूंगा।
- Psalm 32:4 भजन संहिता 32:4क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई।।
- Job 7:11 अय्यूब 7:11इसलिये मैं अपना मुंह बन्द न रखूंगा; अपने मन का खेद खोलकर कहूंगा; और अपने जीव की कड़ुवाहट के कारण कुड़कुड़ाता रहूंगा।
- Psalm 77:2–9 भजन संहिता 77:2–9संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, मुझ में शांति आई ही नहीं। मैं परमेश्वर का स्मरण कर करके कहरता हूं; मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूं। (सेला) तू मुझे झपकी लगने नहीं देता; मैं ऐसा घबराया हूं कि मेरे मुंह से बात नहीं निकलती।। मैं प्राचीनकाल के दिनों को, और युग युग के वर्षों को सोचा है। मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं: क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा? क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है? क्या ईश्वर अनुग्रह करना भूल गया? क्या उस ने क्रोध करके अपनी सब दया को रोक रखा है? (सेला)
- Job 11:6 अय्यूब 11:6और तुझ पर बुध्दि की गुप्त बातें प्रगट करे, कि उनका मर्म तेरी बुध्दि से बढ़कर है। इसलिये जान ले, कि ईश्वर तेरे अधर्म में से बहुत कुछ भूल जाता है।
- Job 6:2–3 अय्यूब 6:2–3भला होता कि मेरा खेद तौला जाता, और मेरी सारी विपत्ति तुला में धरी जाती! क्योंकि वह समुद्र की बालू से भी भारी ठहरती; इसी कारण मेरी बातें उतावली से हूई हैं।
- Lamentations 3:19–20 विलापगीत 3:19–20मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और- और विष का पीना स्मरण कर! मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है।