Job · chapter 24 · verse 18
Job 24:18 in Hindi
वे जल के ऊपर हलकी वस्तु के सरीखे हैं, उनके भाग को पृथ्वी के रहनेवाले कोसते हैं, और वे अपनी दाख की बारियों में लौटने नहीं पाते।
Ve jal ke oopar halakee vastu ke sareekhe haim, unake bhaag ko pruthvee ke rahanevaale kosate haim, aur ve apanee daakh kee baariyom mem lautane naheem paate.
Job 24:18 in English
- King James Version (KJV)
- He [is] swift as the waters; their portion is cursed in the earth: he beholdeth not the way of the vineyards.
- World English Bible (WEB)
- “They are foam on the surface of the waters. Their portion is cursed on the earth. They don’t turn into the way of the vineyards.
- American Standard Version (ASV)
- Swiftly they [pass away] upon the face of the waters; Their portion is cursed in the earth: They turn not into the way of the vineyards.
- Bible in Basic English (BBE)
- They go quickly on the face of the waters; their heritage is cursed in the earth; the steps of the crusher of grapes are not turned to their vine-garden.
- Darby Translation (DBY)
- He is swift on the face of the waters; their portion is cursed on the earth: he turneth not unto the way of the vineyards.
- Webster's Bible (WBS)
- He [is] swift as the waters; their portion is cursed in the earth: he beholdeth not the way of the vineyards.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Light he [is] on the face of the waters, Vilified is their portion in the earth, He turneth not the way of vineyards.
Read in context
- 16वे अन्धियारे के समय घरों में सेंध मारते और दिन को छिपे रहते हैं; वे उजियाले को जानते भी नहीं।
- 17इसलिये उन सभों को भोर का प्रकाश घोर अन्धकार सा जान पड़ता है, क्योंकि घोर अन्धकार का भय वे जानते हैं।
- 18वे जल के ऊपर हलकी वस्तु के सरीखे हैं, उनके भाग को पृथ्वी के रहनेवाले कोसते हैं, और वे अपनी दाख की बारियों में लौटने नहीं पाते।
- 19जैसे सूखे और घाम से हिम का जल सूख जाता है वैसे ही पापी लोग अधोलोक में सूख जाते हैं।
- 20माता भी उसको भूल जाती, और कीड़े उसे चूसते हें, भवीष्य में उसका स्मरण न रहेगा; इस रीति टेढ़ा काम करनेवाला वृक्ष की राई कट जाता है।
Cross references
- Psalm 73:18–20 भजन संहिता 73:18–20निश्चय तू उन्हें फिसलनेवाले स्थानों में रखता है; और गिराकर सत्यानाश कर देता है। अहा, वे क्षण भर में कैसे उजड़ गए हैं! वे मिट गए, वे घबराते घबराते नाश हो गए हैं। जैसे जागनेहारा स्वप्न को तुच्छ जानता है, वैसे ही हे प्रभु जब तू उठेगा, तब उनको छाया से समझकर तुच्छ जानेगा।।
- Proverbs 3:33 नीतिवचन 3:33दुष्ट के घर पर यहोवा का शाप और धर्मियों के वासस्थान पर उसकी आशीष होती है।
- Psalm 58:7 भजन संहिता 58:7वे घुलकर बहते हुए पानी के समान हो जाएं; जब वे अपने तीर चढ़ाएं, तब तीर मानों दो टुकड़े हो जाएं।
- Job 22:16 अय्यूब 22:16वे अपने समय से पहले उठा लिए गए और उनके घर की नेव नदी बहा ले गई।
- Psalm 69:22 भजन संहिता 69:22उनको भोजन उनके लिये फन्दा हो जाए; और उनके सुख के समय जाल बन जाए।
- Isaiah 23:10 यशायाह 23:10हे तर्शीश के निवासियों नील नदी की नाई अपने देश में फैल जाओ; अब कुछ बन्धन नहीं रहा।
- Job 9:26 अय्यूब 9:26वे वेग चाल से नावों की नाई चले जाते हैं, वा अहेर पर झपटते हुए उक़ाब की नाई।
- Deuteronomy 28:16–20 व्यवस्थाविवरण 28:16–20अर्थात् शापित हो तू नगर में, शापित हो तू खेत में। शापित हो तेरी टोकरी और तेरी कठौती। शापित हो तेरी सन्तान, और भूमि की उपज, और गायों और भेड़- बकरियों के बच्चे। शापित हो तू भीतर आते समय, और शापित हो तू बाहर जाते समय। फिर जिस जिस काम में तू हाथ लगाए, उस में यहोवा तब तक तुझ को शाप देता, और भयातुरं करता, और धमकी देता रहेगा, जब तक तू मिट न जाए, और शीघ्र नष्ट न हो जाए; यह इस कारण होगा कि तू यहोवा को त्यागकर दुष्ट काम करेगा।
- Malachi 2:2 मलाकी 2:2यदि तुम इसे न सुनो, और मन लगाकर मेरे नाम का आदर न करो, तो सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि मैं तुम को शाप दूंगा, और जो वस्तुएं मेरी आशीष से तुम्हें मिलीं हैं, उन पर मेरा शाप पड़ेगा, वरन तुम जो मन नहीं लगाते हो इस कारण मेरा शाप उन पर पड़ चुका है।