Job · chapter 28 · verse 20
Job 28:20 in Hindi
फिर बुध्दि कहां मिल सकती है? और समझ का स्थान कहां?
Phir budhdi kahaam mil sakatee hai? Aur samajh kaa sthaan kahaam?
Job 28:20 in English
- King James Version (KJV)
- Whence then cometh wisdom? and where [is] the place of understanding?
- World English Bible (WEB)
- Where then does wisdom come from? Where is the place of understanding?
- American Standard Version (ASV)
- Whence then cometh wisdom? And where is the place of understanding?
- Bible in Basic English (BBE)
- From where then does wisdom come, and where is the resting-place of knowledge?
- Darby Translation (DBY)
- Whence then cometh wisdom? and where is the place of understanding?
- Webster's Bible (WBS)
- Whence then cometh wisdom? and where [is] the place of understanding?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the wisdom — whence doth it come? And where [is] this, the place of understanding?
Read in context
- 18मूंगे और स्फटिकमणि की उसके आगे क्या चर्चा! बुध्दि का मोल माणिक से भी अधिक है।
- 19कूश देश के पद्मराग उसके तुल्य नहीं ठहर सकते; और न उस से चोखे कुन्दन की बराबरी हो सकती है।
- 20फिर बुध्दि कहां मिल सकती है? और समझ का स्थान कहां?
- 21वह सब प्राणियों की आंखों से छिपी है, और आकाश के पक्षियों के देखने में नहीं आती।
- 22विनाश ओर मृत्यु कहती हैं, कि हमने उसकी चर्चा सुनी है।
Cross references
- Job 28:12 अय्यूब 28:12परन्तु बुध्दि कहां मिल सकती है? और समझ का स्थान कहां है?
- James 1:5 याकूब 1:5पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उस को दी जाएगी।
- Job 28:28 अय्यूब 28:28तब उस न मनुष्य से कहा, देख, प्रभु का भय मानना यही बुध्दि हैे और बुराई से दूर रहना यही समझ है।
- James 1:17 याकूब 1:17क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है।
- Job 28:23 अय्यूब 28:23परन्तु परमेश्वर उसका मार्ग समझता है, और उसका स्थान उसको मालूम है।
- Ecclesiastes 7:23–24 सभोपदेशक 7:23–24यह सब मैं ने बुद्धि से जांच लिया है; मैं ने कहा, मैं बुद्धिमान हो जाऊंगा; परन्तु यह मुझ से दूर रहा। वह जो दूर और अत्यन्त गहिरा है, उसका भेद कौन पा सकता है?
- 1 Corinthians 2:6–15 1 कुरिन्थियों 2:6–15फिर भी सिद्ध लोगों में हम ज्ञान सुनाते हैं: परन्तु इस संसार का और इस संसार के नाश होनेवाले हाकिमों का ज्ञान नहीं। परन्तु हम परमेश्वर का वह गुप्त ज्ञान, भेद की रीति पर बताते हैं, जिसे परमेश्वर ने सनातन से हमारी महिमा के लिये ठहराया। जिसे इस संसार के हाकिमों में से किसी ने नहीं जाना, क्योंकि यदि जानते, तो तेजोमय प्रभु को क्रूस पर न चढ़ाते। परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ी वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखनेवालों के लिये तैयार की हैं। परन्तु परमेश्वर ने उन को अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब बातें, बरन परमेश्वर की गूढ़ बातें भी जांचता है। मनुष्यों में से कौन किसी मनुष्य की बातें जानता, केवल मनुष्य की बातें भी कोई नहीं जानता, केवल परमेवर का आत्मा। परन्तु हम ने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है, जो परमेश्वर की ओर से है, कि हम उन बातों को जानें, जो परमेश्वर ने हमें दी हैं। जिन को हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिलाकर सुनाते हैं। परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है। आत्मिक जन सब कुछ जांचता है, परन्तु वह आप किसी से जांचा नहीं जाता।
- Proverbs 2:6 नीतिवचन 2:6क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं।