Job · chapter 34 · verse 29
Job 34:29 in Hindi
जब वह चैन देता तो उसे कौन दोषी ठहरा सकता है? और जब वह मुंह फेर ले, तब कौन उसका दर्शन पा सकता है? जाति भर के साथ और अकेले मनुष्य, दोनों के साथ उसका बराबर व्यवहार है
Jab vah chain detaa to use kaun doshee thaharaa sakataa hai? Aur jab vah munh pher le, tab kaun usakaa darshan paa sakataa hai? Jaati bhar ke saath aur akele manushy, donom ke saath usakaa baraabar vyavahaar hai
Job 34:29 in English
- King James Version (KJV)
- When he giveth quietness, who then can make trouble? and when he hideth [his] face, who then can behold him? whether [it be done] against a nation, or against a man only:
- World English Bible (WEB)
- When he gives quietness, who then can condemn? When he hides his face, who then can see him? He is over a nation or a man alike,
- American Standard Version (ASV)
- When he giveth quietness, who then can condemn? And when he hideth his face, who then can behold him? Alike whether [it be done] unto a nation, or unto a man:
- Bible in Basic English (BBE)
- ...
- Darby Translation (DBY)
- When he giveth quietness, who then will disturb? and when he hideth [his] face, who shall behold him? and this towards a nation, or towards a man alike;
- Webster's Bible (WBS)
- When he giveth quietness, who then can make trouble? and when he hideth [his] face, who then can behold him? whether [it be done] against a nation, or against a man only:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He giveth rest, and who maketh wrong? And hideth the face, and who beholdeth it? And in reference to a nation and to a man, [It is] the same.
Read in context
- 27क्योंकि उन्हों ने उसके पीछे चलना छोड़ दिया है, और उसके किसी मार्ग पर चित्त न लगाया,
- 28यहां तक कि उनके कारण कंगालों की दोहाई उस तक पहुंची और उस ने दीन लोगों की दोहाई सुनी।
- 29जब वह चैन देता तो उसे कौन दोषी ठहरा सकता है? और जब वह मुंह फेर ले, तब कौन उसका दर्शन पा सकता है? जाति भर के साथ और अकेले मनुष्य, दोनों के साथ उसका बराबर व्यवहार है
- 30ताकि भक्तिहीन राज्य करता न रहे, और प्रजा फन्दे में फंसाई न जाए।
- 31क्या किसी ने कभी ईश्वर से कहा, कि मैं ने दणड सहा, अब मैं भविष्य में बुराई न करूंगा,
Cross references
- Job 23:13 अय्यूब 23:13परन्तु वह एक ही बात पर अड़ा रहता है, और कौन उसको उस से फिरा सकता है? जो कुछ उसका जी चाहता है वही वह करता है।
- John 14:27 यूहन्ना 14:27मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूं, अपनी शान्ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
- Romans 8:31–34 रोमियों 8:31–34सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? जिस ने अपने निज पुत्रा को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उनको धर्मी ठहरानेवाला है। फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया बरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दहिती ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।
- Psalm 27:9 भजन संहिता 27:9अपना मुख मुझ से न छिपा।। अपने दास को क्रोध करके न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करनेवाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे!
- Isaiah 26:3 यशायाह 26:3जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
- Isaiah 32:17 यशायाह 32:17और धर्म का फल शांति और उसका परिणाम सदा का चैन और निश्चिन्त रहना होगा।
- Psalm 30:7 भजन संहिता 30:7हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।।
- Philippians 4:7 फिलिप्पियों 4:7तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।।
- Psalm 143:7 भजन संहिता 143:7हे यहोवा, फुर्ती करके मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कबर में पड़े हुओं के समान हो जाऊं।
- Isaiah 14:3–8 यशायाह 14:3–8और जिस दिन यहोवा तुझे तेरे सन्ताप और घबराहट से, और उस कठिन श्रम से जो तुझ से लिया गया विश्राम देगा, उस दिन तू बाबुल के राजा पर ताना मारकर कहेगा कि परिश्रम करानेवाला कैसा नाश हो गया है, सुनहले मन्दिरों से भरी नगरी कैसी नाश हो गई है! यहोवा ने दुष्टों के सोंटे को और अन्याय से शासन करनेवालों के लठ को तोड़ दिया है, जिस से वे मनुष्यों को लगातार रोष से मारते रहते थे, और जाति जाति पर क्रोध से प्रभुता करते और लगातार उनके पीछे पड़े रहते थे। अब सारी पृथ्वी को विश्राम मिला है, वह चैन से है; लोग ऊंचे स्वर से गा उठे हैं। सनौवर और लबानोन के देवदार भी तुझ पर आनन्द करके कहते हैं, जब से तू गिराया गया तब से कोई हमें काटने को नहीं आया।
- Job 12:14 अय्यूब 12:14देखो, जिसको वह ढा दे, वह फिर बनाया नहीं जाता; जिस मनुष्य को वह बन्द करे, वह फिर खोला नहीं जाता।
- Job 29:1–3 अय्यूब 29:1–3अरयूब ने और भी अपनी गूढ़ बात उठाई और कहा, भला होता, कि मेरी दशा बीते हुए महीनों की सी होती, जिन दिनों में ईश्वर मेरी रक्षा करता था, जब उसके दीपक का प्रकाश मेरे सिर पर रहता था, और उस से उजियाला पाकर मैं अन्धेरे में चलता था।