Philippians · chapter 4 · verse 7
Philippians 4:7 in Hindi
तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।।
Tab parameshvar kee shaanti, jo samajh se bilakul pare hai, tumhaare hruday aur tumhaare vichaarom ko maseeh yeeshu mem surakshit rakhegee..
Philippians 4:7 in English
- King James Version (KJV)
- And the peace of God, which passeth all understanding, shall keep your hearts and minds through Christ Jesus.
- World English Bible (WEB)
- And the peace of God, which surpasses all understanding, will guard your hearts and your thoughts in Christ Jesus.
- American Standard Version (ASV)
- And the peace of God, which passeth all understanding, shall guard your hearts and your thoughts in Christ Jesus.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the peace of God, which is deeper than all knowledge, will keep your hearts and minds in Christ Jesus.
- Darby Translation (DBY)
- and the peace of God, which surpasses every understanding, shall guard your hearts and your thoughts by Christ Jesus.
- Webster's Bible (WBS)
- And the peace of God, which passeth all understanding, will keep your hearts and minds through Christ Jesus.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the peace of God, that is surpassing all understanding, shall guard your hearts and your thoughts in Christ Jesus.
Read in context
- 5तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
- 6किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
- 7तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।।
- 8निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरनीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्रा हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगया करो।
- 9जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।।
Cross references
- John 14:27 यूहन्ना 14:27मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूं, अपनी शान्ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
- Isaiah 26:3 यशायाह 26:3जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
- 2 Thessalonians 3:16 2 थिस्सलुनीकियों 3:16अब प्रभु जो शान्ति का सोता है आप ही तुम्हें सदा और हर प्रकार से शान्ति दे: प्रभु तुम सब के साथ रहे।।
- Colossians 3:15 कुलुस्सियों 3:15और मसीह की शान्ति जिस के लिये तुम एक देह होकर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
- Psalm 29:11 भजन संहिता 29:11यहोवा अपनी प्रजा को बल देगा; यहोवा अपनी प्रजा को शान्ति की आशीष देगा।।
- John 16:33 यूहन्ना 16:33मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्ति मिले; संसार में तुम्हें क्लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है।।
- Romans 15:13 रोमियों 15:13सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्राआत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।।
- Galatians 5:22 गलातियों 5:22पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- Romans 8:6 रोमियों 8:6शरीर पर मन लगाना तो मृत्यु है, परन्तु आत्मा पर मन लगाना जीवन और शान्ति है।
- Romans 5:1 रोमियों 5:1से जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।
- Job 22:21 अय्यूब 22:21उस से मेलमिलाप कर तब तुझे शान्ति मिलेगी; और इस से तेरी भलाई होगी।
- Isaiah 48:18 यशायाह 48:18भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के नाई होता;
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- peace · G1515εἰρήνη eirḗnē
- God · G2316θεός theós
- passeth · G5242ὑπερέχω hyperéchō
- all · G3956πᾶς pâs
- understanding · G3563νοῦς noûs
- keep · G5432φρουρέω phrouréō
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- hearts · G2588καρδία kardía
- and · G2532καί kaí
- minds · G3540νόημα nóēma
- through · G1722ἐν en
- Christ · G5547Χριστός Christós
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs