Psalms · chapter 143 · verse 7
Psalm 143:7 in Hindi
हे यहोवा, फुर्ती करके मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कबर में पड़े हुओं के समान हो जाऊं।
He yahovaa, phurtee karake meree sun le; kyonki mere praan nikalane hee par haim mujh se apanaa munh na chhipaa, aisaa na ho ki maim kabar mem pade huom ke samaan ho jaaoon.
Psalm 143:7 in English
- King James Version (KJV)
- Hear me speedily, O LORD: my spirit faileth: hide not thy face from me, lest I be like unto them that go down into the pit.
- World English Bible (WEB)
- Hurry to answer me, LORD. My spirit fails. Don’t hide your face from me, so that I don’t become like those who go down into the pit.
- American Standard Version (ASV)
- Make haste to answer me, O Jehovah; my spirit faileth: Hide not thy face from me, Lest I become like them that go down into the pit.
- Bible in Basic English (BBE)
- Be quick in answering me, O Lord, for the strength of my spirit is gone: let me see your face, so that I may not be like those who go down into the underworld.
- Darby Translation (DBY)
- Answer me speedily, O Jehovah; my spirit faileth: hide not thy face from me, or I shall be like unto them that go down into the pit.
- Webster's Bible (WBS)
- Hear me speedily, O LORD: my spirit faileth: hide not thy face from me, lest I be like them that go down into the pit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Haste, answer me, O Jehovah, My spirit hath been consumed, Hide not Thou Thy face from me, Or I have been compared with those going down [to] the pit.
Read in context
- 5मुझे प्राचीनकाल के दिन स्मरण आते हैं, मैं तेरे सब अद्भुत कामों पर ध्यान करता हूं, और तेरे काम को सोचता हूं।
- 6मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हूए हूं; सूखी भूमि की नाईं मैं तेरा प्यासा हूं।।
- 7हे यहोवा, फुर्ती करके मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कबर में पड़े हुओं के समान हो जाऊं।
- 8अपनी करूणा की बात मुझे शीघ्र सुना, क्योंकि मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है। जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे, क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं।।
- 9हे हयोवा, मुझे शत्रुओं से बचा ले; मैं तेरी ही आड़ में आ छिपा हूं।
Cross references
- Psalm 69:17 भजन संहिता 69:17अपने दास से अपना मुंह न मोड़; क्योंकि मैं संकट में हूं, फुर्ती से मेरी सुन ले।
- Psalm 28:1 भजन संहिता 28:1हे यहोवा, मैं तुझी को पुकारूंगा; हे मेरी चट्टान, मेरी सुनी अनसुनी न कर, ऐसा न हो कि तेरे चुप रहने से मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं जो पाताल में चले जाते हैं।
- Psalm 27:9 भजन संहिता 27:9अपना मुख मुझ से न छिपा।। अपने दास को क्रोध करके न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करनेवाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे!
- Psalm 71:12 भजन संहिता 71:12हे परमेश्वर, मुझ से दूर न रह; हे मेरे परमेश्वर, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर!
- Psalm 88:4–6 भजन संहिता 88:4–6मैं कबर में पड़नेवालों में गिना गया हूं; मैं बलहीन पुरूष के समान हो गया हूं। मैं मुर्दों के बीच छोड़ा गया हूं, और जो घात होकर कबर में पड़े हैं, जिनको तू फिर स्मरण नहीं करता और वे तेरी सहायता रहित हैं, उनके समान मैं हो गया हूं। तू ने मुझे गड़हे के तल ही में, अन्धेरे और गहिरे स्थान में रखा है।
- Isaiah 38:18 यशायाह 38:18क्योंकि अधोलोक तेरा धन्यवाद नहीं कर सकता, न मृत्यु तेरी स्तुति कर सकती है; जो कबर में पड़ें वे तेरी सच्चाई की आशा नहीं रख सकते
- Psalm 70:5 भजन संहिता 70:5मैं तो दीन और दरिद्र हूं; हे परमेश्वर मेरे लिये फुर्ती कर! तू मेरा सहायक और छुडानेवाला है; हे यहोवा विलम्ब न कर!
- Psalm 102:2 भजन संहिता 102:2मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले!
- Psalm 69:3 भजन संहिता 69:3मैं पुकारते पुकारते थक गया, मेरा गला सूख गया है; अपने परमेश्वर की बाट जोहते जोहते, मेरी आंखे रह गई हैं।।
- Isaiah 8:17 यशायाह 8:17मैं उस यहोवा की बाट जोहता रहूंगा जो अपने मुंख को याकूब के घराने से छिपाये है, और मैं उसी पर आशा लगाए रहूंगा।
- Psalm 40:17 भजन संहिता 40:17मैं तो दीन और दरिद्र हूं, तौभी प्रभु मेरी चिन्ता करता है। तू मेरा सहायक और छुड़ानेवाला है; हे मेरे परमेश्वर विलम्ब न कर।।
- Psalm 22:24 भजन संहिता 22:24क्योंकि उस ने दु:खी को तुच्छ नहीं जाना और न उस से घृणा करता है, ओर न उस से अपना मुख छिपाता है; पर जब उस ने उसकी दोहाई दी, तब उसकी सुन ली।।