Job · chapter 39 · verse 16
Job 39:16 in Hindi
वह अपने बच्चों से ऐसी कठोरता करती है कि मानो उसके नहीं हैं; यद्यपि उसका कष्ट अकारथ होता है, तौभी वह निश्चिन्त रहती है;
Vah apane bachchom se aisee kathorataa karatee hai ki maano usake naheem haim; yadyapi usakaa kasht akaarath hotaa hai, taubhee vah nishchint rahatee hai;
Job 39:16 in English
- King James Version (KJV)
- She is hardened against her young ones, as though [they were] not hers: her labour is in vain without fear;
- World English Bible (WEB)
- She deals harshly with her young ones, as if they were not hers. Though her labor is in vain, she is without fear,
- American Standard Version (ASV)
- She dealeth hardly with her young ones, as if they were not hers: Though her labor be in vain, [she is] without fear;
- Bible in Basic English (BBE)
- She is cruel to her young ones, as if they were not hers; her work is to no purpose; she has no fear.
- Darby Translation (DBY)
- She is hardened against her young ones, as though they were not hers; her labour is in vain, without her concern.
- Webster's Bible (WBS)
- She is hardened against her young ones, as though [they were] not hers: her labor is in vain without fear;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Her young ones it hath hardened without her, In vain [is] her labour without fear.
Read in context
- 14क्योंकि वह तो अपने अणडे भूमि पर छोड़ देती और धूलि में उन्हें गर्म करती है;
- 15और इसकी सुधि नहीं रखती, कि वे पांव से कुचले जाएंगे, वा कोई वनपशु उनको कुचल डालेगा।
- 16वह अपने बच्चों से ऐसी कठोरता करती है कि मानो उसके नहीं हैं; यद्यपि उसका कष्ट अकारथ होता है, तौभी वह निश्चिन्त रहती है;
- 17क्योंकि ईश्वर ने उसको बुध्दिरहित बनाया, और उसे समझने की शक्ति नहीं दी।
- 18जिस समय वह सीधी होकर अपने पंख फैलाती है, तब घोड़े और उसके सवार दोनों को कुछ नहीं समझती है।
Cross references
- Lamentations 4:3 विलापगीत 4:3गीदड़िन भी अपने बच्चों को थन से लगाकर पिलाती है, परन्तु मेरे लोगों की बेटी वन के शुतुर्मुग के तुल्य निर्दयी हो गई है।
- Lamentations 2:20 विलापगीत 2:20हे यहोवा दृष्टि कर, और ध्यान से देख कि तू ने यह सब दु:ख किस को दिया है? क्या स्त्रियां अपना फल अर्थात् अपनी गोद के बच्चों को खा डालें? हे प्रभु, क्या याजक और भविष्यद्वक्ता तेरे पवित्रास्थान में घात किए जएं?
- Deuteronomy 28:56–57 व्यवस्थाविवरण 28:56–57और तुझ में जो स्त्री यहां तक कोमल और सुकुमार हो कि सुकुमारपन के और कोमलता के मारे भूमि पर पांव धरते भी डरती हो, वह भी अपने प्राणप्रिय पति, और बेटे, और बेटी को, अपनी खेरी, वरन अपने जने हुए बच्चों को क्रूर दृष्टि से देखेगी, क्योंकि घिर जाने और सकेती के समय जिस में तेरे शत्रु तुझे तेरे फाटकों के भीतर घेरकर रखेंगे, वह सब वस्तुओं की घटी के मारे उन्हें छिप के खाएगी।
- 2 Kings 6:28–29 2 राजा 6:28–29फिर राजा ने उस से पूछा, तुझे क्या हुआ? उस ने उत्तर दिया, इस स्त्री ने मुझ से कहा था, मुझे अपना बेटा दे, कि हम आज उसे खा लें, फिर कल मैं अपना बेटा दूंगी, और हम उसे भी खाएंगी। तब मेरे बेटे को पकाकर हम ने खा लिया, फिर दूसरे दिन जब मैं ने इस से कहा कि अपना बेटा दे कि हम उसे खा लें, तब इस ने अपने बेटे को छिपा रखा।
- Ecclesiastes 10:15 सभोपदेशक 10:15मूर्ख को परिश्रम से थकावट ही होती है, यहां तक कि वह नहीं जानता कि नगर को कैसे जाए।।
- 1 Kings 3:26–27 1 राजा 3:26–27तब जीवित बालक की माता का मन अपने बेटे के स्नेह से भर आया, और उस ने राजा से कहा, हे मेरे प्रभु! जीवित बालक उसी को दे; परन्तु उसको किसी भांति न मार। दूसरी स्त्री ने कहा, वह न तो मेरा हो और न तेरा, वह दो टुकड़े किया जाए। तब राजा ने कहा, पहिली को जीवित बालक दो; किसी भांति उसको न पारो; क्योंकि उसकी माता वही है।
- Romans 1:31 रोमियों 1:31निर्बुद्धि, विश्वासघाती, मयारहित और निर्दय हो गए।
- Habakkuk 2:13 हबक्कूक 2:13देखो, क्या सेनाओं के यहोवा की ओर से यह नहीं होता कि देश देश के लोग परिश्रम तो करते हैं परन्तु वे आग का कौर होते हैं; और राज्य- राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ही ठहरता है?