John · chapter 21 · verse 17
John 21:17 in Hindi
उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।
Us ne teesaree baar us se kahaa, he shamaun, yoohannaa ke putraa, kyaa too mujh se preeti rakhataa hai? Pataras udaas huaa, ki us ne use teesaree baar aisaa kahaa; ki kyaa too mujh se preeti rakhataa hai? Aur us se kahaa, he prabhu, too to sab kuchh jaanataa hai: too yah jaanataa hai ki maim tujh se preeti rakhataa hoom: yeeshu ne us se kahaa, meree bhedom ko charaa.
John 21:17 in English
- King James Version (KJV)
- He saith unto him the third time, Simon, [son] of Jonas, lovest thou me? Peter was grieved because he said unto him the third time, Lovest thou me? And he said unto him, Lord, thou knowest all things; thou knowest that I love thee. Jesus saith unto him, Feed my sheep.
- World English Bible (WEB)
- He said to him the third time, “Simon, son of Jonah, do you have affection for me?” Peter was grieved because he asked him the third time, “Do you have affection for me?” He said to him, “Lord, you know everything. You know that I have affection for you.” Jesus said to him, “Feed my sheep.
- American Standard Version (ASV)
- He saith unto him the third time, Simon, [son] of John, lovest thou me? Peter was grieved because he said unto him the third time, Lovest thou me? And he said unto him, Lord, thou knowest all things; thou knowest that I love thee. Jesus saith unto him, Feed my sheep.
- Bible in Basic English (BBE)
- He said to him a third time, Simon, son of John, am I dear to you? Now Peter was troubled in his heart because he put the question a third time, Am I dear to you? And he said to him, Lord, you have knowledge of all things; you see that you are dear to me. Jesus said to him, Then give my sheep food.
- Darby Translation (DBY)
- He says to him the third time, Simon, [son] of Jonas, art thou attached to me? Peter was grieved because he said to him the third time, Art thou attached to me? and said to him, Lord, thou knowest all things; thou knowest that I am attached to thee. Jesus says to him, Feed my sheep.
- Webster's Bible (WBS)
- He saith to him the third time, Simon [son] of Jonas, lovest thou me? Peter was grieved, because he said to him the third time, Lovest thou me? And he said to him, Lord, thou knowest all things; thou knowest that I love thee. Jesus saith to him, Feed my sheep.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He saith to him the third time, 'Simon, [son] of Jonas, dost thou dearly love me?' Peter was grieved that he said to him the third time, 'Dost thou dearly love me?' and he said to him, 'Lord, thou hast known all things; thou dost know that I dearly love thee.' Jesus saith to him, 'Feed my sheep;
Read in context
- 15भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू इन से बढ़कर मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उस से कहा, हां प्रभु तू तो जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरे मेमनों को चरा।
- 16उस ने फिर दूसरी बार उस से कहा, हे शमौन यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उन से कहा, हां, प्रभु तू जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरी भेड़ों की रखवाली कर।
- 17उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।
- 18मैं तुझ से सच सच कहता हूं, जब तू जवान था, तो अपनी कमर बान्धकर जहां चाहता था, वहां फिरता था; परन्तु जब तू बूढ़ा होगा, तो अपने हाथ लम्बे करेगा, और दूसरा तेरी कमर बान्धकर जहां तू न चाहेगा वहां तुझे ले जाएगा।
- 19उस ने इन बातों से पता दिया कि पतरस कैसी मृत्यु से परमेश्वर की महिमा करेगा; और यह कहकर, उस से कहा, मेरे पीछे हो ले।
Cross references
- John 13:38 यूहन्ना 13:38यीशु ने उत्तर दिया, क्या तू मेरे लिये अपना प्राण देगा? मैं तुझ से सच सच कहता हूं कि मुर्ग बांग न देगा जब तक तू तीन बार मेरा इन्कार न कर लेगा।
- Mark 14:72 मरकुस 14:72तब तुरन्त दूसरी बार मुर्ग ने बांग दी: पतरस को यह बात जो यीशु ने उस से कही थी स्मरण आई, कि मुर्ग के दो बार बांग देने से पहिले तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा: वह इस बात को सोचकर रोने लगा।।
- John 16:30 यूहन्ना 16:30अब हम जान गए, कि तू सब कुछ जानता है, और तुझे प्रयोजन नहीं, कि कोई तुझ से पूछे, इस से हम प्रतीति करते हैं, कि तू परमेश्वर से निकला है।
- John 15:10 यूहन्ना 15:10यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूं।
- John 14:15 यूहन्ना 14:15यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।
- 2 Peter 1:12–15 2 पतरस 1:12–15इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा। और मैं यह अपने लिये उचित समझता हूं, कि जब तक मैं इस डेरे में हूं, तब तक तुम्हें सुधि दिलाकर उभारता रहूं। क्योंकि यह जानता हूं, कि मसीह के वचन के अनुसार मेरे डेरे के गिराए जाने का समय शीघ्र आनेवाला है। इसलिये मैं ऐसा यत्न करूंगा, कि मेरे कूच करने के बाद तुम इन सब बातों को सर्वदा स्मरण कर सको।
- Revelation 2:23 प्रकाशितवाक्य 2:23और मैं उसके बच्चों को मार डालंूगा; और तब सब कलीसियाएं जान लेंगी कि हृदय और मन का परखनेवाला मैं ही हूं: और मैं तुम में से हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला दूंगा।
- John 21:15–16 यूहन्ना 21:15–16भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू इन से बढ़कर मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उस से कहा, हां प्रभु तू तो जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरे मेमनों को चरा। उस ने फिर दूसरी बार उस से कहा, हे शमौन यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उन से कहा, हां, प्रभु तू जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरी भेड़ों की रखवाली कर।
- Acts 15:8 प्रेरितों के काम 15:8और मन के जांचनेवाले परमेश्वर ने उन को भी हमारी नाई पवित्रा आत्मा देकर उन की गवाही दी।
- John 18:27 यूहन्ना 18:27पतरस फिर इन्कार कर गया और तुरन्त मुर्ग ने बांग दी।।
- 1 John 3:16–24 1 यूहन्ना 3:16–24हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है। और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं। और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्रा यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें। और जो उस की आज्ञाओं को मानता है, वह इस में, और यह उस में बना रहता है: और इसी से, अर्थात् उस आत्मा से जो उस ने हमें दिया है, हम जानते हैं, कि वह हम में बना रहता है।।
- 2 Corinthians 1:12 2 कुरिन्थियों 1:12क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्रा परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्राता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।
Original words (Greek)
- saith · G3004λέγω légō
- him · G846αὐτός autós
- time · G5154τρίτος trítos
- Peter · G4074Πέτρος Pétros
- grieved · G3076λυπέω lypéō
- because · G3754ὅτι hóti
- said · G2036ἔπω épō
- him · G846αὐτός autós
- time · G5154τρίτος trítos
- thou · G5368φιλέω philéō
- me · G3165μέ mé
- And · G2532καί kaí
- said · G2036ἔπω épō
- him · G846αὐτός autós
- Lord · G2962κύριος kýrios
- thou · G4771σύ sý
- knowest · G1492εἴδω eídō
- things · G3956πᾶς pâs
- thou · G4771σύ sý
- knowest · G1097γινώσκω ginṓskō
- that · G3754ὅτι hóti
- love · G5368φιλέω philéō
- thee · G4571σέ sé
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- saith · G3004λέγω légō
- him · G846αὐτός autós