John · chapter 3 · verse 20
John 3:20 in Hindi
क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
Kyonki jo koee buraaee karataa hai, vah jyoti se bair rakhataa hai, aur jyoti ke nikat naheem aataa, aisaa na ho ki usake kaamom par dosh lagaayaa jaae.
John 3:20 in English
- King James Version (KJV)
- For every one that doeth evil hateth the light, neither cometh to the light, lest his deeds should be reproved.
- World English Bible (WEB)
- For everyone who does evil hates the light and doesn’t come to the light, lest his works would be exposed.
- American Standard Version (ASV)
- For every one that doeth evil hateth the light, and cometh not to the light, lest his works should be reproved.
- Bible in Basic English (BBE)
- The light is hated by everyone whose acts are evil and he does not come to the light for fear that his acts will be seen.
- Darby Translation (DBY)
- For every one that does evil hates the light, and does not come to the light that his works may not be shewn as they are;
- Webster's Bible (WBS)
- For every one that doeth evil hateth the light, neither cometh to the light, lest his deeds should be reproved.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for every one who is doing wicked things hateth the light, and doth not come unto the light, that his works may not be detected;
Read in context
- 18जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहरा चुका; इसलिये कि उस ने परमेश्वर के एकलौते पुत्रा के नाम पर विश्वास नहीं किया।
- 19और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे।
- 20क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
- 21परन्तु जो सच्चाई पर चलता हैख् वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।
- 22इस के बाद यीशु और उसके चेले यहूदिया देश में आए; और वह वहां उन के साथर रहकर बपतिस्मा देने लगा।
Cross references
- Ephesians 5:11–13 इफिसियों 5:11–13और अन्धकार के निष्फल कामों में सहभागी न हो, बरन उन पर उलाहना दो। क्योंकि उन के गुप्त कामों की चर्चा भी लाज की बात है। पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योंति है।
- John 7:7 यूहन्ना 7:7जगत तुम से बैर नहीं कर सकता, परन्तु वह मुझ से बैर करता है, क्योंकि मैं उसके विरोध में यह गवाही देता हूं, कि उसके काम बुरे हैं।
- Job 24:13–17 अय्यूब 24:13–17फिर कुछ लोग उजियाले से बैर रखते, वे उसके माग को नहीं पहचानते, और न उसके माग में बने रहते हैं। खूनी, पह फटते ही उठकर दीन दरिद्र मनुष्य को घात करता, और रात को चोर बन जाता है। व्यभिचारी यह सोचकर कि कोई मुझ को देखने न पाए, दिन डूबने की राह देखता रहता है, और वह अपना मुंह छिपाए भी रखता है। वे अन्धियारे के समय घरों में सेंध मारते और दिन को छिपे रहते हैं; वे उजियाले को जानते भी नहीं। इसलिये उन सभों को भोर का प्रकाश घोर अन्धकार सा जान पड़ता है, क्योंकि घोर अन्धकार का भय वे जानते हैं।
- Proverbs 4:18 नीतिवचन 4:18परन्तु धर्मियों की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है।
- Proverbs 1:29 नीतिवचन 1:29क्योंकि उन्हों ने ज्ञान से बैर किया, और यहोवा का भय मानना उनको न भाया।
- James 1:23–25 याकूब 1:23–25क्योंकि जो कोई वचन का सुननेवाला हो, और उस पर चलनेवाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है। इसलिये कि वह अपने आप को देखकर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था। पर जो व्यक्ति स्वतंत्राता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।
- 1 Kings 22:8 1 राजा 22:8इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, हां, यिम्ला का पुत्रा मीकायाह एक पुरूष और है जिसके द्वारा हम यहोेवा से पूछ सकते हैं? परन्तु मैं उस से घृणा रखता हूँ, क्योंकि वह मेरे विष्य कल्याण की नहीं वरन हानि ही की भविष्यद्वाणी करता है।
- Psalm 50:17 भजन संहिता 50:17तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जातना है।
- Proverbs 15:12 नीतिवचन 15:12ठट्ठा करनेवाला डांटे जाने से प्रसन्न नहीं होता, और न वह बुद्धिमानों के पास जाता है।
- Amos 5:10–11 आमोस 5:10–11जो सभा से उलाहना देता है उस से वे बैर रखते हैं, और खरी बात बोलनेवाले से घृणा करते हैं। तुम जो कंगालों को लताड़ा करते, और भेंट कहकर उस से अन्न हर लेते हो, इसलिये जो घर तुम ने गढ़े हुए पत्थरों के बनाए हैं, उन में रहने न पाओगे; और जो मनभावनी दाख की बारियां तुम ने लगाई हैं, उनका दाखमधु न पीने पाओगे।
- Proverbs 5:12 नीतिवचन 5:12मैं ने शिक्षा से कैसा बैर किया, और डांटनेवाले का कैसा तिरस्कार किया!
- Luke 11:45 लूका 11:45तब एक व्यवस्थापक ने उस को उत्तर दिया, कि हे गुरू, इन बातों के कहने से तू हमारी निन्दा करता है।