Proverbs · chapter 5 · verse 12
Proverbs 5:12 in Hindi
मैं ने शिक्षा से कैसा बैर किया, और डांटनेवाले का कैसा तिरस्कार किया!
Maim ne shikshaa se kaisaa bair kiyaa, aur daantanevaale kaa kaisaa tiraskaar kiyaa!
Proverbs 5:12 in English
- King James Version (KJV)
- And say, How have I hated instruction, and my heart despised reproof;
- World English Bible (WEB)
- and say, “How I have hated instruction, and my heart despised reproof.
- American Standard Version (ASV)
- And say, How have I hated instruction, And my heart despised reproof;
- Bible in Basic English (BBE)
- And you will say, How was teaching hated by me, and my heart put no value on training;
- Darby Translation (DBY)
- and thou say, How have I hated instruction, and my heart despised reproof!
- Webster's Bible (WBS)
- And say, How have I hated instruction, and my heart despised reproof;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And hast said, 'How have I hated instruction, And reproof hath my heart despised,
Read in context
- 10या पराए तेरी कमाई से अपना पेट भरें, और परेदशी मनुष्य तेरे परिश्रम का फल अपने घर में रखें;
- 11और तू अपने अन्तिम समय में जब कि तेरा शरीर क्षीण हो जाए तब यह कहकर हाय मारने लगे, कि
- 12मैं ने शिक्षा से कैसा बैर किया, और डांटनेवाले का कैसा तिरस्कार किया!
- 13मैं ने अपने गुरूओं की बातें न मानी और अपने सिखानेवालों की ओर ध्यान न लगाया।
- 14मैं सभा और मण्डली के बीच में प्राय: सब बुराइयों में जा पड़ा।।
Cross references
- Proverbs 12:1 नीतिवचन 12:1जो शिक्षा पाने में प्रीति रखता है वह ज्ञान से प्रीति रखता है, परन्तु जो डांट से बैर रखता, वह पशु सरीखा है।
- Proverbs 1:7 नीतिवचन 1:7यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है; बुद्धि और शिक्ष को मूढ़ ही लोग तुच्छ जानते हैं।।
- Proverbs 1:22 नीतिवचन 1:22हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे?
- Proverbs 1:25 नीतिवचन 1:25वरन तुम ने मेरी सारी सम्मति को अनसुनी किया, और मेरी ताड़ना का मूल्य न जाना;
- Proverbs 15:5 नीतिवचन 15:5मूढ़ अपने पिता की शिक्षा का तिरस्कार करता है, परन्तु जो डांट को मानता, वह चतुर हो जाता है।
- John 3:19–20 यूहन्ना 3:19–20और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
- Psalm 50:17 भजन संहिता 50:17तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जातना है।
- Jeremiah 44:4 यिर्मयाह 44:4तौभी मैं अपने सब दास भविष्यद्वक्ताओं को बड़े यत्न से यह कहने के लिये तुम्हारे पास भेजता रहा कि यह घृणित काम मत करो, जिस से मैं घृणा रखता हूँ।
- Zechariah 1:4–6 जकर्याह 1:4–6अपने पुरखाओं के समान न बनो, उन से तो अगले भविष्यद्वक्ता यह पुकार पुकारकर कहते थे कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, अपने बुरे मार्गों से, और अपने बुरे कामों से फिरो; परन्तु उन्हों ने न तो सुना, और न मेरी ओर ध्यान दिया, यहोवा की यही वाणी है। तुम्हारे पुरखा कहां रहे? और भविष्यद्वक्ता क्या सदा जीवित रहते हैं? परन्तु मेरे वचन और मेरी आज्ञाएं जिन को मैं ने अपने दास नबियों को दिया था, क्या वे तुम्हारे पुरखाओं पर पूरी न हुई? तब उन्हों ने मन फिराया और कहा, सेनाओं के यहोवा ने हमारे चालचलन और कामों के अनुसार हम से जैसा व्यवहार करने को कहा था, वैसा ही उस ने हम को बदला दिया है।।
- Proverbs 13:18 नीतिवचन 13:18जो शिक्षा को सुनी- अनसुनी करता वह निर्धन होता और अपमान पाता है, परन्तु जो डांट को मानता, उसकी महिमा होती है।
- Exodus 2:13–14 निर्गमन 2:13–14फिर दूसरे दिन बाहर जाकर उस ने देखा कि दो इब्री पुरूष आपस में मारपीट कर रहे हैं; उस ने अपराधी से कहा, तू अपने भाई को क्यों मारता है? उस ने कहा, किस ने तुझे हम लोगों पर हाकिम और न्यायी ठहराया? जिस भांति तू ने मिद्दी को घात किया क्या उसी भांति तू मुझे भी घात करना चाहता है? तब मूसा यह सोचकर डर गया, कि निश्चय वह बात खुल गई है।
- 2 Chronicles 25:16 2 इतिहास 25:16वह उस से कह ही रहा था कि उस ने उस से पूछा, क्या हम ने तुझे राजमन्त्री ठहरा दिया है? चुप रह! क्या तू मार खाना चाहता है? तब वह नबी यह कहकर चुप हो गया, कि मुझे मालूम है कि परमेश्वर ने तुझे नाश करने को ठाना है, क्योंकि तू ने ऐसा किया है और मेरी सम्मति नहीं मानी।