Psalms · chapter 66 · verse 18
Psalm 66:18 in Hindi
यदि मैं मन में अनर्थ बात सोचता तो प्रभु मेरी न सुनता।
Yadi maim man mem anarth baat sochataa to prabhu meree na sunataa.
Psalm 66:18 in English
- King James Version (KJV)
- If I regard iniquity in my heart, the Lord will not hear [me:]
- World English Bible (WEB)
- If I cherished sin in my heart, the Lord wouldn’t have listened.
- American Standard Version (ASV)
- If I regard iniquity in my heart, The Lord will not hear:
- Bible in Basic English (BBE)
- I said in my heart, The Lord will not give ear to me:
- Darby Translation (DBY)
- Had I regarded iniquity in my heart, the Lord would not hear.
- Webster's Bible (WBS)
- If I regard iniquity in my heart, the LORD will not hear [me] :
- Young's Literal Translation (YLT)
- Iniquity, if I have seen in my heart, The Lord doth not hear.
Read in context
- 16हे परमेश्वर के सब डरवैयों आकर सुनो, मैं बताऊंगा कि उस ने मेरे लिये क्या क्या किया है।
- 17मैं ने उसको पुकारा, और उसी का गुणानुवाद मुझ से हुआ।
- 18यदि मैं मन में अनर्थ बात सोचता तो प्रभु मेरी न सुनता।
- 19परन्तु परमेश्वर ने तो सुना है; उस ने मेरी प्रार्थना की ओर ध्यान दिया है।।
- 20धन्य है परमेश्वर, जिस ने न तो मेरी प्रार्थना अनसुनी की, और न मुझ से अपनी करूणा दूर कर दी है!
Cross references
- John 9:31 यूहन्ना 9:31हम जानते हैं कि परमेश्वर पापियों की नहीं सुनता परन्तु यदि कोई परमेश्वर का भक्त हो, और उस की इच्छा पर चलता है, तो वह उस की सुनता है।
- Proverbs 28:9 नीतिवचन 28:9जो अपना कान व्यवस्था सुनने से फेर लेता है, उसकी प्रार्थना घृणित ठहरती है।
- Proverbs 15:29 नीतिवचन 15:29यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धर्मियों की प्रार्थना सुनता है।
- Proverbs 15:8 नीतिवचन 15:8दुष्ट लोगों के बलिदान से यहोवा धृणा करता है, परन्तु वह सीधे लोगों की प्रार्थना से प्रसन्न होता है।
- Isaiah 1:15 यशायाह 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- James 4:3 याकूब 4:3तुम मांगते हो और पाते नहीं, इसलिये कि बुरी इच्छा से मांगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो।
- Proverbs 21:13 नीतिवचन 21:13जो कंगाल की दोहाई पर कान न दे, वह आप पुकारेगा और उसकी सुनी न जाएगी।
- Job 27:8–9 अय्यूब 27:8–9जब ईश्वर भक्तिहीन मनुष्य का प्राण ले ले, तब यद्यपि उस ने धन भी प्राप्त किया हो, तौभी उसकी क्या आशा रहेगी? जब वह संकट में पड़े, तब क्या ईश्वर उसकी दोहाई सुनेगा?
- Job 36:21 अय्यूब 36:21चौकस रह, अनर्थ काम की ओर मत फिर, तू ने तो देख से अधिक इसी को चुन लिया है।