John · chapter 5 · verse 30
John 5:30 in Hindi
मैं अपने आप से कुछ नहीं कर सकता; जैसा सुनता हूं, वैसा न्याय करता हूं, और मेरा न्याय सच्चा है; क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, परन्तु अपने भेजनेवाले की इच्छा चाहता हूं।
Maim apane aap se kuchh naheem kar sakataa; jaisaa sunataa hoom, vaisaa nyaay karataa hoom, aur meraa nyaay sachchaa hai; kyonki maim apanee ichchhaa naheem, parantu apane bhejanevaale kee ichchhaa chaahataa hoon.
John 5:30 in English
- King James Version (KJV)
- I can of mine own self do nothing: as I hear, I judge: and my judgment is just; because I seek not mine own will, but the will of the Father which hath sent me.
- World English Bible (WEB)
- I can of myself do nothing. As I hear, I judge; and my judgment is righteous, because I don’t seek my own will, but the will of my Father who sent me.
- American Standard Version (ASV)
- I can of myself do nothing: as I hear, I judge: and my judgment is righteous; because I seek not mine own will, but the will of him that sent me.
- Bible in Basic English (BBE)
- Of myself I am unable to do anything: as the voice comes to me so I give a decision: and my decision is right because I have no desire to do what is pleasing to myself, but only what is pleasing to him who sent me.
- Darby Translation (DBY)
- I cannot do anything of myself; as I hear, I judge, and my judgment is righteous, because I do not seek my will, but the will of him that has sent me.
- Webster's Bible (WBS)
- I can of my own self do nothing: as I hear, I judge: and my judgment is just; because I seek not my own will, but the will of the Father who hath sent me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'I am not able of myself to do anything; according as I hear I judge, and my judgment is righteous, because I seek not my own will, but the will of the Father who sent me.
Read in context
- 28इस से अचम्भा मत करो, क्योंकि वह समय आता है, कि जितने कब्रों में हैं, उसका शब्द सुनकर निकलेंगे।
- 29जिन्हों ने भलाई की है वे जीवन के पुनरूत्थान के लिये जी उठेंगे और जिन्हों ने बुराई की है वे दंड के पुनरूत्थान के लिये जी उठेंगे।
- 30मैं अपने आप से कुछ नहीं कर सकता; जैसा सुनता हूं, वैसा न्याय करता हूं, और मेरा न्याय सच्चा है; क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, परन्तु अपने भेजनेवाले की इच्छा चाहता हूं।
- 31यदि मैं आप ही अपनी गवाही दूं; तो मेरी गवाही सच्ची नहीं।
- 32एक और है जो मेरी गवाही देता है वह सच्ची है।
Cross references
- John 6:38 यूहन्ना 6:38क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, बरन अपने भेजनेवाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
- John 5:19 यूहन्ना 5:19इस पर यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, पुत्रा आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्रा भी उसी रीति से करता है।
- John 4:34 यूहन्ना 4:34यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजनेवाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं।
- John 14:10 यूहन्ना 14:10क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है।
- Matthew 26:39 मत्ती 26:39फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
- John 8:28 यूहन्ना 8:28तब यीशु ने कहा, कि जब तुम मनुष्य के पुत्रा को ऊंचे पर चढ़ाओगे, तो जानोगे कि मैं वही हूं, और अपने आप से कुछ नहीं करता, परन्तु जैसे पिता ने मुझे सिखाया, वैसे ही ये बातें कहता हूं।
- Psalm 40:7–8 भजन संहिता 40:7–8तब मैं ने कहा, देख, मैं आया हूं; क्योंकि पुस्तक में मेरे विषय ऐसा ही लिखा हुआ है। हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है।।
- John 8:15–16 यूहन्ना 8:15–16तुम शरीर के अनुसार न्याय करते हो; मैं किसी का न्याय नहीं करता। और यदि मैं न्याय करूं भी, तो मेरा न्याय सच्चा है; क्योंकि मैं अकेला नहीं, परन्तु मैं हूं, और पिता है जिस ने मुझे भेजा।
- Isaiah 11:3–4 यशायाह 11:3–4ओर उसको यहोवा का भय सुगन्ध सा भाएगा।। वह मुंह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा; परन्तु वह कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का निर्णय खाराई से करेगा; और वह पृथ्वी को अपने वचन के सोंटे से मारेगा, और अपने फूंक के झोंके से दुष्ट को मिटा डालेगा।
- Romans 15:3 रोमियों 15:3क्योंकि मसीह ने अपने आप को प्रसन्न नहीं किया, पर जैसा लिखा है, कि तेरे निन्दकों की निन्दा मुझ पर आ पड़ी।
- John 8:50 यूहन्ना 8:50परन्तु मैं अपनी प्रतिष्ठा नहीं चाहता, हां, एक तो है जो चाहता है, और न्याय करता है।
- John 17:4 यूहन्ना 17:4जो काम तू ने मुझे करने को दिया था, उसे पूरा करके मैं ने पृथ्वी पर तेरी महिमा की है।