Matthew · chapter 26 · verse 39
Matthew 26:39 in Hindi
फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
Phir vah thodaa aur aage badhakar munh ke bal giraa, aur yah praarthanaa karane lagaa, ki he mere pitaa, yadi ho sake, to yah katoraa mujh se tal jaae; taubhee jaisaa maim chaahataa hoom vaisaa naheem, parantu jaisaa too chaahataa hai vaisaa hee ho.
Matthew 26:39 in English
- King James Version (KJV)
- And he went a little further, and fell on his face, and prayed, saying, O my Father, if it be possible, let this cup pass from me: nevertheless not as I will, but as thou [wilt].
- World English Bible (WEB)
- He went forward a little, fell on his face, and prayed, saying, “My Father, if it is possible, let this cup pass away from me; nevertheless, not what I desire, but what you desire.”
- American Standard Version (ASV)
- And he went forward a little, and fell on his face, and prayed, saying, My Father, if it be possible, let this cup pass away from me: nevertheless, not as I will, but as thou wilt.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he went forward a little, and falling down on his face in prayer, he said, O my Father, if it is possible, let this cup go from me; but let not my pleasure, but yours be done.
- Darby Translation (DBY)
- And going forward a little he fell upon his face, praying and saying, My Father, if it be possible let this cup pass from me; but not as I will, but as thou [wilt].
- Webster's Bible (WBS)
- And he went a little further, and fell on his face, and prayed, saying, O my Father, if it is possible, let this cup pass from me: nevertheless, not as I will, but as thou [wilt] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- And having gone forward a little, he fell on his face, praying, and saying, 'My Father, if it be possible, let this cup pass from me; nevertheless, not as I will, but as Thou.'
Read in context
- 37और वह पतरस और जब्दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गया, और उदास और व्याकुल होने लगा।
- 38तब उस ने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो।
- 39फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
- 40फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके?
- 41जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है।
Cross references
- John 6:38 यूहन्ना 6:38क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, बरन अपने भेजनेवाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
- Philippians 2:8 फिलिप्पियों 2:8और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
- Luke 22:41–42 लूका 22:41–42और वह आप उन से अलग एक ढेला फेंकने के टप्पे भर गया, और घुटने टेककर प्रार्थना करने लगा। कि हे पिता यदि तू चाहे तो इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले, तौभी मेरी नहीं परन्तु तेरी ही इच्छा पूरी हो।
- Matthew 26:42 मत्ती 26:42फिर उस ने दूसरी बार जाकर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो।
- Hebrews 5:7 इब्रानियों 5:7उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।
- John 5:30 यूहन्ना 5:30मैं अपने आप से कुछ नहीं कर सकता; जैसा सुनता हूं, वैसा न्याय करता हूं, और मेरा न्याय सच्चा है; क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, परन्तु अपने भेजनेवाले की इच्छा चाहता हूं।
- Mark 14:35–36 मरकुस 14:35–36और वह थोड़ा आगे बढ़ा, और भूमि पर गिरकर प्रार्थना करने लगा, कि यदि हो सके तो यह घड़ी मुझ पर से टल जाए। और कहा, हे अब्बा, हे पिता, तुझ से सब कुछ हो सकता है; इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले: तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, पर जो तू चाहता है वही हो।
- John 12:27–28 यूहन्ना 12:27–28जब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्या कहूं? हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं। हे पिता अपने नाम की महिमा कर: तब यह आकाशवाणी हुई, कि मैं ने उस की महिमा की है, और फिर भी करूंगा।
- John 14:31 यूहन्ना 14:31परन्तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।।
- John 18:11 यूहन्ना 18:11तब यीशु ने पतरस से कहा, अपनी तलवार काठी में रख: जो कटोरा पिता ने मुझे दिया है क्या मैं उसे न पीऊं?
- John 11:41 यूहन्ना 11:41तब उन्हों ने उस पत्थर को हटाया, फिर यीशु ने आंखें उठाकर कहा, हे पिता, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं कि तू ने मेरी सुन ली है।
- Matthew 20:22 मत्ती 20:22यीशु ने उत्तर दिया, तुम नहीं जानते कि क्या मांगते हो? जो कटोरा मैं पीने पर हूं, क्या तुम पी सकते हो? उन्हों ने उस से कहा, पी सकते हैं।