John · chapter 8 · verse 43
John 8:43 in Hindi
तुम मेरी बात क्यों नहीं समझते? इसलिये कि मेरा वचन सुन नहीं सकते।
Tum meree baat kyom naheem samajhate? Isaliye ki meraa vachan sun naheem sakate.
John 8:43 in English
- King James Version (KJV)
- Why do ye not understand my speech? [even] because ye cannot hear my word.
- World English Bible (WEB)
- Why don’t you understand my speech? Because you can’t hear my word.
- American Standard Version (ASV)
- Why do ye not understand my speech? [Even] because ye cannot hear my word.
- Bible in Basic English (BBE)
- Why are my words not clear to you? It is because your ears are shut to my teaching.
- Darby Translation (DBY)
- Why do ye not know my speech? Because ye cannot hear my word.
- Webster's Bible (WBS)
- Why do ye not understand my speech? [even] because ye cannot hear my word.
- Young's Literal Translation (YLT)
- wherefore do ye not know my speech? because ye are not able to hear my word.
Read in context
- 41तुम अपने पिता के समान काम करते हो: उन्हों ने उस से कहा, हम व्यभिचार से नहीं जन्मे; हमारा एक पिता है अर्थात् परमेश्वर।
- 42यीशु ने उन से कहा; यदि परमेश्वर तुम्हारा पिता होता, तो तुम मुझ से प्रेम रखते; क्योंकि मैं परमेश्वर में से निकल कर आया हूं; मैं आप से नहीं आया, परन्तु उसी ने मुझे भेजा।
- 43तुम मेरी बात क्यों नहीं समझते? इसलिये कि मेरा वचन सुन नहीं सकते।
- 44तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, बरन झूठ का पिता है।
- 45परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते।
Cross references
- John 12:39–40 यूहन्ना 12:39–40इस कारण वे विश्वास न कर सके, क्योंकि यशायाह ने फिर भी कहा। कि उस ने उन की आंखें अन्धी, और उन का मन कठोर किया है; कहीं ऐसा न हो, कि आंखों से देखें, और मन से समझें, और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- Romans 8:7–8 रोमियों 8:7–8क्योंकि शरीर पर मन लगाना तो परमेश्वर से बैर रखना है, क्योंकि न तो परमेश्वर की व्यवस्था के अधीन है, और न हो सकता है। और जो शारीरिक दशा में है, वे परमेश्वर को प्रसन्न नहीं कर सकते।
- John 7:17 यूहन्ना 7:17यदि कोई उस की इच्छा पर चलना चाहे, तो वह इस उपदेश के विषय में जान जाएगा कि वह परमेश्वर की ओर से है, या मैं अपनी ओर से कहता हूं।
- John 5:43 यूहन्ना 5:43मैं अपने पिता के नाम से आया हूं, और तुम मुझे ग्रहण नहीं करते; यदि कोई और अपने ही नाम से आए, तो उसे ग्रहण कर लोगे।
- Proverbs 28:5 नीतिवचन 28:5बुरे लोग न्याय को नहीं समझ सकते, परन्तु यहोवा को ढूंढनेवाले सब कुछ समझते हैं।
- Jeremiah 6:10 यिर्मयाह 6:10मैं किस से बोलूं और किसको चिताकर कहूं कि वे मानें? देख, ये ऊंचा सुनते हैं, वे ध्यान भी नहीं दे सकते; देख, यहोवा के वचन की वे निन्दा करते और उसे नहीं चाहते हैं।
- Acts 7:51 प्रेरितों के काम 7:51जैसा तुम्हारे बाप दादे करते थे, वैसे ही तुम भी करते हो।
- John 6:60 यूहन्ना 6:60इसलिये उसके चेलों में से बहुतों ने यह सुनकर कहा, कि यह बात नागवार है; इसे कौन सुन सकता है?
- John 8:27 यूहन्ना 8:27वे न समझे कि हम से पिता के विषय में कहता है।
- Isaiah 6:9 यशायाह 6:9उस ने कहा, जा, और इन लोगों से कह, सुनते ही रहो, परन्तु न समझो; देखते ही रहो, परन्तु न बूझो।
- Isaiah 44:18 यशायाह 44:18क्योंकि उनकी आंखें ऐसी मून्दी गई हैं कि वे देख नहीं सकते; और उनकी बुद्धि ऐसी कि वे बूझ नहीं सकते।
- Micah 4:12 मीका 4:12परन्तु वे यहोवा की कल्पनाएं नहीं जानते, न उसकी युक्ति समझते हैं, कि वह उन्हें ऐसा बटोर लेगा जैसे खलिहान में पूले बटोरे जाते हैं।