Jonah · chapter 1 · verse 9
Jonah 1:9 in Hindi
उस ने उन से कहा, मैं इब्री हूं; और स्वर्ग का परमेश्वर यहोवा जिस ने जल स्थल दोनों को बनाया है, उसी का भय मानता हूं।
Us ne un se kahaa, maim ibree hoom; aur svarg kaa parameshvar yahovaa jis ne jal sthal donom ko banaayaa hai, usee kaa bhay maanataa hoon.
Jonah 1:9 in English
- King James Version (KJV)
- And he said unto them, I [am] an Hebrew; and I fear the LORD, the God of heaven, which hath made the sea and the dry [land].
- World English Bible (WEB)
- He said to them, “I am a Hebrew, and I fear the LORD, the God of heaven, who has made the sea and the dry land.”
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto them, I am a Hebrew; and I fear Jehovah, the God of heaven, who hath made the sea and the dry land.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to them, I am a Hebrew, a worshipper of the Lord, the God of heaven, who made the sea and the dry land.
- Darby Translation (DBY)
- And he said unto them, I am a Hebrew, and I fear Jehovah, the God of the heavens, who hath made the sea and the dry [land].
- Webster's Bible (WBS)
- And he said to them, I [am] a Hebrew; and I fear the LORD, the God of heaven, who hath made the sea and the dry [land] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he saith unto them, 'A Hebrew I [am], and Jehovah, God of the heavens, I am reverencing, who made the sea and the dry land.'
Read in context
- 7तब उन्हों ने आपस में कहा, आओ, हम चिट्ठी डालकर जान लें कि यह विपत्ति हम पर किस के कारण पड़ी है। तब उन्हों ने चिट्ठी डाली, और चिट्ठी योना के नाम पर निकली।
- 8तब उन्हों ने उस से कहा, हमें बता कि किस के कारण यह विपत्ति हम पर पड़ी है? तेरा उद्यम क्या है? और तू कहां से आया है? तू किस देश और किस जाति का है?
- 9उस ने उन से कहा, मैं इब्री हूं; और स्वर्ग का परमेश्वर यहोवा जिस ने जल स्थल दोनों को बनाया है, उसी का भय मानता हूं।
- 10तब वे निपट डर गए, और उस से कहने लगे, तू ने यह क्या किया है? वे जान गए थे कि वह यहोवा के सम्मुख से भाग आया है, क्योंकि उस ने आप ही उनको बता दिया था।।
- 11तब उन्हों ने उस से पूछा, हम तेरे साथ क्या करें जिस से समुद्र शान्त हो जाए? उस समय समुद्र की लहरें बढ़ती ही जाती थीं।
Cross references
- Psalm 146:5–6 भजन संहिता 146:5–6क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है। वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
- Psalm 136:26 भजन संहिता 136:26स्वर्ग के परमेश्वर का धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
- Psalm 95:5–6 भजन संहिता 95:5–6समुद्र उसका है, और उसी ने उसको बनाया, और स्थल भी उसी के हाथ का रख है।। आओ हम झुककर दण्डवत् करें, और अपने कर्ता यहोवा के साम्हने घुटने टेकें!
- Nehemiah 9:6 नहेमायाह 9:6तू ही अकेला यहोवा है; स्वर्ग वरन सब से ऊंचे स्वर्ग और उसके सब गण, और पृथ्वी और जो कुछ उस में है, और समुद्र और जो कुछ उस में है, सभों को तू ही ने बनाया, और सभों की रक्षा तू ही करता है; और स्वर्ग की समस्त सेना तुझी को दणडवत करती हैं।
- Nehemiah 1:4 नहेमायाह 1:4ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कहकर प्रार्थना करता रहा।
- Genesis 14:13 उत्पत्ति 14:13तब एक जन जो भागकर बच निकला था उस ने जाकर इब्री अब्राम को समाचार दिया; अब्राम तो एमोरी मम्रे, जो एश्कोल और आनेर का भाई था, उसके बांज वृक्षों के बीच में रहता था; और ये लोग अब्राम के संग वाचा बान्धे हुए थे।
- Daniel 2:18–19 दानिय्येल 2:18–19इस भेद के विषय में स्वर्ग के परमेश्वर की दया के लिये यह कह कर प्रार्थना करो, कि बाबुल के और सब पण्डितों के संग दानिय्येल और उसके संगी भी नाश न किए जाएं। तब वह भेद दानिय्येल को रात के समय दर्शन के द्वारा प्रगट किया गया। सो दानिय्येल ने स्वर्ग के परमेश्वर का यह कह कर धन्यवाद किया,
- Job 1:9 अय्यूब 1:9शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, क्या अरयूब परमेश्वर का भय बिना लाभ के मानता है?
- Acts 14:15 प्रेरितों के काम 14:15हम भी तो तुम्हारे समान दु:ख- सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्तुओं से अलग होकर जीवते परमेश्वर की ओर फिरो, जिस ने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
- Revelation 11:13 प्रकाशितवाक्य 11:13फिर उसी घड़ी एक बड़ा भुइंडोल हुआ, और नगर का दसवां अंश गिर पड़ा; और उस भुइंडोल से सात हजार मनुष्य मर गए और शेष डर गए, और स्वर्ग के परमेश्वर की महिमा की।।
- 2 Kings 17:32–35 2 राजा 17:32–35यों वे यहावा का भय मानते तो थे, परन्तु सब प्रकार के लोगों में से ऊंचे स्थानों के याजक भी ठहरा देते थे, जो ऊंचे स्थानों के भवनों में उनके लिये बलि करते थे। वे यहोवा का भय मानते तो थे, परन्तु उन जातियों की रीति पर, जिनके बीच से वे निकाले गए थे, अपने अपने देवताओं की भी उपासना करते रहे। आज के दिन तक वे अपनी पहिली रीतियों पर चलते हैं, वे यहोवा का भय नहीं मानते। न तो उपनी विधियों और नियमों पर और न उस रयवस्था और आज्ञा के अनुसार चलते हैं, जो यहोवा ने याकूब की सन्तान को दी थी, जिसका नाम उस ने इस्राएल रखा था। उन से यहोवा ने बाचा बान्धकर उन्हें यह आज्ञा दी थी, कि तुम पाराये देवताओं का भय न मानना और न उन्हें दणडवत करना और न उनकी उपासना करना और न उनको बलि चढ़ाना।
- 2 Kings 17:25 2 राजा 17:25जब वे वहां पहिले पहिले रहने लगे, तब यहोवा का भय न मानते थे, इस कारण यहोवा ने उनके बीच सिंह भेजे, जो उनको मार डालने लगे।