Jonah · chapter 4 · verse 11
Jonah 4:11 in Hindi
फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिस में एक लाख बीस हजार से अधिम मनुष्य हैं, जो अपने दहिने बाएं हाथों का भेद नहीं पहिचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उस में रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊं?
Phir yah badaa nagar neenave, jis mem ek laakh bees hajaar se adhim manushy haim, jo apane dahine baaem haathom kaa bhed naheem pahichaanate, aur bahut ghareloo pashu bhee us mem rahate haim, to kyaa maim us par taras na khaaoom?
Jonah 4:11 in English
- King James Version (KJV)
- And should not I spare Nineveh, that great city, wherein are more than sixscore thousand persons that cannot discern between their right hand and their left hand; and [also] much cattle?
- World English Bible (WEB)
- Shouldn’t I be concerned for Nineveh, that great city, in which are more than one hundred twenty thousand persons who can’t discern between their right hand and their left hand, and also many animals?”
- American Standard Version (ASV)
- and should not I have regard for Nineveh, that great city, wherein are more than sixscore thousand persons that cannot discern between their right hand and their left hand; and also much cattle?
- Bible in Basic English (BBE)
- And am I not to have mercy on Nineveh, that great town, in which there are more than a hundred and twenty thousand persons without the power of judging between right and left, as well as much cattle?
- Darby Translation (DBY)
- and I, should not I have pity on Nineveh, the great city, wherein are more than a hundred and twenty thousand persons that cannot discern between their right hand and their left hand; and also much cattle?
- Webster's Bible (WBS)
- And should not I spare Nineveh, that great city, in which are more than a hundred and twenty thousand persons that cannot discern between their right hand and their left hand, and [also] many cattle?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and I — have not I pity on Nineveh, the great city, in which there are more than twelve myriads of human beings, who have not known between their right hand and their left — and much cattle!'
Read in context
- 9परमेश्वर ने योना से कहा, तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है? उस ने कहा, हां, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता।
- 10तब यहोवा ने कहा, जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तू ने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नाश भी हुआ; उस पर तू ने तरस खाई है।
- 11फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिस में एक लाख बीस हजार से अधिम मनुष्य हैं, जो अपने दहिने बाएं हाथों का भेद नहीं पहिचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उस में रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊं?
Cross references
- Matthew 18:33 मत्ती 18:33सो जैसा मैं ने तुझ पर दया की, वैसे ही क्या तुझे भी अपने संगी दास पर दया करना नहीं चाहिए था?
- Luke 15:28–32 लूका 15:28–32यह सुनकर वह क्रोध से भर गया, और भीतर जाना न चाहा: परन्तु उसका पिता बाहर आकर उसे मनाने लगा। उस ने पिता को उत्तर दिया, कि देख; मैं इतने वर्ष से तरी सेवा कर रहा हूं, और कभी भी तेरी आज्ञा नहीं टाली, तौभी तू ने मुझे कभी एक बकरी का बच्चा भी न दिया, कि मैं अपने मित्रों के साथ आनन्द करता। परन्तु जब तेरा यह पुत्र, जिस ने तेरी संपत्ति वेश्याओं में उड़ा दी है, आया, तो उसके लिये तू ने पला हुआ बछड़ा कटवाया। उस ने उस से कहा; पुत्र, तू सर्वदा मेरे साथ है; और जो कुछ मेरा है वह सब तेरा ही है। परन्तु अब आनन्द करना और मगन होना चाहिए क्योंकि यह तेरा भाई मर गया था फिर जी गया है; खो गया था, अब मिल गया है॥
- Psalm 36:6 भजन संहिता 36:6तेरा धर्म ऊंचे पर्वतों के समान है, तेरे नियम अथाह सागर ठहरे हैं; हे यहोवा तू मनुष्य और पशु दोनों की रक्षा करता है।।
- Psalm 145:8–9 भजन संहिता 145:8–9यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करनेवाला और अति करूणामय है। यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।।
- Jonah 1:2 योना 1:2उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरूद्ध प्रचार कर; क्योंकि उसकी बुराई मेरी दृष्टि में बढ़ गई है।
- Deuteronomy 1:39 व्यवस्थाविवरण 1:39फिर तुम्हारे बालबच्चे जिनके विषय में तुम कहते हो, कि ये लूट में चले जाएंगे, और तुम्हारे जो लड़केबाले अभी भले बुरे का भेद नहीं जानते, वे वहाँ प्रवेश करेंगे, और उनको मैं वह देश दूँगा, और वे उसके अधिकारी होंगे।
- Psalm 104:14 भजन संहिता 104:14तू पशुओं के लिये घास, और मनुष्यों के काम के लिये अन्नादि उपजाता है, और इस रीति भूमि से वह भोजन- वस्तुएं उत्पन्न करता है,
- Isaiah 1:18 यशायाह 1:18यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।
- Psalm 145:15–16 भजन संहिता 145:15–16सभों की आंखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उनको आहार समय पर देता है। तू अपनी मुट्ठी खोलकर, सब प्राणियों को आहार से तृप्त करता है।
- Psalm 104:27–28 भजन संहिता 104:27–28इन सब को तेरा ही आसरा है, कि तू उनका आहार समय पर दिया करे। तू उन्हें देता हे, वे चुन लेते हैं; तू अपनी मुट्ठी खोलता है और वे उत्तम पदार्थों से तृप्त होते हैं।
- Jonah 3:2–3 योना 3:2–3उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूंगा, उसका उस में प्रचार कर। तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा लगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था।
Original words (Hebrew)
- spare · H2347חוּס chûwç
- Nineveh · H5210נִינְוֵה Nîynᵉvêh
- great · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- city · H5892עִיר ʻîyr
- are · H3426יֵשׁ yêsh
- more · H7235רָבָה râbâh
- sixscore · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- thousand · H7239רִבּוֹ ribbôw
- persons · H120אָדָם ʼâdâm
- discern · H3045יָדַע yâdaʻ
- hand · H3225יָמִין yâmîyn
- hand · H8040שְׂמֹאול sᵉmôʼwl
- much · H7227רַב rab
- cattle · H929בְּהֵמָה bᵉhêmâh